Parliament: 'हमें भी उनकी सलाह माननी चाहिए', विपक्षी सांसदों को लेकर पीएम के बयान पर खरगे का तंज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विपक्षी सांसदों पर की गई टिप्पणियों के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जु खरगे ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पीएम मोदी पर तंस कसते हुए उन्हें एक अनुशासित व्यक्ति बताया है।
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मीडिया से बात करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा, 'वह एक अनुशासित व्यक्ति हैं जो नियमों और संविधान का पालन करते हैं। हमें भी उनकी सलाह माननी चाहिए।' संसद में आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन पर भी खरगे ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, राष्ट्रपति के भाषण में केवल पीएम मोदी और उनकी सरकार की तारीफ की गई है। यह पीएम मोदी के लिए एक प्रचार और एक राजनीतिक भाषण था। भाषण में बेरोजगारी पर कोई बात नहीं की गई। यह गरीबों को फंसाने का एक दस्तावेज था।
#WATCH | On PM Modi slamming disruptive MPs, Congress President & LoP Rajya Sabha Mallikarjun Kharge says, "He is a disciplined man who follows the rules and the Constitution. His advice should be followed." pic.twitter.com/e84QLNzYrH
— ANI (@ANI) January 31, 2024
विपक्षी सांसदं को लेकर पीएम मोदी के बयान पर राकांपा सांसद फौजिया खान ने कहा, 'जब विपक्षी पार्टियों के सांसदों ने संसद की सुरक्षा में चूक मामले पर सरकार से बयान की मांग की, तो उन्हें निलंबित कर दिया गया। जब भाजपा विपक्ष में थी, तब वे इससे ज्यादा प्रदर्शन करते थे।' सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, यहां गरीब और अमीर के बीच के अंतर का क्या?
#WATCH | On PM slamming "disruptive" MPs, NCP MP Dr Fauzia Khan says, "When opposition MPs demand government's statement on Parliament security breach, they are suspended. This is not causing disruption. When the BJP was in opposition, it protested even more."
— ANI (@ANI) January 31, 2024
"What about the… pic.twitter.com/eBuRd4vZt5
हुड़दंग करने वाले लोगों के लिए पश्चाताप का अवसर
प्रधानमंत्री ने रचनात्मक आलोचना की अपील करते हुए कहा, 'विरोध का स्वर तीखा क्यों न हो, आलोचना तीखी क्यों न हो। लेकिन अच्छे विचारों से जिन्होंने सदन को आशान्वति किया होगा, उनसे देश प्रभावित हुआ होगा। जिन्होंने भले ही विरोध न किया हो, लेकिन खुद की प्रतिभा से परिचय कराया होगा, तीखी आलोचना के बावजूद अपनी बात को प्रभावी ढंग से रखा होगा।' लेकिन जिन्होंने सिर्फ हुड़दंग, शरारतपूर्ण व्यवहार किया होगा। उन्हें शायद ही कोई याद करेगा। यह बजट सत्र पश्चाताप का भी अवसर है। यह अच्छे फुटप्रिंट छोड़ने का भी अवसर है। उन्होंने सभी सांसदों से बेहतर से बेहतर प्रदर्शन करने की अपील करते हुए अपने संबोधन का समापन भी 'राम-राम' बोलकर किया।