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नोटबंदी पर कई बार भावुक हुए पीएम, बोले- 30 दिसंबर के बाद हो समस्या तो हर सजा मंजूर
टीम डिजीटल/ अमर उजाला /दिल्ली
Updated Sun, 13 Nov 2016 11:42 PM IST
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- फोटो : ANI
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गोवा के पणजी में नोटबंदी पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि कालेधन पर हमारे गुप्त ऑपरेशन से बेईमानों की नींद उड़ी हैं, ये लड़ाई ईमानदारी की लड़ाई है और उनके ही भरोसे लड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री अपने संबोधन के आखिर में बहुत भावुक हो गए और देशवासियों से 50 दिन साथ देने की अपील की। पढ़िए प्रधानमंत्री के भाषण की अहम बातें..
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नोटबंदी पर दस महीने से लगातार काम
नोटबंदी के फैसले के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि दस महीने से लगातार काम में लगा रहा। ये लोग ऐसे होते हैं कि पता चल जाए, तो अपना काम निकाल लेते हैं। मैंने उस रात को भी कहा था कि इस निर्णय से तकलीफ होगी, असुविधा होगी। लेकिन आज मैं उन करोड़ों लोगों के सामने सिर झुकाता हूं कि रात भर लाइन में खड़े रह रहे हैं।
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प्रधानमंत्री ने बैंककर्मियों का भी अभिनंदन किया और कहा कि वे सबसे ज्यादा काम कर रहे हैं। मैंने सोशल मीडिया में देखा कि रिटायर्ड बैंक के कर्मचारी बैंक गए और काम करने के लिए आगे आए। मैं उनका भी अभिनंदन करता हूं। मैं उन नौजवानों का भी अभिनंदन करता हूं, जो लोगों की देखभाल कर रहे हैं, अपने खर्चे पर। इस योजना की सफलता मोदी की घोषणा से नहीं, ऐसे लोगों से ही चलता है।
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मतदाता सूची पर भी करेंगे काम
इसके बाद प्रधानमंत्री ने मतदाता सूची पर अपनी बात रखी और कहा कि पोलिंग के दिन शिकायत आती है, जबकि इससे पहले सभी पार्टियां मतदाता सूची पर काम करती हैं। हमारे देश में चुनाव होता है, और इसकी तैयारी से लेकर वोटिंग तक काम 90 दिन तक चलता है। मैंने देश से 50 दिन मांगे हैं, अगर 30 दिसंबर के बाद मेरी कोई गलती निकल जाए, तो आप जिस चौराहे पर खड़ा कर सजा देना चाहे.. मैं तैयार हूं। लेकिन मेरे देशवासी दुनिया आगे बढ़ रही है.. आप मुझे मौका दीजिए। आपने जैसा हिंदुस्तान चाहा है.. मैं वैसा हिंदुस्तान आपको दूंगा।
भावुक हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी..
