'देश के कोने-कोने में बैठा हर व्यक्ति चौकीदार है', पढ़िए प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन की बड़ी बातें
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार शाम को 'मैं भी चौकीदार' अभियान के तहत 500 जगहों पर लोगों से विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये संवाद कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में भाजपा के सांसद, मंत्री और विधायकों ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान पीएम मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वह एक चौकीदार के रूप में देश के लिए काम कर रहे हैं। यहां उन्होंने विपक्ष पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का मानना है कि जो यूनिफॉर्म पहनते हैं और जिनके गले में सीटी होती है वही चौकीदार हैं लेकिन वास्तव में जो भी पूरी कर्मठता के साथ देश की सेवा में लगा हुआ है वे सभी लोग चौकीदार हैं। प्रधानमंत्री के संबोधन की बड़ी बातें...
- आज देशभर में करीब 500 से अधिक जगहों पर इसी प्रकार से देश के लिए कुछ कर गुजरने वाले, देश के सम्मान में ही अपना गर्व अनुभव करने वाले लाखों लोगों से तकनीक के माध्यम से मुझे मिलने का सौभाग्य मिला है।
- मुझे विश्वास है कि देश की जनता चौकादारी को पसंद करती है। देश की जनता को राजा-महाराजाओं की जरूरत नहीं है और इसलिए मुझे खुशी है कि चौकादारी का भाव निरंतर विस्तार होता जा रहा है।
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- चौकीदार न कोई व्यवस्था है, न कोई यूनिफॉर्म की पहचान है न कोई चौखट में बंधा है। चौकीदार एक आत्मा है, एक भावना है। एक चौकीदार के रूप में मैं अपने दायित्व को निभाने का पूरा प्रयास कर रहा हूं।
- साल 2014 में भाजपा ने मुझे दायित्व दिया उसके बाद मुझे देश के कोने कोने में जाने का मौका मिला। तब मैंने देश के लोगों से कहा था कि आप दिल्ली का दायित्व जो मुझे दे रहे हैं उसका मतलब है कि आप एक चौकीदार बैठा रहे हैं।
- देश की जनता एक बार फिर से हमें देश की सेवा करने का मौका देने वाली है। मुझे खुशी है कि देश का युवा दूर का देखते हैं। हम राजनेता तो अभी 11 को क्या होगा या 21 को क्या होगा, इसी में लगे पड़े हैं और आप शपथ के विषय में सोच रहे हैं।
- जिन्होंने देश को लूटा है, उन्हें पाई-पाई लौटानी पड़ेगी। 2014 से सारी चीजें इकट्ठा करना और समेटने का काम मैं कर रहा हूं। आपकी मदद से जेल के दरवाजे तक तो मैं इन लोगों को ले गया, कुछ जमानत पर हैं और कुछ डेट मांग रहे हैं।
- कुछ लोग विदेश की अदालतों में कहते हैं कि भारत की जेलों की स्थिति अच्छी नहीं है। अब इनको कोई महल में थोड़ी रखेगा। अंग्रेजों ने गांधी जी को जिस जेल में रखा था, मैं उनको उससे अच्छी जेल नहीं दे सकता।
- हमें करदाताओं पर गौरव करना चाहिए। करदाता देश के गरीबों की सेवा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। और जो गलत कर रहा है वो किसी भी हालत में बचेगा नहीं।
- भारत के पास समृद्ध राष्ट्र बनने के लिए सब कुछ है। इच्छा शक्ति और सवा सौ करोड़ देशवासियों का सपना होना चाहिए कि अब हमें पिछड़ा नहीं रहना है।
- मैंने देश में एक माहौल बनाया है और आगे भी बनाना है कि हमे दुनिया की बराबरी करनी है। हमने बहुत सारा समय भारत पाकिस्तान करने में ही गुजार दिया। अरे वो अपनी मौत मरेगा उसे छोड़ दो, हमे आगे बढ़ना है बस इसी पर हमारा ध्यान रहना चाहिए।
- 'मिशन शक्ति' के द्वारा हमारे देश के वैज्ञानिकों ने वो शक्ति हासिल की है। जो हमसे पहले दुनिया के केवल 3 देशों के पास थी। क्या हिंदुस्तान को इस बात के लिए इंतजार करना चाहिए था। जबकि हमारे वैज्ञानिकों के पास इसे प्राप्त करने की क्षमता है तो किसी को हिम्मत करके इसपर निर्णय करना ही था। हमने ये किसी दुश्मन देश के लिए नहीं बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए बनाया है और हम आगे भी करेंगे। इसीलिए ये शक्ति मिशन भारत के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण घटना है।
- कांग्रेस के झूठ सीजनल होते हैं। सीजन के हिसाब से वो झूठ बोलते हैं, फिर मैदान में छोड़ते हैं और इनका ईको सिस्टम इसे उठाता है। उनके झूठ की उम्र भी ज्यादा नहीं, कुछ झूठ की तो ‘बालमौत’ हो जाती है, लेकिन फिर भी उसे खींचते रहते हैं। इस झूठ का जवाब आसान है। सिर्फ सच बताते चलिए। सच की ताकत इतनी होती है कि झूठ टिक नहीं पाएगा।
- देश में डॉ भीमराव अंबेडकर जी का सम्मान हमारी सरकार ने किया है। ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा देने के लिए हम संसद में बिल लाए और अभी सविंधान में संशोधन करके हमने सामान्य वर्ग के गरीबों को भी 10 फीसदी आरक्षण दिया है।
- कुछ लोग ये मान कर बैठे हैं की ये देश, ये सरकार उनकी पैतृक संपत्ति है। इसलिए उनको ये हजम नहीं होता की एक चायवाला प्रधानमंत्री बन गया।
- चुनावी वादे देने वाले लोग आजकल रेवड़ियां बांट रहे हैं। पहली बार वोट देने वालों से मैं कहना चाहता हूं कि वादे करने वालों का आप ट्रैक रिकॉर्ड देखिए, उनके टेप रिकॉर्डर को मत सुनिए।