NITI Aayog Meeting: पीएम मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की बैठक, NEP 2020 और G20 पर चर्चा हुई
बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति, स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा के क्रियान्वयन के साथ ही देश को तिलहन-दलहन के मामले में आत्मनिर्भर बनाने व शहरी प्रशासन के मामले पर विचार-विमर्श होगा।
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नीति आयोग के शासकीय परिषद की सातवीं अहम बैठक रविवार को हुई। राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र में हो रही इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। बैठक में कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति, जी-20, स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा के क्रियान्वयन के साथ ही देश को तिलहन-दलहन के मामले में आत्मनिर्भर बनाने व शहरी प्रशासन के मामले पर विचार-विमर्श हुआ।
नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों से फसल विविधीकरण पर ध्यान देने को कहा। बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का संघीय ढांचा और सहकारी संघवाद कोविड संकट के दौरान दुनिया के लिए एक मॉडल के रूप में उभरा है। हमें इसे और मजबूत करना होगा। गवर्निंग काउंसिल की बैठक के बाद नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री चाहते हैं कि भारत खाद्य तेल में आत्मनिर्भर हो। प्रधानमंत्री ने आयात को कम करने और निर्यात बढ़ाने के लिए राज्यों से 3टी - व्यापार, पर्यटन, प्रौद्योगिकी - को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करने को कहा।
NITI आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने बताया कि PM मोदी ने भारत में पोस्ट कोविड पर नीति आयोग की बैठक से उनकी अपेक्षा पर महत्वपूर्ण बातें कही। जिस तरह से केंद्र और राज्यों ने कोविड के दौरान एक दूसरे के साथ मिलकर निर्णय लिए उस पर भी चर्चा की। उन्होंने 2047 के लिए भारत के लक्ष्य के बारे में बात की।
नीति आयोग के CEO परमेश्वरन अय्यर ने कहा कि यह एक उपयोगी बातचीत थी (नीति आयोग की 7वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में), जहां मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों ने अपने राज्यों से सर्वोत्तम प्रथाओं को प्रस्तुत किया। NEP 2020, G20 और निर्यात के महत्व पर प्रस्तुतियां दी गईं।
नीति आयोग ने बताया कि प्रधानमंत्री ने कृषि विविधीकरण के महत्व को व्यक्त किया और कहा कि खाद्य तेलों में विशेष रूप से आत्मनिर्भर होने की आवश्यकता है। हम आयात से खाद्य तेल की अपनी कुल मांग का लगभग आधा हिस्सा पूरा कर रहे हैं। कुल मिलाकर राज्य काफी सहयोगी थे और इस पहलू पर काम कर रहे हैं।
गुजरात के सीएम ने कही यह बात
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि राज्य सरकार ने सुनियोजित शहरी विकास और नागरिकोन्मुखी शासन के माध्यम से कल्याणकारी गतिविधियों को प्राथमिकता दी है। पटेल ने कहा कि गुजरात ने केंद्र की नीति के अनुरूप फसल विविधीकरण भी हासिल किया है, जिसे बागवानी में सबसे अधिक स्पष्ट रूप से देखा गया है। राज्य में बागवानी फसलों का दायरा 25 वर्षों में 4.80 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 20 लाख हेक्टेयर हो गया है।
शिंदे ने मांगा केंद्र का समर्थन
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने केंद्र सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के तहत खरीद की सीमा को बढ़ाकर उत्पादन का 50 प्रतिशत करने की अपील की। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के कार्यान्वयन के लिए सरकार से समर्थन मांगा।
ममता बनर्जी ने साधा निशाना
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र को राज्य सरकारों की मांगों को अधिक गंभीरता से लेना चाहिए। उन पर कोई नीति थोपी नहीं जानी चाहिए। केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच अधिक से अधिक सहयोग होना चाहिए।
विजयन बोले- संघीय ढांचे के विरुद्ध न जाए केंद्र
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि केंद्र को संविधान के संघीय ढांचे के खिलाफ नहीं जाना चाहिए। उसकी समवर्ती सूची में सूचीबद्ध विषयों पर कानून राज्यों के परामर्श से बनाया जाना चाहिए। केंद्र सरकार को संविधान में राज्य सूची के मामलों में कानून बनाने से बचना चाहिए।
केसीआर ने किया बैठक का बहिष्कार
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने नीति आयोग की 7वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक का बहिष्कार किया। उनको छोड़कर सभी राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। केसीआर ने राज्यों के प्रति केंद्र की भेदभावपूर्ण प्रवृत्ति के खिलाफ उन्होंने यह कदम उठाया। इस संबंध में केसीआर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा। उन्होंने कहा कि मैं विरोध के रूप में दिल्ली में होने वाली नीति आयोग की 7वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक का हिस्सा नहीं बनूंगा।
कोरोना के बाद पहली फिजिकल बैठक
कोरोना महामारी के कारण नीति आयोग की फिजिकल बैठक का आयोजन नहीं हो पा रहा था। जुलाई, 2019 के बाद नीति आयोग की यह पहली भौतिक बैठक है।
केंद्रीय मंत्री ने साधा KCR पर निशाना
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के बैठक में शामिल नहीं होने पर केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि KCR पिछले 8 सालों से प्रशासन में पूरी तरह से फेल हो रहे हैं। सरकार कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं दे पा रही है। पेट्रोल की सबसे ज्यादा कीमत तेलंगाना में है। तेलंगाना में BJP मजबूत हो रही है। वहां अगले साल होने वाले चुनाव में TRS हारेगी।