उन्होंने कहा कि मैंने घर परिवार सबकुछ देश के लिए छोड़ा है। पीएम ने कहा कि हमने लोगों के सामने स्कीम रखी और काला धन के बारे में घोषणा करने का मौका दिया। पहली बार 67 हजार करोड़ रुपये लोगों ने जमा कराए। यही नहीं सवा करोड़ का हिसाब सरकारी खजाने में आया है। इसके बाद हमें मालूम था कि हमें क्या करना है। मैंने जन धन योजना शुरू की, इस योजना के द्वारा गरीब से गरीब का बैंक अकाउंट खोला। करीब-करीब 20 करोड़ लोगों के अकाउंट खोले।
'आधे से ज्यादा सांसद कहने आए कि ये नियम मत बनाओ'
संसद भवन
- फोटो : कुमार संजय
20 करोड़ लोगों को रुपे कार्ड
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जन धन योजना में खाते ही नहीं खुले, इस देश के 20 करोड़ लोगों को रुपे कार्ड दिया। उस डेबिट कार्ड से वह बाजार से कुछ भी खरीद सकता है। मैं धीरे धीरे देश की आर्थिक तबीयत सुधारने के लिए दवाइयां दे रहा हूं। पीएम मोदी ने कहा कि मैंने अपने देश के गरीबों से कहा था कि आप जीरो अकाउंट पर खाता खोल सकते हैं। ये जो अमीर लोग आज रात को सो नहीं पाते हैं, उन्हें नहीं पता कि मेरे देश के गरीबों ने बैंकों में 45 हजार करोड़ रुपया जमा करवाया। इस देश के सामान्य व्यक्ति की ताकत को पहचाने।
दूसरे के नाम पर संपत्ति, तो करेंगे हमला
गोवा में नोटबंदी पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दूसरे के नाम संपत्ति होगी, तो हम कानूनन उस पर हमला बोलने वाले हैं। ये संपत्ति देश के गरीब की है और मेरी सरकार सिर्फ और सिर्फ गरीबों का मदद करना अपना कर्तव्य मानती है। उन्होंने कहा कि हमने देखा है घर में शादी हो, काम हो, ज्वैलरी खरीदना है। बीवी का जन्मदिन है, ज्वैलरी खरीदनी है। सब जगह कैश ही चलता था, ये बंद होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए। हमने नियम बनाए हैं। 2 लाख से ज्यादा ज्वैलरी खरीदने पर आपको पैन नंबर देना पड़ेगा। आप हैरान होंगे कि आधे से ज्यादा सांसद मुझे कहने आए कि मोदी जी ये नियम मत बनाओ।
आपने भ्रष्टाचार के खिलाफ वोट दिया
पीएम ने कहा कि आपने भ्रष्टाचार के खिलाफ वोट दिया था कि नहीं दिया था। आपने कहा था, तो मुझे करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए। आपने मुझे जब ये करने के लिए कहा था, तो आपको पता था कि नहीं, थोड़ी परेशानी होगी। ये सरकार बनने के बाद हमने सुप्रीम कोर्ट के नेतृत्व में कालेधन के खिलाफ एसआईटी बनाई और दुनिया भर में कहां-कहां काला कारोबार चल रहा है। ये टीम इसकी जांच कर रही है।
भारत का पैसा कहीं जाए, तो पता चले
हमारे यहां कहावत है कि पूत के पांव पालने में दिख जाते हैं। जब मेरी सरकार ने पहली ही कैबिनेट बैठक में ऐसे फैसले लिए, तो आपको इसका अंदाजा था कि नहीं था। मैंने देश को कभी अंधेरे में नहीं रखा। दूसरा काम था दुनिया के देशों से पुराने समझौते में बदलाव किया जाए और नए समझौते किए जाए। अमेरिका को मैं समझाने में सफल रहा कि अगर आपके बैंकों में किसी भारतीय का पैसा आता जाता है, तो हमें पता चलना चाहिए। विश्व में कहीं भी भारत की लूट का पैसा जाए, तो हमको पता चलना चाहिए।
सांसदों की जेब में होते हैं ज्वैलर्स
