{"_id":"62cbd0f98c97ca01c0476026","slug":"pm-narendra-modi-unveiled-the-bronze-national-emblem-cast-on-the-roof-of-the-new-parliament-building","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ashoka Stambh: नए संसद भवन की छत पर लगा विशाल अशोक स्तंभ, पीएम मोदी ने किया अनावरण","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Ashoka Stambh: नए संसद भवन की छत पर लगा विशाल अशोक स्तंभ, पीएम मोदी ने किया अनावरण
Mon, 11 Jul 2022 11:20 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Mon, 11 Jul 2022 11:20 PM IST
सार
नए संसद भवन की छत पर बने विशाल अशोक स्तंभ का वजन 9500 किलोग्राम है और इसकी ऊंचाई 6.5 मीटर है।
विज्ञापन
पीएम मोदी
- फोटो : PIB
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नए संसद भवन की छत पर विशाल अशोक स्तंभ का अनावरण किया। राष्ट्रीय प्रतीक 9500 किलोग्राम के कुल वजन के साथ कांस्य से बना है और इसकी ऊंचाई 6.5 मीटर है। इसके बाद पीएम मोदी ने इस ढाचें को समय पर तैयार करने वाले मजदूरों के साथ बातचीत की। पीएमओ के सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नई संसद के काम में शामिल 'श्रमजीवियों' से बात की और उनके स्वास्थ्य और कुशलक्षेम के बारे में जानकारी ली। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप पुरी भी मौजूद थे।
विज्ञापन
हालांकि, माकपा और एआईएमआईएम जैसे विपक्षी दलों ने मोदी द्वारा किए गए अनावरण की आलोचना करते हुए कहा कि यह संविधान का उल्लंघन है जो कार्यपालिका और विधायिका के बीच अधिकारों का विभाजन करता है।
विज्ञापन
राष्ट्रीय प्रतीक लगाने का काम आठ अलग-अलग चरणों में
नए संसद भवन की छत पर राष्ट्रीय प्रतीक लगाने का काम आठ अलग-अलग चरणों से पूरा किया गया। इसमें मिट्टी से मॉडल बनाने से लेकर कंप्यूटर ग्राफिक तैयार करना और कांस्य निर्मित आकृति को पॉलिश करना शामिल है।
विज्ञापन
नए संसद भवन में शीतकालीन सत्र आयोजित करने की कोशिश: ओम बिरला
इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि नया संसद भवन अक्टूबर-नवंबर 2022 तक समय पर पूरा होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि हम इस साल नए संसद भवन में शीतकालीन सत्र आयोजित करने की कोशिश करेंगे। युद्धस्तर पर तैयारी चल रही है। निर्माण समयसीमा में केवल सात दिन का अंतराल है, जिसे कवर किया जा सकता है। हमने परियोजना को पूरा करने के लिए अक्तूबर-नवंबर का अनुमान दिया था और मुझे बहुत उम्मीद है कि 2022 का शीतकालीन सत्र नए हरित भवन में आयोजित किया जाएगा।
राष्ट्रीय प्रतीक की खासियत
- देश के विभिन्न हिस्सों के 100 से अधिक कारीगरों और शिल्पकारों ने तैयार किया
- राष्ट्रीय प्रतीक के निर्माण के लिए नौ महीने से अधिक समय तक काम किया गया
- उच्च शुद्धता वाले कांस्य से बने प्रतीक को जमीन से 33 मीटर ऊपर स्थापित किया गया
- कांस्य से बने इस प्रतीक की ऊंचाई 6.5 मीटर हैं और इसे सहारा देने वाले ढांचे समेत इसका वजन 16,000 किलोग्राम है
- 9,500 किलोग्राम वजन का राष्ट्रीय प्रतीक और इसे सहारा देने वाला 6,500 किलोग्राम वजनी ढांचा है।