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समय पर ही होंगे लोकसभा चुनाव?: पीएम मोदी ने कहा- अभी तो चुनाव दूर हैं, कौन-कहां बैठेगा, यह व्यवहार तय करेगा
Tue, 19 Sep 2023 04:04 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Tue, 19 Sep 2023 04:04 PM IST
सार
पीएम मोदी ने सांसदों को हिदायत देते हुए कहा, "हमारा भाव जैसा होता है, वैसे ही कुछ घटित होता है। यद् भावं तद भवति...! मुझे विश्वास है कि भावना भीतर जो होगी, हम भी वैसे ही भीतर बनते जाएंगे। भवन बदला है, भाव भी बदलना चाहिए, भावनाएं भी बदलनी चाहिए।
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पीएम मोदी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नए संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र ने पहली बार सांसदों को संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर बड़ा संकेत दिया। दरअसल, पीएम ने कहा कि अभी चुनाव दूर हैं और हमें बचे समय में अपने व्यवहार को देखने की जरूरत है। इसी के साथ पीएम ने सांसदों को संदेश किया कि जैसे संसद भवन बदला है, वैसे ही भाव भी बदलने चाहिए।
क्या रहा पीएम मोदी का पूरा बयान?
''अभी चुनाव तो दूर हैं और संसद के इस मौजूदा कार्यकाल में जितना समय हमारे पास बचा है, मैं पक्का मानता हूं कि यहां जो जैसा व्यवहार करेगा, वह यह निर्धारत करेगा कि कौन यहां बैठेगा (सत्ता पक्ष), कौन वहां बैठेगा (विपक्ष)। जो वहां (विपक्ष में) बैठे रहना चाहता है, उसका व्यवहार क्या होगा, इसका फर्क आने वाले समय में देश देखेगा।''
पीएम मोदी ने सांसदों को हिदायत देते हुए कहा, "हमारा भाव जैसा होता है, वैसे ही कुछ घटित होता है। यद् भावं तद भवति...! मुझे विश्वास है कि भावना भीतर जो होगी, हम भी वैसे ही भीतर बनते जाएंगे। भवन बदला है, भाव भी बदलना चाहिए, भावनाएं भी बदलनी चाहिए।
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'संसद दलहित की जगह नहीं'
उन्होंने कहा, "संसद राष्ट्रसेवा का स्थान है। यह दलहित के लिए नहीं है। हमारे संविधान निर्माताओं ने इतनी पवित्र संस्था का निर्माण दलहित के लिए नहीं, देशहित के लिए किया है। नए भवन में हम सभी अपनी वाणी, विचार, आचार से संविधान की आत्मा के अनुसार काम करें। हमारा पूरा प्रयास रहेगा और मैं चाहूंगा कि सदन के नेता के नाते हम सभी सांसद आपकी आशा-अपेक्षा पर खरे उतरें और अनुशासन का पालन करें।"
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क्या रहा पीएम मोदी का पूरा बयान?
''अभी चुनाव तो दूर हैं और संसद के इस मौजूदा कार्यकाल में जितना समय हमारे पास बचा है, मैं पक्का मानता हूं कि यहां जो जैसा व्यवहार करेगा, वह यह निर्धारत करेगा कि कौन यहां बैठेगा (सत्ता पक्ष), कौन वहां बैठेगा (विपक्ष)। जो वहां (विपक्ष में) बैठे रहना चाहता है, उसका व्यवहार क्या होगा, इसका फर्क आने वाले समय में देश देखेगा।''
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पीएम मोदी ने सांसदों को हिदायत देते हुए कहा, "हमारा भाव जैसा होता है, वैसे ही कुछ घटित होता है। यद् भावं तद भवति...! मुझे विश्वास है कि भावना भीतर जो होगी, हम भी वैसे ही भीतर बनते जाएंगे। भवन बदला है, भाव भी बदलना चाहिए, भावनाएं भी बदलनी चाहिए।
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'संसद दलहित की जगह नहीं'
उन्होंने कहा, "संसद राष्ट्रसेवा का स्थान है। यह दलहित के लिए नहीं है। हमारे संविधान निर्माताओं ने इतनी पवित्र संस्था का निर्माण दलहित के लिए नहीं, देशहित के लिए किया है। नए भवन में हम सभी अपनी वाणी, विचार, आचार से संविधान की आत्मा के अनुसार काम करें। हमारा पूरा प्रयास रहेगा और मैं चाहूंगा कि सदन के नेता के नाते हम सभी सांसद आपकी आशा-अपेक्षा पर खरे उतरें और अनुशासन का पालन करें।"