पीएम बोले, कश्मीरी युवाओं के हाथों में पत्थर नहीं, लैपटॉप होना चाहिए
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अमर स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर की जन्मस्थली से प्रधानमंत्री ने कश्मीर की आवाम को संदेश देते हुए कहा कि घाटी की शांति के लिए हिंदुस्तान कुछ भी करेगा। उन्होंने कहा कि कश्मीर शांति चाहता है।जिन युवकों के हाथ में लैपटॉप होना चाहिए, जिनके हाथ में वॉलीवाल और क्रिकेट बैट होना चाहिए। हाथ में किताब होनी चाहिए। मन में सपने होने चाहिए। उन निर्दोष बालकों के हाथ में पत्थर पकड़ा दिए गए। मेरे इन भोले भालों बच्चों का क्या होगा। इसलिए, इंसानियत और कश्मीरियत पर दाग नहीं लगने दिया जाएगा। जम्हूरियत में बातचीत और लोकतंत्र का रास्ता है।
प्रधानमंत्री ने कहा, 'देश में माओवाद के नाम पर, उग्रवाद के नाम पर कंधे पर बंदूक लेकर निकले नौजवानों से कहना चाहता हूं कि कितना लहू बहा दिया, लेकिन किसी ने कुछ नहीं पाया। आइए हाथ मिलाइए और खेतों में हल चलाइए। ये देश स्वर्ग बन जाएगा।'
कश्मीर में जारी उठापटक पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि चाहे कश्मीर की सरकार हो या चाहे दिल्ली में हमारी सरकार हो। हम सब मिलकर कठिनाइयों को चुनौती दे रहे हैं। विकास लोगों को पचता नहीं है। कश्मीर मसले पर कांग्रेस का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि कश्मीर के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दल बहुत ही मैच्योर रूप में समस्या के समाधान का प्रयास कर रहे हैं। सभी दल एक सुर में बोल रहे हैं। यही हिंदुस्तान की ताकत है। कश्मीर शांति चाहता है।
उन्होंने कहा, 'जो लोग अमरनाथ की यात्रा पर जाते थे, वे घाटी भी जाते थे। पर्यटन के जरिए लोगों की कमाई होती थी। आने वाले दिनों में पूरा हिंदुस्तान कश्मीर का सेव खाना चाहता है। कश्मीर के भाइयों, आपका सेव भारत के बाजारों में पहुंचना चाहिए। भारत सरकार इसके लिए पूरी ताकत लगा देगी। कश्मीर और हिंदुस्तानियों की सरकार आपकी भलाई चाहती है और इसके लिए हिंदुस्तान को जो कुछ करना पड़े हम करेंगे। मंच से तालियों की आवाज के बीच प्रधानमंत्री ने कहा कि कश्मीर में देश के लिए मर मिटने वाले लोगों की कमी नहीं है।
पीएम ने कहा कि आजादी के समय कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक पूरा हिंदुस्तान आजादी के लिए मरने मिटने को तैयार था। आज जरूरत एक मार्ग निर्धारित कर राष्ट्र को आगे ले जाने की है। आने वाले में दिनों में तिरंगा यात्रा निकलने वाली है। ये तिरंगा हमें भारत का भाग्य बदलने की प्रेरणा देता है। देश के लिए मर मिटना नहीं है, तो देश के लिए कुछ कर जाना है। ये माहौल बनाना है।
18000 से ज्यादा गांवों को 21वीं सदी में बिजली नहीं
उन्होंने कहा कि देश के लिए जीने और कुछ करने का मौका मिला है। हमें गांव, दलितों, शोषितों, वंचितों के जीवन में बदलाव लाना, उन सपनों को पूरा करने का प्रयास करना है। आजादी के 70 साल बाद क्या हमारा दायित्व नहीं बनता है। हर गांव में बिजली पहुंचे। 70 साल कम समय नहीं है। आज भी हजारों गांव ऐसे हैं, जहां बिजली नहीं पहुंची है। गांव के लोग आज भी बदतर हालत में जी रहे हैं। आजादी के दीवानों ने इतना बलिदान दिया, लेकिन आज भी 18000 से ज्यादा गांवों को 21वीं सदी में बिजली नसीब नहीं है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने इसे पूरा करने का बीड़ा उठाया और अभी तो एक साल भी पूरा नहीं हुआ और आधे से ज्यादा गांवों में बिजली पहुंच गई है। विकास हो, हर सरकार विकास के लिए प्रयास करती है। हम नहीं कहते कि 70 साल में किसी ने कुछ नहीं किया।
शिक्षा की बात करते हुए उन्होंने कहा कि स्कूल हो, शिक्षक हो और बालक हो और उसके बाद भी पढ़ाई न हो। आजादी के बाद ऐसा नहीं होना चाहिए। देशवासियों को संकल्प लेने की जरूरत है कि एक भी बच्चा स्कूल जाने से छूट न पाएं।
भाषण के बाद प्रधानमंत्री ने आजादी 70 साल, याद करो कुर्बानी कार्यक्रम की शुरुआत की। आखिर में प्रधानमंत्री ने राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और जिले के अधिकारियों को कार्यक्रम के आयोजन के लिए धन्यवाद दिया।
आजाद के गांव पहुंचने वाले पहले PM
आजाद को श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद प्रधानमंत्री ने अलीराजपुर में चंद्रशेखर आजाद मेमोरियल का दौरा किया। प्रधानमंत्री के साथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी साथ थे। प्रधानमंत्री यहीं से आजादी 70 साल, याद करो कुर्बानी कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे।Madhya Pradesh: PM Narendra Modi pays floral tribute to Chandrashekhar Azad in Alirajpur pic.twitter.com/qhb0ylsURI
— ANI (@ANI_news) August 9, 2016
नरेंद्र मोदी मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले में क्रांतिकारी नेता चंद्रशेखर आजाद के गांव भाभरा जाने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं। इंदौर डिवीजनल कमिश्नर संजय दुबे ने कहा, '1947 में जब देश को आजादी मिली तब से किसी भी प्रधानमंत्री ने आजाद की जन्मस्थली की यात्रा नहीं की है और मोदी यहां पहुंचने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं।PM Modi to kick off 'Azadi 70 Saal-Yaad Karo Qurbani', programme from Bhabhra,Alirajpur pic.twitter.com/IdvzyC3i7h
— ANI (@ANI_news) August 9, 2016
कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में देशभक्ति की भावना को जागृत करना है। कार्यक्रम की शुरुआत करने के बाद पीएम यहां से 10 किलोमीटर दूर जोथराडा गांव में जनसभा को संबोधित करेंगे।