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आईआईटी गुवाहाटी के दीक्षांत समारोह में बोले पीएम मोदी, एनईपी का मकसद विदेशी विश्वविद्यालयों के कैंपसों को देश में खोलना

Tue, 22 Sep 2020 12:57 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अनवर अंसारी Updated Tue, 22 Sep 2020 12:57 PM IST
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PM Narendra Modi addressing convocation of IIT Guwahati via video-conferencing
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : ANI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

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पीएम मोदी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि एक राष्ट्र का भविष्य वही है जो आज के युवा सोचते हैं। आपके सपने भारत की वास्तविकता को आकार देने वाले हैं। यह भविष्य के लिए तैयार होने का समय है। उन्होंने कहा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) का मकसद विदेशी विश्वविद्यालयों के कैंपसों को देश में खोलना है।
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पढ़ें पीएम मोदी के संबोधन की मुख्य बातें:- 

  • मुझे भली भांति महसूस हो रहा है कि इस महामारी के दौरान शैक्षिक सत्र को संचालित करना, अनुसंधान कार्य को जारी रखना, कितना कठिन रहा है। लेकिन फिर भी आपने ये सफलता पाई। आपके इस प्रयास के लिए, देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आपके इस योगदान के लिए मैं आपको बधाई देता हूं।
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  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति को बहु-विषयक बनाया गया है। विषयों को लचीलापन दिया गया है। कई प्रविष्टि-निकास के अवसर गए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति शिक्षा को प्रौद्योगिकी से जोड़ेगी यानी, छात्रों को प्रौद्योगिकी के बारे में भी पढ़ा जाएगा और प्रौद्योगिकी के माध्यम से भी पढ़ा जाएगा।
  • देश में अनुसंधान संस्कृति को समृद्ध करने के लिए एनईपी में एक राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन का भी प्रस्ताव किया गया है। एनआरएफ अनुसंधान फंडिंग में सभी फंडिंग एजेंसियों के साथ समन्वय होगा और सभी विषयों, चाहे वे विज्ञान हों या मानविकी के, सभी के लिए फंड दिया जाएगा। 
  • मुझे खुशी है कि आज इस दीक्षांत समारोह में हमारे करीब 300 युवा साथियों को पीएचडी की डिग्री दी जा रही है और ये एक बहुत सकारात्मक ट्रेंड है। मुझे विश्वास है कि आप सब यहीं नहीं रुकेंगे, बल्कि शोध आपके लिए एक आदत हो जाएगी। ये आपके सोचने की प्रक्रिया का हिस्सा बनी रहेगी।
  • एनईपी देश के शिक्षा क्षेत्र को खोलने की बात करती है। मकसद है कि विदेशी विश्वविद्यालयों के कैंपस देश में खुलें और वैश्विक एक्सपोजर हमारे छात्रों को यहीं पर मिले। भारतीय और वैश्विक संस्थानों के बीच शोध सहभागिता और विनिमय कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • पूर्वोत्तर का ये क्षेत्र, भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का केंद्र भी है। यही क्षेत्र, साउथ ईस्ट एशिया से भारत के संबंध का गेटवे भी है। इन देशों से संबंधों का मुख्य आधार, संस्कृति, व्यापार, जुड़ाव और क्षमता रहा है। अब शिक्षा भी एक और नया माध्यम बनने जा रही है। 
  • मैं आईआईटी गुवाहाटी से ये भी अनुरोध करूंगा कि आप एक 'सेंटर फॉर डिजास्टर मैनेजमेंट एंड रिस्क रिडक्शन' की स्थापना करें। ये सेंटर इस इलाके को आपदाओं से निपटने की विशेषज्ञता भी प्रदान कराएगा और आपदाओं को अवसर में भी बदलेगा। 
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