प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर आपके पास पैसे हैं, तो आप अपना पैन नंबर लिखवा दीजिए। जो चाहे खरीदिए हमको इसकी परवाह नहीं है, लेकिन सरकार को जानकारी होनी चाहिए। हमने एक और काम किया और पहले की सरकारों ने भी काम किया। ये ज्वैलर्स है.. उन पर एक्साइज ड्यूटी नहीं लगती। ज्वैलरों की संख्या की बहुत कम होती है, लेकिन उनकी ताकत देखिए.. अच्छे अच्छे सांसद की जेब में होते हैं और जब हमने ज्वैलरी पर ड्यूटी लगाई तो इतना दबाव बनाया कि आपको बताऊं कि पहले वाली सरकारों को ये फैसला वापस लेना पड़ा। मैं कुर्सी के लिए पैदा नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जन धन योजना में खाते ही नहीं खुले, इस देश के 20 करोड़ लोगों को रुपे कार्ड दिया। उस डेबिट कार्ड से वह बाजार से कुछ भी खरीद सकता है। मैं धीरे धीरे देश की आर्थिक तबीयत सुधारने के लिए दवाइयां दे रहा हूं। पीएम मोदी ने कहा कि मैंने अपने देश के गरीबों से कहा था कि आप जीरो अकाउंट पर खाता खोल सकते हैं। ये जो अमीर लोग आज रात को सो नहीं पाते हैं, उन्हें नहीं पता कि मेरे देश के गरीबों ने बैंकों में 45 हजार करोड़ रुपया जमा करवाया। इस देश के सामान्य व्यक्ति की ताकत को पहचाने।
दूसरे के नाम पर संपत्ति, तो करेंगे हमला
गोवा में नोटबंदी पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दूसरे के नाम संपत्ति होगी, तो हम कानूनन उस पर हमला बोलने वाले हैं। ये संपत्ति देश के गरीब की है और मेरी सरकार सिर्फ और सिर्फ गरीबों का मदद करना अपना कर्तव्य मानती है। उन्होंने कहा कि हमने देखा है घर में शादी हो, काम हो, ज्वैलरी खरीदना है। बीवी का जन्मदिन है, ज्वैलरी खरीदनी है। सब जगह कैश ही चलता था, ये बंद होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए। हमने नियम बनाए हैं। 2 लाख से ज्यादा ज्वैलरी खरीदने पर आपको पैन नंबर देना पड़ेगा। आप हैरान होंगे कि आधे से ज्यादा सांसद मुझे कहने आए कि मोदी जी ये नियम मत बनाओ।
आपने भ्रष्टाचार के खिलाफ वोट दिया
पीएम ने कहा कि आपने भ्रष्टाचार के खिलाफ वोट दिया था कि नहीं दिया था। आपने कहा था, तो मुझे करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए। आपने मुझे जब ये करने के लिए कहा था, तो आपको पता था कि नहीं, थोड़ी परेशानी होगी। ये सरकार बनने के बाद हमने सुप्रीम कोर्ट के नेतृत्व में कालेधन के खिलाफ एसआईटी बनाई और दुनिया भर में कहां-कहां काला कारोबार चल रहा है। ये टीम इसकी जांच कर रही है।
भारत का पैसा कहीं जाए, तो पता चले
हमारे यहां कहावत है कि पूत के पांव पालने में दिख जाते हैं। जब मेरी सरकार ने पहली ही कैबिनेट बैठक में ऐसे फैसले लिए, तो आपको इसका अंदाजा था कि नहीं था। मैंने देश को कभी अंधेरे में नहीं रखा। दूसरा काम था दुनिया के देशों से पुराने समझौते में बदलाव किया जाए और नए समझौते किए जाए। अमेरिका को मैं समझाने में सफल रहा कि अगर आपके बैंकों में किसी भारतीय का पैसा आता जाता है, तो हमें पता चलना चाहिए। विश्व में कहीं भी भारत की लूट का पैसा जाए, तो हमको पता चलना चाहिए।
सांसदों की जेब में होते हैं ज्वैलर्स
प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर आपके पास पैसे हैं, तो आप अपना पैन नंबर लिखवा दीजिए। जो चाहे खरीदिए हमको इसकी परवाह नहीं है, लेकिन सरकार को जानकारी होनी चाहिए। हमने एक और काम किया और पहले की सरकारों ने भी काम किया। ये ज्वैलर्स है.. उन पर एक्साइज ड्यूटी नहीं लगती। ज्वैलरों की संख्या की बहुत कम होती है, लेकिन उनकी ताकत देखिए.. अच्छे अच्छे सांसद की जेब में होते हैं और जब हमने ज्वैलरी पर ड्यूटी लगाई तो इतना दबाव बनाया कि आपको बताऊं कि पहले वाली सरकारों को ये फैसला वापस लेना पड़ा। मैं कुर्सी के लिए पैदा नहीं हुआ।
