सांसदों की विदाई: एक बार फिर से आइए....सुब्रमण्यम स्वामी समेत 72 सांसदों के रिटायरमेंट पर बोले पीएम मोदी
रिटायर हो रहे सदस्यों में ए के एंटनी, आनंद शर्मा, अंबिका सोनी, कपिल सिब्बल, भाजपा के सुरेश प्रभु, सुब्रमण्यम स्वामी, बसपा के सतीश चंद्र मिश्रा, शिवसेना के संजय राउत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रफुल्ल पटेल शामिल हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा के 72 सेवानिवृत्त सदस्यों की विदाई के मौके पर कहा कि हमारे राज्यसभा सदस्यों के पास बहुत अनुभव है। कभी-कभी अनुभव में ज्ञान से अधिक शक्ति होती है। हम सेवानिवृत्त सदस्यों से कहेंगे कि एक बार फिर से आइए। पीएम मोदी ने कहा कि हमने इस संसद में लंबा समय बिताया है। इस सदन ने हमारे जीवन में बहुत योगदान दिया है। इस सदन के सदस्य के रूप में प्राप्त अनुभव को देश के चारों दिशाओं में ले जाना चाहिए। पीएम ने कहा कि भले हम इन चार दीवारों से निकल रहे हैं लेकिन इस अनुभव को राष्ट्र के सर्वोत्तम हित के लिए चारों दिशाओं में ले जाएं। चारों दीवारों में पाया हुआ सब कुछ चारों दिशा में ले जाएं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये आज़ादी का अमृत महोत्सव है। हमारे महापुरुषों ने देश के लिए बहुत कुछ दिया, अब देने की जिम्मेदारी हमारी है। अब आप खुले मन से एक बड़े मंच पर जाकर आज़ादी के अमृत महोत्सव के पर्व को माध्यम बनाकर प्रेरित करने में योगदान कर सकते हैं। पीएम मोदी ने सेवानिवृत सांसदों से कहा कि अनुभव से जो प्राप्त हुआ होता है उसमें समस्याओं के समाधान के लिए सरल उपाय होते हैं। अनुभव का मिश्रण होने के कारण गलतियां कम से कम होती हैं।
रामगोपाल यादव की भाजपा को सलाह
समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव ने कहा कि हर दो साल बाद एक ऐसा दिन आता है और मन को दुखी कर देता है। उन्होंने कहा कि पिछले 28 साल में उन्होंने कभी नहीं देखा जब एक साथ इतने अनुभवी सदस्य सेवानिवृत्त हो रहे हों। उन्होंने कहा कि राज्यसभा की संपन्नता बनी रहे, इसके लिए विभिन्न राजनीतिक दलों खासकर भाजपा को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने भाजपा से कहा कि उसे अपनी पार्टी में 75 साल का बंधन हटाना चाहिए और अधिक उम्र वाले अनुभवी सदस्यों को भी सदन का सदस्य बनाना चाहिए।
राज्यसभा में 72 सांसदों को दी गई विदाई
राज्यसभा में गुरुवार को 72 सदस्यों को विदाई दी गई। उच्च सदन में 19 राज्यों का प्रतिनिधित्व कर रहे इन सदस्यों का कार्यकाल मार्च से जुलाई के बीच पूरा होने जा रहा है। रिटायर हो रहे सदस्यों में कांग्रेस के ए के एंटनी, आनंद शर्मा, अंबिका सोनी, कपिल सिब्बल, भारतीय जनता पार्टी के सुरेश प्रभु, सुब्रमण्यम स्वामी, बहुजन समाज पार्टी के सतीश चंद्र मिश्रा, शिवसेना के संजय राउत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रफुल्ल पटेल शामिल हैं।
वहीं निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल, मुख्तार अब्बास नकवी और आरसीपी सिंह जैसे मंत्री भी शामिल हैं। मनोनीत सदस्यों एम सी मैरीकॉम, स्वपन दासगुप्ता और नरेंद्र जाधव का भी कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
- Satish Chandra Misra (@satishmisrabsp) 31 Mar 2022
विद्वतजनों का घर है उच्च सदन : खरगे
नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, प्रधानमंत्री और अन्य सदस्यों को सुनने के बाद मुझे महसूस हुआ कि राज्यसभा कितना महत्वपूर्ण है। इस उच्च सदन में पूर्व प्रधानमंत्री, कितने ही पूर्व मुख्यमंत्री और कई पूर्व मंत्री इसके सदस्य हैं। यह सदन विचारों और विभिन्न क्षेत्रों के विद्वतजनों का घर है। हमें उनके अनुभवों से बहुत कुछ सीखने को मिला है। इस दौरान कई सांसद भावुक भी हुए और बीच-बीच में ठहाके भी छूटे। सात मनोनीत सदस्यों सहित कुल 72 सांसदों की विदाई हुई। हालांकि इनमें से कई सांसदों की फिर वापसी भी हो सकती है।
नीतियां बनाने में जन आकांक्षाओं का ध्यान रखें सांसद : नायडू
सभापति वेंकैया नायडू ने सांसदों से कहा कि वे जुनून, अपने प्रदर्शन और प्रक्रियागत ईमानदारी से काम करें और सदन को कानून बनाने में बाधा उत्पन्न न करें। उन्होंने सांसदों का आह्वान किया कि वे कानून और नीतियां बनाने में लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं का ध्यान रखें। सभापति ने 2017 से अब तक सदन की कार्यवाही में 35 फीसदी समय की बर्बादी पर भी चिंता जताई।
एंटनी, स्वामी, चिदंबरम सहित अन्य सदस्य हुए सेवानिवृत्त सेवानिवृत्त होने वाले सदस्य 19 राज्यों के हैं और कुछ सदस्य तो पांच बार के सांसद हैं। सेवानिवृत्त होने वाले प्रमुख सदस्यों में एके एंटनी, पी चिदंबरम, अंबिका सोनी, आनंद शर्मा, सुब्रमण्यम स्वामी, जयराम रमेश, सुरेश प्रभु, प्रफुल्ल पटेल, संजय राउत, नरेश गुजराल, सतीश चंद्र मिश्रा, स्वपन दासगुप्ता और नरेंद्र जाधव आदि हैं।