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'प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण' सम्मेलन में पीएम बोले- पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बगैर करेंगे विकास
Mon, 17 Feb 2020 11:26 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर
Published by: देव कश्यप
Updated Mon, 17 Feb 2020 11:26 AM IST
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PM Modi addressing convention on Conservation of Migratory Species
- फोटो : ANI
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गुजरात के गांधीनगर में स्थित महात्मा मंदिर में 'प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण' पर हो रहे 13वें सम्मेलन को पीएम मोदी वीडियों कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित कर रहे हैं। अपने संबोधन के दौरान पीएम ने कहा कि
भारत दुनिया के सबसे विविध देशों में से एक है। भारत दुनिया के 2.4 फीसदी भूमि क्षेत्र के साथ, वैश्विक जैव विविधता के लिए लगभग आठ फीसदी योगदान देता है।
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भारत दुनिया के सबसे विविध देशों में से एक है। भारत दुनिया के 2.4 फीसदी भूमि क्षेत्र के साथ, वैश्विक जैव विविधता के लिए लगभग आठ फीसदी योगदान देता है।
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पीएम मोदी के संबोधन की मुख्य बातें:-
- उन्होंने कहा कि भारत उन चुनिंदा देशों में से है जो तापमान को दो डिग्री सेल्सियस से नीचे रखने के पेरिस समझौते के लक्ष्य को पाने की दिशा में कदम उठा रहा हैं।
- भारत जलवायु संबंधी ऐसे कदमों का समर्थन करता है जो संरक्षण के मूल्यों, टिकाऊ जीवनशैली तथा हरित विकास मॉडल पर आधारित हों।
- भारत ने मध्य एशिया हवाई मार्ग में प्रवासी पक्षियों को सुरक्षित रखने संबंधी राष्ट्रीय कार्ययोजना तैयार की है।
- हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बगैर विकास हो।
- वर्तमान में, भारत में लगभग 2970 बाघों की आबादी है। भारत ने 2022 की प्रतिबद्ध तारीख से दो साल पहले बाघों की संख्या को दोगुना करने का अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है।
- भारत जलवायु संरक्षण, स्थायी जीवन शैली और हरित विकास मॉडल के आधार पर जलवायु पर कार्रवाई करने के लिए चैंपियन रहा है।
- भारत विविध पारिस्थितिक आवासों से समृद्ध है और इसमें चार जैव-विविधता वाले हॉटस्पॉट भी हैं। वे पूर्वी हिमालय, पश्चिमी घाट, इंडो-म्यांमार परिदृश्य और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह हैं।
- भारत दुनिया भर से आए प्रवासी पक्षियों की लगभग 500 प्रजातियों का घर है।
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