Emmanuel Macron: फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का अभिनंदन करेंगे पीएम मोदी, जयपुर में शाही सवारी का आनंद लेंगे
Emmanuel Macron: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की यात्रा के बारे में जयपुर के सूत्र कहते हैं कि वह 25 जनवरी को शाम 5.00-5.30 बजे के करीब जयपुर आएंगे। मेहमान का स्वागत जयपुर की परंपरा है। इसके लिए पूरी तैयारी चल रही है। उन्हें सिटी पैलेस में रात्रिभोज दिए जाने की योजना है।
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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का अभिनंदन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 जनवरी को जयपुर में होंगे। मेहमान इमैनुएल मैक्रों को भी जयपुर और वहां का शाही अंदाज पसंद है। मेहमान नवाजी में प्रधानमंत्री मोदी का भी जवाब नहीं। वह राष्ट्र के मेहमान की आगवानी करेंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत मेहमान का स्वागत करने के लिए तैयार है। आगे के कार्यक्रम की जानकारी विदेश मंत्रालय शुक्रवार को देगा।
मैक्रों की यात्रा के बारे में जयपुर के सूत्र बताते हैं कि वह 25 जनवरी को शाम 5.00-5.30 बजे के करीब जयपुर आएंगे। मेहमान का स्वागत जयपुर की परंपरा है। इसके लिए पूरी तैयारी चल रही है। उन्हें सिटी पैलेस में रात्रिभोज दिए जाने की योजना है। अंबेर पैलेस, रामबाग पैलेस और अंबेर राजपूतों के गौरवशाली इतिहास की भव्यता दिखाई जा सकती है। शाही अंदाज का राष्ट्रपति पूरा लुत्फ उठाएंगे। दरअसल, राजस्थान में मिलिट्री इंडस्ट्रियल रोडमैप को साकार होना है। इसे फ्रांस के सहयोग से मूर्त रूप दिलाया जाना है। एक राजनयिक सूत्र ने बताया कि जयपुर एयरपोर्ट पर उतरना फ्रांस के राष्ट्रपति को पसंद था। इसलिए, उनके दौरे की शुरुआत राजस्थान के जयपुर से हो रही है। 26 जनवरी को वह गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होंगे। सूत्र का कहना है कि पूरी यात्रा के बारे में शुक्रवार को जानकारी दिए जाने की संभावना है।
फ्रांस के साथ भारत का बढ़ रहा है घनिष्ठ रिश्ता
फ्रांस से भारत का रिश्ता लगातार प्रगाढ़ हो रहा है। अभी कुछ दिन पहले विदेश मंत्री ने राष्ट्रपति के सलाहकार से भेंट और चर्चा की थी। भारत के सैन्य बेड़े में फ्रांस से आया लड़ाकू विमान राफेल दुश्मनों के दांत खट्टे कर रहा है। राफेल की रिपोर्ट के आधार पर ही भारत ने फ्रांस से 26 मरीन राफेल लड़ाकू विमान लेने की प्रक्रिया तेज कर दी है। यह विमान नौसेना के लिए आएंगे। नौसेना के बेड़े में फ्रांस की स्कार्पिन पनडुब्बी सेवाएं दे रही है। मिराज और जगुआर लड़ाकू विमान आज भी भारतीय वायुसेना की पसंद बना हुआ है। माना जा रहा है कि गणतंत्र दिवस समारोह के बाद भारत और फ्रांस दोनों रक्षा क्षेत्र में बड़ी घोषणा कर सकते हैं।
रणनीतिक मुद्दे पर भी अहम होगी फ्रांस के साथ द्विपक्षीय चर्चा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ राष्ट्रपति मैक्रों की द्विपक्षीय वार्ता के बारे में अभी अधिक कुछ नहीं कहा गया है। लेकिन, माना जा रहा है कि दोनों शिखर नेता वार्ता की मेज पर बैठेंगे। इस दौरान तमाम द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी। इस चर्चा में लाल सागर क्षेत्र में हूती विद्रोहियों के हमले से पैदा हुई चिंता प्रमुख हो सकती है। लाल सागर का क्षेत्र यूरोप के लिए व्यापारिक और कारोबारी रास्ता है। यहां की अस्थिरता तमाम देशों के लिए आर्थिक बोझ जैसी है। इसके कारण तमाम देशों के मालवाहक जहाजों को काफी लंबा रास्ता लेना पड़ सकता है। वैसे भी समुद्री सुरक्षा के मामले में फ्रांस का माल काफी बेहतर माना जाता है। उसके समुद्री क्षेत्र में निगरानी प्रणाली की भारतीय नौसेना भी प्रशंसक है। इसलिए तमाम नए रास्ते भी खुलने की संभावना है।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने छोड़ा था भारत को अधर में
2024 चुनावी साल है। भारत ने इसमें अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन को मेहमान के तौर पर आमंत्रित करने की योजना बनाई। जी-20 के शिखर सम्मेलन के दौरान भारत ने अपनी इच्छा को अमेरिका के साथ साझा किया। अनुकूलता मिलने के बाद यह प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन 2023 के उत्तरार्ध में अमेरिकी राष्ट्रपति के सचिवालय ने उनके मेहमान बनने में असमर्थता जताई। इसके बाद भारत ने अपने दोस्त और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से पहल शुरू की। कुछ दिन पहले मैंक्रों के सलाहकार इमैनुएल बोने भी भारत आए थे और विदेश मंत्री एस जयशंकर से तमाम मुद्दों पर चर्चा की थी।