{"_id":"635b52ddec47f27ac42aef83","slug":"pm-narendra-modi-to-address-chintan-shivir-of-home-ministers-of-states-today-via-video-conferencing","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chintan Shivir: चिंतन शिविर का दूसरा दिन, स्टेट होम मिनिस्टर्स की बैठक को PM मोदी करेंगे संबोधित","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Chintan Shivir: चिंतन शिविर का दूसरा दिन, स्टेट होम मिनिस्टर्स की बैठक को PM मोदी करेंगे संबोधित
Fri, 28 Oct 2022 11:12 PM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Fri, 28 Oct 2022 11:12 PM IST
सार
पुलिस बलों के आधुनिकीकरण, साइबर अपराध प्रबंधन, आपराधिक न्याय प्रणाली में आईटी के बढ़ते उपयोग, भूमि सीमा प्रबंधन, तटीय सुरक्षा, महिला सुरक्षा, मादक पदार्थों की तस्करी जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श इस शिविर के दौरान किया जा रहा है।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा के सूरजकुंड में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को संबोधित करेंगे। महिलाओं की सुरक्षा, साइबर अपराध रोकने, तटीय सुरक्षा सुनिश्चित, आंतरिक सुरक्षा आदि के मुद्दों पर चल रहे शिविर की अध्यक्षता गृह मंत्री अमित शाह कर रहे हैं।
राज्यों के गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और केंद्रीय पुलिस संगठनों के महानिदेशक चिंतन शिविर में हिस्सा ले रहे हैं। पीएमओ के बयान के अनुसार, गृह मंत्रियों का चिंतन शिविर आंतरिक सुरक्षा से संबंधित मामलों पर नीति निर्माण को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य प्रदान करने का एक प्रयास है। सहकारी संघवाद की भावना से शिविर, केंद्र और राज्य स्तर पर विभिन्न हितधारकों के बीच योजना और समन्वय में अधिक तालमेल लाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को हरियाणा के सूरजकुंड में 'चिंतन शिविर' को संबोधित किया।अमित शाह ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरणा लेकर इस चिंतन शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जो देश के सामने साइबर अपराध, नशीले पदार्थों के प्रसार और सीमा पार आतंकवाद जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगा। आठ राज्यों के मुख्यमंत्री, 16 राज्यों के गृह मंत्री और उपमुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर इलाके विकास के आकर्षण के केंद्र बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपराधों की प्रकृति बदल रही है और वे सीमाहीन होते जा रहे हैं। इसलिए सभी राज्यों को एक समान रणनीति बनाकर इन चुनौतियों से लड़ना होगा।
विज्ञापन
इस शिविर में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, केरल, असम, गोवा, उत्तराखंड, सिक्किम, मणिपुर और त्रिपुरा के मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया। इन सभी के पास अपने-अपने राज्यों का गृह मंत्रालय का प्रभार है। इसके अलावा महाराष्ट्र और नागालैंड के उपमुख्यमंत्री, राजस्थान के राज्यपाल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, गुजरात, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, ओडिशा, तेलंगाना के गृहमंत्री, झारखंड के वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस के भाषण में घोषित 'विजन 2047' और 'पंच प्राण' के कार्यान्वयन के लिए एक कार्य योजना तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
विज्ञापन
राज्यों के गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और केंद्रीय पुलिस संगठनों के महानिदेशक चिंतन शिविर में हिस्सा ले रहे हैं। पीएमओ के बयान के अनुसार, गृह मंत्रियों का चिंतन शिविर आंतरिक सुरक्षा से संबंधित मामलों पर नीति निर्माण को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य प्रदान करने का एक प्रयास है। सहकारी संघवाद की भावना से शिविर, केंद्र और राज्य स्तर पर विभिन्न हितधारकों के बीच योजना और समन्वय में अधिक तालमेल लाएगा।
विज्ञापन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को हरियाणा के सूरजकुंड में 'चिंतन शिविर' को संबोधित किया।अमित शाह ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरणा लेकर इस चिंतन शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जो देश के सामने साइबर अपराध, नशीले पदार्थों के प्रसार और सीमा पार आतंकवाद जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगा। आठ राज्यों के मुख्यमंत्री, 16 राज्यों के गृह मंत्री और उपमुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर इलाके विकास के आकर्षण के केंद्र बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपराधों की प्रकृति बदल रही है और वे सीमाहीन होते जा रहे हैं। इसलिए सभी राज्यों को एक समान रणनीति बनाकर इन चुनौतियों से लड़ना होगा।
विज्ञापन
इस शिविर में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, केरल, असम, गोवा, उत्तराखंड, सिक्किम, मणिपुर और त्रिपुरा के मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया। इन सभी के पास अपने-अपने राज्यों का गृह मंत्रालय का प्रभार है। इसके अलावा महाराष्ट्र और नागालैंड के उपमुख्यमंत्री, राजस्थान के राज्यपाल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, गुजरात, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, ओडिशा, तेलंगाना के गृहमंत्री, झारखंड के वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस के भाषण में घोषित 'विजन 2047' और 'पंच प्राण' के कार्यान्वयन के लिए एक कार्य योजना तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।