01:50 PM, 26-Nov-2020
महत्व खो चुके कानूनों को हटाने की प्रक्रिया आसान होनी चाहिए
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, समय के साथ जो कानून अपना महत्व खो चुके हैं, उनको हटाने की प्रक्रिया भी आसान होनी चाहिए। बीते सालों में ऐसे सैकड़ों कानून हटाए जा चुके हैं। क्या हम ऐसी व्यवस्था नहीं बना सकते जिससे पुराने कानूनों में संशोधन की तरह, पुराने कानूनों को रिपील करने की प्रक्रिया स्वत: चलती रहे?
01:47 PM, 26-Nov-2020
संविधान की कानूनी भाषा पर ये बोले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हमारे यहां बड़ी समस्या ये भी रही है कि संवैधानिक और कानूनी भाषा, उस व्यक्ति को समझने में मुश्किल होती है जिसके लिए वो कानून बना है। मुश्किल शब्द, लंबी-लंबी लाइनें, बड़े-बड़े पैराग्राफ, क्लॉज-सब क्लॉज, यानि जाने-अनजाने एक मुश्किल जाल बन जाता है।
उन्होंने कहा, हमारे कानूनों की भाषा इतनी आसान होनी चाहिए कि सामान्य से सामान्य व्यक्ति भी उसको समझ सके। हम भारत के लोगों ने ये संविधान खुद को दिया है। इसलिए इसके तहत लिए गए हर फैसले, हर कानून से सामान्य नागरिक सीधा कनेक्ट महसूस करे, ये सुनिश्चित करना होगा।
01:45 PM, 26-Nov-2020
संविधान के प्रति नागरिक की समझ व्यापक हो, ये होना चाहिए हमारा प्रयास
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, अब हमारा प्रयास ये होना चाहिए कि संविधान के प्रति सामान्य नागरिक की समझ और ज्यादा व्यापक हो। आजकल आप लोग सुनते हैं केवाईसी। 'नो योर कस्टमर' डिजिटल सुरक्षा का अहम पहलू है। उसी तरह केवाईसी यानि 'नो योर कंस्ट्यूशन' हमारे संवैधानिक सुरक्षा कवच को भी मजबूत कर सकता है।
01:42 PM, 26-Nov-2020
कर्तव्यों का पालन करने पर अधिकार स्वतः सुरक्षित होंगे
प्रधानमंत्री ने कहा, हमारे संविधान में कई विशेषताएं हैं लेकिन एक बहुत ही विशिष्ट विशेषता कर्तव्यों को दिया गया महत्व है। महात्मा गांधी इसे लेकर बहुत उत्सुक थे। उन्होंने अधिकारों और कर्तव्यों के बीच घनिष्ठ संबंध देखा। उन्होंने महसूस किया कि एक बार जब हम अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं, तो अधिकार स्वतः ही सुरक्षित हो जाएंगे।
01:39 PM, 26-Nov-2020
नागरिक का आत्मसम्मान बढ़े, ये हमारा निरंतर प्रयास
पीएम मोदी ने कहा, हर नागरिक का आत्मसम्मान और आत्मविश्वास बढ़े, ये संविधान की भी अपेक्षा है और हमारा भी ये निरंतर प्रयास है। ये तभी संभव है जब हम सभी अपने कर्तव्यों को, अपने अधिकारों का स्रोत मानेंगे, अपने कर्तव्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे।
01:36 PM, 26-Nov-2020
नौ हजार से ज्यादा गांवों को मिल रहा पानी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, इस बांध से गुजरात की 18 लाख हेक्टेयर जमीन को, राजस्थान की 2.5 लाख हेक्टेयर जमीन को सिंचाई की सुविधा सुनिश्चित हुई है। गुजरात के 9 हजार से ज्यादा गांव, राजस्थान और गुजरात के अनेकों छोटे-बड़े शहरों को घरेलू पानी की सप्लाई इसी सरदार सरोवर बांध की वजह से हो पा रही है।
उन्होंने कहा, ये सब बरसों पहले भी हो सकता था। लेकिन बरसों तक जनता इनसे वंचित रही। जिन लोगों ने ऐसा किया, उन्हें कोई पश्चाताप भी नहीं है। इतना बड़ा राष्ट्रीय नुकसान हुआ, लेकिन जो इसके जिम्मेदार थे, उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं है। हमें देश को इस प्रवृत्ति से बाहर निकालना है।
01:35 PM, 26-Nov-2020
केवड़िया डैम का लाथ चार राज्यों को हो रहा
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, केवड़िया प्रवास के दौरान आप सभी ने सरदार सरोवर डैम की विशालता देखी है, भव्यता देखी है, उसकी शक्ति देखी है। लेकिन इस डैम का काम बरसों तक अटका रहा, फंसा रहा। आज इस डैम का लाभ गुजरात के साथ ही मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के लोगों को हो रहा है।
01:34 PM, 26-Nov-2020
कोरोना काल में हमारी चुनाव प्रणाली की मजबूती दुनिया ने देखी
पीएम मोदी ने कहा, कोरोना के इसी समय में हमारी चुनाव प्रणाली की मजबूती भी दुनिया ने देखी है। इतने बड़े स्तर पर चुनाव होना, समय पर परिणाम आना, सुचारु रूप से नई सरकार का बनना, ये इतना भी आसान नहीं है। हमें हमारे संविधान से जो ताकत मिली है, वो ऐसे हर मुश्किल कार्यों को आसान बनाती है।
01:32 PM, 26-Nov-2020
विधायकों ने वेतन में कटौती कर कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सहयोग दिया
प्रधानमंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, इस दौरान संसद के दोनों सदनों में तय समय से ज्यादा काम हुआ है। सांसदों ने अपने वेतन में भी कटौती करके अपनी प्रतिबद्धता जताई है। अनेक राज्यों के विधायकों ने भी अपने वेतन का कुछ अंश देकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अपना सहयोग दिया है।
01:31 PM, 26-Nov-2020
संविधान पर विश्वास बढ़ाने के लिए निरंतर काम हुआ
पीएम मोदी ने कहा, भारत की 130 करोड़ से ज्यादा जनता ने जिस परिपक्वता का परिचय दिया है, उसकी एक बड़ी वजह, सभी भारतीयों का संविधान के तीनों अंगों पर पूर्ण विश्वास है। इस विश्वास को बढ़ाने के लिए निरंतर काम भी हुआ है।