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'उभरती तकनीक में शुरुआती लीडर बने भारत': पीएम मोदी बोले- उद्योग और सरकार मिलकर बढ़ाएं कदम; बताया आगे का रास्ता
Wed, 16 Sep 2026 08:18 PM IST
शिवम गर्ग
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: शिवम गर्ग
Updated Wed, 16 Sep 2026 08:18 PM IST
सार
पीएम मोदी ने सेमीकंडक्टर राउंडटेबल में कहा कि भारत को उभरती तकनीकों में शुरुआती अग्रणी देशों में शामिल होने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने उद्योग से सहयोग बढ़ाने की अपील की।
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पीएम नरेंद्र मोदी
- फोटो : Amar Ujala Graphics
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत को उभरती तकनीकों के क्षेत्र में शुरुआती अग्रणी देशों में शामिल होने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा नीतिगत माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध है, जो स्थिर और जरूरत के मुताबिक तेजी से प्रतिक्रिया देने वाला हो। प्रधानमंत्री ने यहां प्रमुख कंपनियों के सीईओ के साथ सेमीकंडक्टर राउंडटेबल बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने भारत के तकनीकी भविष्य को आकार देने में सरकार और सेमीकंडक्टर उद्योग के बीच करीबी सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।
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AI और क्वांटम कंप्यूटिंग पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के पास प्रतिभा, तकनीक को तेजी से अपनाने और बुनियादी ढांचे की मजबूत नींव है। उन्होंने उद्योग जगत से स्किलिंग, इनोवेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तथा क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उभरती तकनीकों में अधिक सक्रिय भागीदारी की अपील की।
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प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मोदी ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह इकोसिस्टम अब शुरुआती बुनियादी प्रयासों से आगे बढ़कर बड़े स्तर पर विस्तार और नए अवसरों के चरण में पहुंच रहा है।
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तकनीक के साथ बदलती रहें नीतियां
प्रधानमंत्री ने सरकार की नीतियों को लेकर कहा कि एक स्थिर और जवाबदेह नीतिगत माहौल जरूरी है। साथ ही, तकनीक में बदलाव और उद्योग की जरूरतों के अनुसार नीतियों को भी विकसित होना चाहिए। उन्होंने उद्योग जगत के नेताओं से नीतिगत और प्रशासनिक उपायों को लेकर सुझाव देने को कहा। पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए आगे की नीति बनाने में इन सुझावों पर उचित विचार किया जाएगा।
सेमीकंडक्टर सेक्टर की अगली पारी में उद्योग की भागीदारी
पीएम ने उद्योग जगत से भारत के सेमीकंडक्टर विकास के अगले चरण में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। बैठक में शामिल सीईओ ने भी भारत में सेमीकंडक्टर क्षमता विकसित करने के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की।
कंपनियों के प्रमुखों ने मैन्युफैक्चरिंग, डिजाइन, बुनियादी ढांचे और प्रतिभा विकास के क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 के तहत सामने आ रहे अवसरों को लेकर भरोसा जताया।
पूरी सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन विकसित करने पर जोर
सीईओ ने कहा कि भारत में सेमीकंडक्टर की पूरी वैल्यू चेन तैयार करने की क्षमता है। इसमें मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D), एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और इससे जुड़ी सहायक इंडस्ट्री शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने एआई में एक करोड़ लोगों को प्रशिक्षित करने के लक्ष्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत की प्रतिभा और वैश्विक कंपनियों के अनुभव व क्षमताओं के मेल से बड़े अवसर पैदा हो सकते हैं।
कई बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में SEMI, माइक्रोन, इनफिनियन, एप्लाइड मैटेरियल्स, ASML, मर्क, टोक्यो इलेक्ट्रॉन लिमिटेड, फ़ूजीफ़िल्म, AMD, इंटेल, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, लैम रिसर्च, रैपिडस, NXP, फ़ॉक्सकॉन, सेमीकंडक्टर डिवाइस, एडवांटेस्ट, सेलेस्टा कैपिटल, CG पावर और IBM रिसर्च समेत कई संगठनों के सीईओ, प्रमुख और प्रतिनिधि शामिल हुए।
कंपनियों के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व और समर्थन की सराहना करते हुए कहा कि हाल के वर्षों में हुई प्रगति ने उद्योग की आगे की भागीदारी के लिए मजबूत आधार तैयार किया है। उन्होंने भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी हब बनाने में योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई।