कोरोना से बहुत कुछ प्रभावित हुआ है लेकिन करोड़ों भारतीयों की महत्वाकांक्षाएं नहीं : मोदी
- यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम के तीसरे सालाना नेतृत्व सम्मेलन को संबोधित कर रहे हैं पीएम मोदी
- कहा- पूरे कोरोना काल के दौरान भारत सरकार का केवल एक ही मकसद था कि गरीबों की रक्षा करना
- आत्मनिर्भर भारत को बताया लोकल के ग्लोबल में विलय का अभियान, कहा- व्यापार करना आसान हुआ
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम के तीसरे सालाना नेतृत्व सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा, 'जब 2020 की शुरुआत हुई, क्या किसी ने सोचा था कि स्थितियां ऐसी बन जाएंगी? एक वैश्विक महामारी ने सभी को प्रभावित किया है।' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह महामारी हमारे लचीलेपन, सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली और आर्थिक प्रणाली का परीक्षण कर रही है। वर्तमान स्थिति एक नई मानसिकता की मांग करती है, जिसका दृष्टिकोण विकास के लिए मानव केंद्रित हो।
#WATCH LIVE: PM Modi delivers a special keynote address at US-India Strategic Partnership Forum's 3rd Annual Leadership Summit https://t.co/FBtV0Y3SrN
— ANI (@ANI) September 3, 2020विज्ञापन
प्रधानमंत्री ने कहा, भारत पहला ऐसा देश था जिसने सबसे पहले मास्क का इस्तेमाल और फेस कवर करने को एक मुख्य स्वास्थ्य मानक की तरह लिया। हमने सबसे पहले सोशल डिस्टेंसिंग के लिए सामाजिक जागरूकता के अभियान चलाए। उन्होंने कहा, पूरे कोरोना काल के दौरान, लॉकडाउन के समय भारत सरकार का एक ही मकसद था कि गरीबों की रक्षा करना। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना पूरे विश्व की सबसे बड़ी समर्थन प्रणाली है। इसके तहत लगभग 80 करोड़ लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध करवाया गया।
भारत में कोरोना की स्थिति बाकी देशों की तुलना में काफी बेहतर
उन्होंने कहा, सीमित संसाधनों के साथ 130 करोड़ की आबादी वाला देश भारत दुनिया के उन देशों में शामिल हैं जहां कोरोना वायरस महामारी के कारण होने वाली प्रति 10 लाख आबादी पर मौतों की संख्या सबसे कम है। भारत में कोरोना मरीजों के ठीक होने की दर (रिकवरी रेट) भी लगातार बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कोरोना वायरस महामारी ने बहुत कुछ प्रभावित किया है, लेकिन 130 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं और महत्वाकांक्षाओं को प्रभावित नहीं कर पाई है।
व्यापार करना आसान हुआ और लालफीताशाही खत्म हो रही है
इस दौरान उन्होंने आत्मनिर्भर भारत अभियान की भी बात की। उन्होंने कहा, 130 करोड़ भारतीयों ने एक आत्मनिर्भर भारत बनाने का अभियान शुरू किया है। आत्मनिर्भर भारत अभियान लोकल (स्थानीय) को ग्लोबल (वैश्विक) से जोड़ता है। यह भारत की ताकत को वैश्विक शक्ति गुणक के रूप में सुनिश्चित करता है। प्रधानमंत्री ने कहा, हाल के महीनों में भारत में दूरगामी सुधारों को अंजाम दिया गया है। ये सुधार व्यापार को पहले की तुलना में कहीं ज्यादा आसान बना रहे हैं और लालफीताशाही को खत्म कर रहे हैं।
भारत की सरकार परिणाम देने में विश्वास रखती है : प्रधानमंत्री
उन्होंने कहा, 'भारत में चुनौतियों के लिए आपके पास एक सरकार है जो परिणाम देने में विश्वास रखती है जिसके लिए जीवन जीने में आसानी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितना व्यवसाय करने में आसानी। आप एक युवा देश को देख रहे हैं जिसकी 65 फीसदी आबादी की आयु 35 वर्ष से कम है।' मोदी ने कहा, महामारी ने दुनिया को दिखाया है कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के विकास पर निर्णय केवल लागत पर ही नहीं बल्कि भरोसे पर भी आधारित होना चाहिए। कंपनियां अब विश्वसनीयता और नीतिगत स्थिरता की तलाश में हैं। भारत में ये सभी गुण हैं।