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लता मंगेशकर के भाई, मजरूह सुल्तानपुरी और किशोर कुमार: अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर पीएम ने इन तीनों के नाम से कांग्रेस को कैसे घेरा?
Tue, 08 Feb 2022 01:54 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Tue, 08 Feb 2022 01:54 PM IST
सार
पीएम मोदी ने कांग्रेस को सिख दंगों, इमरजेंसी और गोवा की आजादी के मुद्दे पर घेरा। इसके अलावा उन्होंने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर भी कांग्रेस के इतिहास की बात की।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधने के दौरान लिया किशोर कुमार (बाएं), मजरूह सुल्तानपुरी (बीच में) और ह्रदयनाथ मंगेशकर (दाएं) का नाम।
- फोटो : Social Media
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में अपने भाषण के दौरान कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। कांग्रेस के सांसदों के वॉकआउट के बावजूद पीएम ने पार्टी को सिख दंगों, इमरजेंसी और गोवा की आजादी के मुद्दे पर घेरा। इसके अलावा उन्होंने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर भी कांग्रेस के इतिहास की बात की। उन्होंने इससे जुड़े कुछ वाकये सुनाए, जिनमें लता मंगेशकर के भाई ह्रदयनाथ मंगेशकर से लेकर किशोर कुमार तक का जिक्र आया।
लता मंगेशकर के भाई पर क्या बोले पीएम?
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण के दौरान लता मंगेशकर जी को श्रद्धांजलि दी और उनके भाई ह्दयनाथ मंगेशकर का भी जिक्र किया। मोदी ने कहा, "व्यक्ति स्वतंत्रता की बातें करने वालों का आज मैं इतिहास खोल रहा हूं। लता मंगेशकर जी के निधन से पूरा देश दुखी है। उनका परिवार दुखी है। लेकिन उनके परिवार के साथ कैसा सलूक हुआ, ये भी देश को जानना चाहिए। उनके छोटे भाई ह्रदयनाथ मंगेशकर जी को ऑल इंडिया रेडियो से निकाल दिया गया। उनका गुनाह क्या था, उनका गुनाह ये था कि उन्होंने वीर सावरकर की देशभक्ति से भरी कविता को ऑल इंडिया रेडियो पर सुनाया था।
पीएम ने बताया- "मंगेशकर जी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब उन्हें सावरकर जी से कहा कि वे रेडियो शो पर उनकी कविता पढ़ेंगे, तो सावरकर जी ने उनसे कविता पढ़ने को लेकर कहा था कि क्या आप मेरी इसे पढ़कर जेल जाना चाहते हो। जब उन्होंने कविता पढ़ी तो सात दिन के अंदर उन्हें ऑल इंडिया रेडियो से निकाल दिया गया।" मोदी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा, "ये आपका फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन था।"
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'सीताराम केसरी के साथ क्या हुआ, ये सब जानते हैं'
पीएम ने इसके अलावा मजरूह सुल्तानपुरी, प्रोफेसर धरमपाल और किशोर कुमार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "मजरूह सुल्तानपुरी को पंडित नेहरु की आलोचना करने के लिए एक साल जेल में बंद कर दिया गया। उनके रवैये के लिए उन्हें जेल में बंद रखा गया। प्रोफेसर धर्मपाल जी को जेल में डाल दिया गया। किशोर कुमार को इंदिरा जी के सामने न झुकने और इमरजेंसी के पक्ष में न बोलने के कारण निकाल दिया गया था। एक विशेष परिवार के खिलाफ कोई भी आवाज उठाता है, तो क्या होता है ये सबको पता है। सीताराम केसरी जी के साथ जो हुआ उसे सब जानते हैं।
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लता मंगेशकर के भाई पर क्या बोले पीएम?
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण के दौरान लता मंगेशकर जी को श्रद्धांजलि दी और उनके भाई ह्दयनाथ मंगेशकर का भी जिक्र किया। मोदी ने कहा, "व्यक्ति स्वतंत्रता की बातें करने वालों का आज मैं इतिहास खोल रहा हूं। लता मंगेशकर जी के निधन से पूरा देश दुखी है। उनका परिवार दुखी है। लेकिन उनके परिवार के साथ कैसा सलूक हुआ, ये भी देश को जानना चाहिए। उनके छोटे भाई ह्रदयनाथ मंगेशकर जी को ऑल इंडिया रेडियो से निकाल दिया गया। उनका गुनाह क्या था, उनका गुनाह ये था कि उन्होंने वीर सावरकर की देशभक्ति से भरी कविता को ऑल इंडिया रेडियो पर सुनाया था।
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पीएम ने बताया- "मंगेशकर जी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब उन्हें सावरकर जी से कहा कि वे रेडियो शो पर उनकी कविता पढ़ेंगे, तो सावरकर जी ने उनसे कविता पढ़ने को लेकर कहा था कि क्या आप मेरी इसे पढ़कर जेल जाना चाहते हो। जब उन्होंने कविता पढ़ी तो सात दिन के अंदर उन्हें ऑल इंडिया रेडियो से निकाल दिया गया।" मोदी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा, "ये आपका फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन था।"
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'सीताराम केसरी के साथ क्या हुआ, ये सब जानते हैं'
पीएम ने इसके अलावा मजरूह सुल्तानपुरी, प्रोफेसर धरमपाल और किशोर कुमार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "मजरूह सुल्तानपुरी को पंडित नेहरु की आलोचना करने के लिए एक साल जेल में बंद कर दिया गया। उनके रवैये के लिए उन्हें जेल में बंद रखा गया। प्रोफेसर धर्मपाल जी को जेल में डाल दिया गया। किशोर कुमार को इंदिरा जी के सामने न झुकने और इमरजेंसी के पक्ष में न बोलने के कारण निकाल दिया गया था। एक विशेष परिवार के खिलाफ कोई भी आवाज उठाता है, तो क्या होता है ये सबको पता है। सीताराम केसरी जी के साथ जो हुआ उसे सब जानते हैं।