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पंजाब में मोदी की सुरक्षा में चूक: खुश हैं भाजपा, बादल और केजरीवाल, जांच रिपोर्ट बिगाड़ सकती है कांग्रेस का गणित!

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Wed, 12 Jan 2022 05:57 PM IST
सार

भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व भी पंजाब और दूसरे राज्यों में इस मुद्दे को भुनाने की तैयारी कर चुका है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी इस मुद्दे पर दो बार प्रेस कांफ्रेंस कर चुकी हैं। यूपी और उत्तराखंड में भी सोशल मीडिया पर ऐसे मैसेज चल रहे हैं कि पंजाब में पीएम की गाड़ी रोकना, कांग्रेस सरकार की कथित साजिश थी...

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PM Modi security lapse in Punjab: BJP, Badal and Kejriwal raising this issue in election, investigation report could impact Congress election strategy
पंजाब: प्रधानमंत्री की सुरक्षा में सेंध - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'सुरक्षा चूक', अब अपना राजनीतिक रंग दिखाने लगी है। किनारे पर खड़ी भाजपा को यह मुद्दा खुद के लिए फायदे का सौदा नजर आ रहा है। साथ ही दूसरी पार्टियां, शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी भी सुरक्षा चूक मामले को अपने लिए 'अच्छा' मान रही हैं। बुधवार को, सुरक्षा चूक मामले की जांच करने वाली टीम को हेड करने की जिम्मेदारी सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस इंदु मल्होत्रा को सौंपी गई है। ऐसा कहा जा रहा है कि इस मामले की जांच रिपोर्ट जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में पेश कर दी जाएगी। वजह, इस केस में बहुत से तथ्य पहले से मौजूद हैं। अगर जांच टीम द्वारा पंजाब पुलिस पर सवाल खड़ा किया जाता है तो विधानसभा चुनाव में सीएम चन्नी और कांग्रेस पार्टी का गणित बिगड़ सकता है।

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डीजीपी सहित अन्य शीर्ष अफसर रडार पर

केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच के लिए जिस कमेटी का गठन किया था, उसने अभी तक जितने भी सबूत जुटाए हैं, उसमें पंजाब पुलिस के डीजीपी सहित अन्य शीर्ष अफसर रडार पर हैं। हालांकि अब उस कमेटी का कोई औचित्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर केंद्र और पंजाब सरकार ने इस मामले की जांच के लिए गठित अपनी-अपनी कमेटी का कामकाज रोक दिया था। चुनाव का माहौल है तो मामले का राजनीतिकरण भी होना ही था। अकाली दल, जिसने भाजपा से गठबंधन तोड़कर बसपा के साथ चलने का निर्णय लिया था, अब वह भी इस मामले से खुश है। ड्रग मामले में फंसे अकाली दल नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा, पीएम सुरक्षा में जानबूझ कर चूक की गई है। पीएम मोदी को रोकने की साजिश सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के दफ्तर में रची गई। इसमें पंजाब पुलिस के टॉप अफसर मौजूद थे। अकाली दल को उम्मीद है कि इस मामले से पंजाब के देहात में कांग्रेस को नुकसान पहुंचेगा। उसका फायदा अकाली दल को मिल सकता है।

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पीएम की गाड़ी रोकना, कांग्रेस सरकार की साजिश

भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व भी पंजाब और दूसरे राज्यों में इस मुद्दे को भुनाने की तैयारी कर चुका है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी इस मुद्दे पर दो बार प्रेस कांफ्रेंस कर चुकी हैं। यूपी और उत्तराखंड में भी सोशल मीडिया पर ऐसे मैसेज चल रहे हैं कि पंजाब में पीएम की गाड़ी रोकना, कांग्रेस सरकार की कथित साजिश थी। आप संयोजक अरविंद केजरीवाल, जिनकी पार्टी को चुनावी सर्वे में बढ़त मिल रही है, उन्होंने भी पीएम की सुरक्षा चूक के लिए कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। बुधवार को पंजाब के दो दिवसीय दौर पर पहुंचे केजरीवाल ने अपने मूल एजेंडे के साथ पीएम सुरक्षा के मामले का भी जिक्र कर दिया। केजरीवाल ने कहा, मुख्यमंत्री चन्नी और अकाली दल वाले आपस में मिले हुए हैं। बिक्रम सिंह मजीठिया खुलेआम घूमता रहा है, लेकिन कांग्रेस सरकार ने उसे गिरफ्तार नहीं किया। इतने वर्षों से बादल परिवार और कांग्रेस, ये दोनों मिलकर पंजाब को लूट रहे हैं। इस बार ये सिलसिला बंद हो जाएगा। पंजाब में कांग्रेस सरकार के दौरान बेअदबी कांड, बम ब्लास्ट और प्रधानमंत्री तक की सुरक्षा में चूक हो रही है। अबकी बार पंजाब में 'आप' की सरकार बनने जा रही है।

पीएम सुरक्षा चूक और कांग्रेसी खींचतान में फंसे चन्नी

राजनीतिक जानकारों का कहना है, पंजाब में पीएम सुरक्षा चूक मामले का असर अब दिखने लगा है। सोशल मीडिया में इसे एक दिशा दी जा रही है। हालांकि ये मुद्दा उतना भी प्रभावी नहीं है कि इससे भारी उलटफेर हो जाए। इतना तो हो सकता है कि जो मतदाता इस निर्णय को लेकर इस असमंजस में हो कि उसे दो दलों में से किसे वोट करना है, तो उनके लिए इस मुद्दे का असर हो सकता है। अगर दो दलों के बीच कांटे की टक्कर है, तो उस स्थिति में ऐसा मुद्दा बाजी पलट सकता है। ईवीएम का बटन दबने से पहले जांच रिपोर्ट के आधार पर पंजाब पुलिस के अफसर सस्पेंड होते हैं, तो विपक्षी दल इसका बड़ा फायदा भी उठा सकते हैं। इस मामले का अधिक फायदा 'आप' को मिल सकता है। वजह, लोगों ने पंजाब में अभी तक कांग्रेस और अकाली दल का ही शासन देखा है, इस बार केजरीवाल की पार्टी दोनों दलों को कड़ी टक्कर दे रही है। मुख्यमंत्री चन्नी पर कोई दाग नहीं है, लेकिन उनकी पार्टी में चल रही आपसी खींचतान और पीएम सुरक्षा चूक मामला, उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है।

जब घिरने लगे तो बीएसएफ का नाम आगे कर दिया

आनंदपुर साहिब से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने बुधवार को पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी पर हमला बोल दिया। उन्होंने कहा, पंजाब को एक ऐसे नेता की जरूरत है, जिसके पास चुनौतियों का समाधान हो और जो कड़े फैसले ले सके। तिवारी ने पीएम की सुरक्षा चूक को लेकर भी चन्नी सरकार को आड़े हाथ लिया था। पंजाब के कैबिनेट मंत्री डॉ. राजकुमार वेरका कहते हैं, जहां पर पीएम की गाड़ी फंसी थी, वह क्षेत्र तो बीएसएफ के 50 किलोमीटर के दायरे में आता है। पंजाब पुलिस के पास तो 30 किलोमीटर का एरिया ही बचता है। हमने तो दो जनवरी को सूचित कर दिया था कि वहां पर प्रदर्शन या हिंसा की संभावना है। चुनाव के दौरान अप्रिय घटना की संभावना हो सकती है। बतौर राजकुमार वेरका, बीएसएफ क्या कर रही थी। वह क्षेत्र तो इनके कंट्रोल में था। पुलिस स्टेशन भी बीएसएफ के कंट्रोल एरिया में था। पंजाब भाजपा के अध्यक्ष अश्विनी शर्मा का कहना है, चुनाव में वोटर, कांग्रेस पार्टी को इसका जवाब देंगे। प्रधानमंत्री मोदी यहां की जनता को परियोजनाओं का तोहफा देना चाहते थे। इन परियोजनाओं से कई दूसरे राज्यों को भी लाभ होना था। जानबूझकर प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया गया। चुनाव में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनकी पार्टी को इस चूक का खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

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