{"_id":"60c13f0d8ebc3e00d175ef04","slug":"pm-modi-uddhav-thackeray-meeting-shiv-sena-tone-changed-says-not-together-in-power-but-relations-remain-intact","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोदी-उद्धव मुलाकात: बदले शिवसेना के सुर, कहा- सत्ता में साथ नहीं पर संबंध बरकरार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मोदी-उद्धव मुलाकात: बदले शिवसेना के सुर, कहा- सत्ता में साथ नहीं पर संबंध बरकरार
Thu, 10 Jun 2021 03:52 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 10 Jun 2021 03:52 AM IST
सार
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र की सीएम उद्धव ठाकरे के सुर बदले-बदले नजर आ रहे हैं
- एनसीपी ने किया आश्वस्त, महाविकास आघाड़ी सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी
विज्ञापन
पीएम मोदी और उद्धव ठाकरे
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की मुलाकात के बाद शिवसेना के सुर बदल गए हैं। शिवसेना ने कहा, हम सत्ता में साथ नहीं पर रिश्ता नहीं टूटा। राजनीतिक मतभेद का मतलब यह कतई नहीं है कि व्यक्तिगत रिश्ते कमजोर हो गए हैं।
विज्ञापन
शिवसेना के मुखपत्र सामना में सीएम का दिल्ली दौरा शीर्षक से छपे संपादकीय में लिखा गया, महाराष्ट्र की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री दिल्ली गए और प्रधानमंत्री से मिले। यह इसलिए महत्वपूर्ण है कि अन्य जगहों पर राज्य और केंद्र सरकार के बीच जो संघर्ष चल रहा है। उसका संक्रमण महाराष्ट्र में नहीं फैला है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने हमेशा प्रधानमंत्री का मान रखा है। मंगलवार को उन्होंने विनम्रतापूर्वक राज्य की समस्याएं प्रधानमंत्री के सामने रखीं, जिसे प्रधानमंत्री ने शांतिपूर्वक सुना। यह समस्याएं धीरे-धीरे हल होंगी। शिवसेना ने कहा, मोदी और उद्धव की मुलाकात जिस तरह से राज शिष्टाचार का हिस्सा थी, उसी तरह से व्यक्तिगत रिश्ते की भी थी। इसलिए दिल्ली की इस भेंट पर इसके आगे लंबे समय तक चर्चा की धूल उड़ती रहेगी।
विज्ञापन
25 साल का साथ रहा
भाजपा-शिवसेना का पुराना रिश्ता रहा है। करीब 25 साल तक दोनो पार्टियों का गठबंधन रहा है और दो बार महाराष्ट्र की सत्ता में भी शामिल रहे हैं। लेकिन साल 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद अचानक शिवसेना ने भाजपा से खुद को अलग कर लिया और विपरीत विचारधारा वाली पार्टी कांग्रेस-एनसीपी के मिलकर महाराष्ट्र में महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार बनाई। इसके बाद से भाजपा और शिवसेना के बीच सियासी तीर चलते रहते हैं।
डरने की कोई बात नहीं, पांच साल चलेगी सरकार: एनसीपी
मोदी उद्धव की मुलाकात पर एनसीपी ने स्पष्ट किया, डरने की कोई बात नहीं है। एमवीए सरकार पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा करेगी। लेकिन, दूसरे दिन ही शिवसेना के मुखपत्र में मोदी और ठाकरे के बीच रिश्ते को लेकर संपादकीय छपी जिसमें शिवसेना के तेवर में बदलाव नजर आया है।