प्रधानमंत्री मोदी ने ली सांसदों की क्लास, 2024 में सफलता के लिए दिया सकारात्मकता का मंत्र
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भाजपा सांसदों की दो दिवसीय कार्यशाला के अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों से अभी से अगले चुनाव की तैयारियों में जुट जाने का आह्वान किया है। समापन भाषण में पीएम ने सांसदों को सफलता के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि नकारात्मकता सफलता की राह की सबसे बड़ी बाधा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों से कहा कि पार्टी वर्तमान में जहां खड़ी है उसके पीछे सकारात्मकता की राजनीति का ही योगदान है। गौरतलब है कि शनिवार को पीएम ने सांसदों ने कार्यकर्ताओं का सम्मान करने और विचारधारा के प्रति प्रतिबद्घता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करने का सुझाव दिया था।
'जनता की अपेक्षाओं को युद्ध स्तर पर पूरा करना है'
बैठक में मौजूद एक केंद्रीय मंत्री के मुताबिक प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीति में अंतिम समय में तैयारी कर चुनाव जीतना अब बीते जमाने की बात हो गई है। भावी लोकसभा चुनाव में सफलता हासिल करने के लिए सांसदों को अभी से जुटना होगा। लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करना होगा।
उन्होंने कहा कि लोगों ने जिन अपेक्षाओं के आधार पर हमें 2019 का जनादेश दिया है, उसे हर हाल में युद्ध स्तर पर पूरा करना होगा। सांसदों को अभिमान, आलस्य, उदासीनता से दूर रह कर क्षेत्र के लिए लोगों से निरंतर और अनवरत संवाद, क्षेत्र में विकास कार्य, केंद्रीय योजनाओं की निगरानी सहित अन्य पहलुओं पर ध्यान देना चाहिए।
'भाजपा ने शुरुआत से की सकारात्मकता की राजनीति'
प्रधानमंत्री ने इस दौरान राजनीति में सफलता के लिए सकारात्मकता का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि नकारात्मकता से राजनीति में कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता। सकारात्मकता हमेशा अवसरों के नए नए द्वार खोलती है। भाजपा ने अपनी स्थापना के बाद से ही सकारात्मकता अपनाई और सकारात्मक राजनीति की।
उन्होंने कहा कि राज्य की सरकारों ने इसी सकारात्मक राजनीतिक एजेंडे के तहत विकास के मुख्य एजेंडा बनाया। इसी सकारात्मकता का नतीजा है कि नकारात्मक राजनीति करने वाले दल गौण हो रहे हैं और हमेशा सकारात्मक राजनीति करने वाली भाजपा का लगातार विस्तार हो रहा है।
सभी चार सत्रों में मौजूद रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
पीएम मोदी इस कार्यशाला के सभी चार सत्रों में आम सांसद की तरह मौजूद रहे। इस दौरान सांसदों को व्यवहार, विकास, सांसद निध, संसदीय कामकाज के बारे में प्रस्तुतियों के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी गई। सांसदों को सार्वजनिक जीवन में व्यवहार के साथ सांसद निधि खर्च करने की जानकारी दी गई।