जापानी पीएम का शानदार स्वागत, मोदी के साथ खुली जीप में किया रोड शो
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एयरपोर्ट से निकलने बाद दोनों नेताओं ने साबरमती आश्रम तक आठ किलोमीटर तक सांस्कृतिक रोड शो किया। रोड शो के दौरान लोगों की भीड़ ने हाथ हिलाकर दोनों नेताओं का अभिवादन किया।
रोड शो के दौरान विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। साबरमती आश्रम पहुंचने के बाद जापानी पीएम शिंजो अबे और उनकी पत्नी ने महात्मा गांधी की मूर्ति पर पुष्पांजलि दी। इसके बाद दोनों नेता साबरमती के किनारे पर भी गए। जापानी पीएम और उनकी पत्नी ने विजिटर बुक में हस्ताक्षर भी किए। इसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी अपने समकक्ष अबे के साथ सिद्दी सैयद मस्जिद पहुंचे।
LIVE UPDATES:
-साबरमती का दौरा करने के बाद शिंजो अबे पीएम मोदी के साथ अहमदाबाद की सीदी सैयद मस्जिद पहुंचे।
PM Modi, Japanese PM Shinzo Abe & his wife Akie Abe at 'Sidi Saiyyid Ni Jaali’, the famous 16th century mosque in Ahmedabad pic.twitter.com/Rx8Y14R9YD
— ANI (@ANI) September 13, 2017
भारत के रंग में रंगे जापानी पीएम
रोड शो के दौरान जापान के पीएम शिंजो अबे पूरी तरह से भारतीय रंग में रंगे आए। अबे ने कुर्ते के साथ नीले रंग की हॉफ जैकेट पहनी हुई थी। उनकी पत्नी अकी अबे ने भी भारतीय पारंपरिक परिधान पहने हुए थे।
रोड शो के दौरान अबे की पत्नी इस रंगारंग स्वागत की तस्वीरें अपने मोबाइल में सहेजती दिखाई दीं। यह पहली बार है देश के पीएम के साथ किसी भी देश के पीएम ने रोड शो में हिस्सा लिया है।
देश में पहली बुलेट ट्रेन परियोजना की रखेंगे नींव
दोनों नेताओं का अगले दो दिन का व्यस्त कार्यक्रम है। जापानी पीएम बृहस्पतिवार को मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलने वाली देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना की नींव रखेंगे।
इसके बाद जापानी पीएम 12वें भारत-जापान सम्मेलन में शामिल होंगे। सम्मेलन में कई जापानी कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इसमें कंपनियों की तरफ से गुजरात में होने वाले संभावित निवेशों की घोषणा की जाएगी।
वीडियोः कुछ ऐसे किया पीएम मोदी ने शिंजो अबे का स्वागत
#WATCH LIVE: PM Narendra Modi to receive Japanese PM Shinzo Abe at Ahmedabad Airport, shortly https://t.co/F0IxPk3U4L
— ANI (@ANI) September 13, 2017
पीएम मोदी अपने खास मेहमान की मेहमानवाजी में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। ऐसे में मोदी-शिंजो अबे का डिनर भी खास होने वाला है। शिंजो अबे इस डिनर पार्टी में अपनी पत्नी अकी के साथ शामिल होंगे।
ये डिनर पार्टी अहमदाबाद के प्रसिद्ध अगासिया रेस्त्रां के टेरिस पर होगी। यहां खुली छत के नीचे विश्व की दो बड़ी शख्सियतें भारत-जापान की दोस्ती की मिसाल पेश करेंगी।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिंजो अबे 14 सितंबर को बुलेट ट्रेन का शिलान्यास करेंगे। इस मौके पर अबे दो दिनों के लिए पीएम मोदी के गृह राज्य गुजरात का दौरे पर रहेंगे।
वहीं इस मौके पर दोनों नेता साबरमती आश्रम तक रोड शो भी करेंगे।
बता दें कि, यह दूसरा मौका होगा जब पीएम मोदी किसी विदेशी नेता के साथ गांधीनगर में मुलाकात करेंगे। इससे पहले उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से सितंबर 2014 में मुलाकात की थी। जिस वक्त चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग गांधीनगर आए थे, उस समय चुमार विवाद चल रहा था।
पढ़ें: अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेनः समुद्र के नीचे दौड़ेगी 7 किलोमीटर, दो घंटे में पूरी होगी 508KM दूरी
भारत में कल रखी जाएगी बुलेट ट्रेन की बुनियाद
समय से पहले पूरी होगी
तय योजना के अनुसार 2023 में पहली बुलेट ट्रेन दौड़ने वाली थी लेकिन अब इसे आजादी की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर 15 अगस्त, 2022 को ही देश को समर्पित कर दिया जाएगा।
ये हैं बुलेट ट्रेन के बारे में खास बातें
-लंबाई: 508 किमी
-औसत रफ्तार: 250 किमी प्रति घंटा
-उच्चतम रफ्तार: 320 किमी प्रति घंटा
-यात्रा समय : दो घंटे (मौजूदा ट्रेनें: 7 घंटे)
-किराया: 3-5 हजार रुपये
-लागत 1.1 लाख करोड़ रुपये
-81 फीसदी (90 हजार करोड़) जापान से ऋण
-0.1 फीसदी के मामूली ब्याज पर
-15 साल के बाद पुनर्भुगतान शुरू
-50 साल में चुकाना है ऋण
-20 हजार कंस्ट्रक्शन रोजगार
-20 हजार अप्रत्यक्ष रोजगार
-750 लोग एक बार में करेंगे सफर
-36 हजार लोग रोज करेंगे सफर
उत्तम टेक्नोलॉजी
भारतीय रेलवे और जापान की शिंकानसेन टेक्नोलॉजी की संयुक्त परियोजना। शिंकानसेन के पास हाई स्पीड रेल संचालन का 50 साल का अनुभव है और उसका ट्रैक रिकॉर्ड बेदाग रहा है। एक मिनट से भी कम विलंब और हादसे में किसी की मौत नहीं।
सबसे लंबी सुरंग
508 किमी लंबे इस इस रेल मार्ग का 460 किमी एलिवेटेड, 27 किमी सुरंग जिसका कुछ हिस्सा समुद्र के अंदर और 13 किमी जमीन पर होगा। यह ट्रेन देश की सबसे लंबी सुरंग को पार करेगी जिसका दो किमी हिस्सा समुद्र के अंदर होगा। पहली बार कोई ट्रेन समुद्र के अंदर बने टनल से गुजरेगी।
12 स्टेशन
मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलीमोरा, सूरत, भरूच, वड़ोदरा, आणंद, अहमदाबाद और साबरमती
(इनमें सिर्फ मुंबई स्टेशन भूमिगत होगा)
दो तरह की सेवाएं
रैपिड ट्रेन सूरत और वड़ोदरा में ही ठहरेगी और दो घंटे सात मिनट में पहुंचेगी, जबकि 10 स्टेशनों पर रुकने वाली दूसरी सेवा दो घंटे 58 मिनट में मुंबई से अहमदाबाद की दूरी तय करेगी। बुलेट ट्रेन रोज इस रूट पर 35 फेरे लगाएगी। पीक टाइम में हर घंटे तीन ट्रेनें और सामान्य समय में हर घंटे में दो ट्रेनें चलाई जाएंगी।
कतार में कई देश के कई शहर
मुंबई-अहमदाबाद के बाद दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-कोलकाता, मुंबई-चेन्नई, दिल्ली-चंडीगढ़, मुंबई-नागपुर और दिल्ली-नागपुर के बीच भी हाई स्पीड रेल नेटवर्क बनाने की योजना है। दिल्ली-कोलकाता के बीच बुलेट ट्रेन चली तो यह दूरी छह घंटे में पूरी हो जाएगी।
एक मार्च, 1969 को दिल्ली से हावड़ा तक पहली राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई गई थी। 24 घंटे के इस सफर को 17 घंटे में पूरा किया जाने लगा। अब देश में शताब्दी, दूरंतो और गतिमान एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें हैं जिनकी अधिकतम रफ्तार 160 किमी प्रति घंटा है।
दुनिया के 15 देशों में हाई स्पीड रेल सेवा संचालित की जा रही है। इनमें चीन की मैगलेव दुनिया की सबसे तेज गति से चलने वाली ट्रेन है। इसकी अधिकतम गति 430 किमी प्रति घंटा है।