PM का राहुल गांधी पर निशाना
गोवा के पणजी में नरेंद्र मोदी
- फोटो : ANI
ये कष्ट सिर्फ 50 दिन का
प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं देशवासियों की तकलीफ समझता हूं। उनकी मुसीबत समझता हूं, लेकिन ये कष्ट सिर्फ 50 दिन का है। एक बार सफाई हो गई, तो छोटा-मोटा मच्छर भी नहीं आता है। मुझे पता है कि ये लड़ाई मैं ईमानदार लोगों के भरोसे लड़ रहा हूं।
करोड़ों डकारने वाले लाइन में लगे हैं
आपको पता नहीं होगा कि कैसे-कैसे लोगों का डूब रहा है। वो गरीब विधवा मां मोदी को आशीर्वाद देती हैं कि जिसके बेटे पूछ नहीं रहे थे, वो आए थे 2.50 लाख रुपये जमा कराने। आपको पता है कि 2जी, कोयला और करोड़ों डकारने वालों को आज 4 हजार रुपये बदलवाने के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ता है। आज हालत ये है कि जो गंगा में चवन्नी नहीं डालते थे, आज नोट गंगा मइया में बहा रहे हैं।
भिखारी भी नहीं लेता हजार का नोट
भिखारी भी मना करता है साहब ये हजार का नोट नहीं चलेगा। कुछ लोग अफवाह उड़ा रहे हैं, मैं देशवासियों से कहता हूं कि आपके 500 रुपये में से एक पैसा कोई नहीं ले सकता। मेरा सबसे आग्रह है कि सब आप पैसा बैंक में जमा कर दीजिए। मुख्य धारा में आ जाइए। सबका भला है।
सबकुछ ईमानदार लोगों के लिए
अगर कुछ लोग ये सोच रहे हैं कि आगे देखा जाए, तो वो मुझे पहचान लें। देश जब से आजाद हुआ, मैं तब से आपका कच्चा चिट्ठा खोल दूंगा। मैं 1 लाख लोगों को नौकरी देकर इसी काम में लगाऊंगा और अब लोग समझ गए हैं। ये अंत नहीं है.. ये पूर्णविराम नहीं है। मेरे दिमाग में और भी कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं। ये सब मैं ईमानदार लोगों के लिए कर रहा हूं।
मुझे बर्बाद कर देंगे, जिंदा नहीं छोड़ेंगे..
आखिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आप नहीं जानते कि मैं किन-किन लोगों से लड़ रहा हूं। आप मुझ पर विश्वास करिए। मुझे लंबे समय से इनका सामना करना पड़ा है, लेकिन मैं कालेधन वालों से डरने वाला नहीं हूं। मैं जानता हूं कि कैसे-कैसे लोग मेरे खिलाफ हो जाएंगे। 70 साल का मैं उनका लूट रहा हूं। भाइयों बहनों 50 दिन मेरी मदद करें। वो जो चाहे करें.. आप मेरी मदद करें। मुझे बर्बाद कर देंगे, जिंदा नहीं छोड़ेंगे.. लेकिन मैं डरने वाला नहीं हूं। आइए ईमानदारी के काम में मेरा साथ दीजिए।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं देशवासियों की तकलीफ समझता हूं। उनकी मुसीबत समझता हूं, लेकिन ये कष्ट सिर्फ 50 दिन का है। एक बार सफाई हो गई, तो छोटा-मोटा मच्छर भी नहीं आता है। मुझे पता है कि ये लड़ाई मैं ईमानदार लोगों के भरोसे लड़ रहा हूं।
करोड़ों डकारने वाले लाइन में लगे हैं
आपको पता नहीं होगा कि कैसे-कैसे लोगों का डूब रहा है। वो गरीब विधवा मां मोदी को आशीर्वाद देती हैं कि जिसके बेटे पूछ नहीं रहे थे, वो आए थे 2.50 लाख रुपये जमा कराने। आपको पता है कि 2जी, कोयला और करोड़ों डकारने वालों को आज 4 हजार रुपये बदलवाने के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ता है। आज हालत ये है कि जो गंगा में चवन्नी नहीं डालते थे, आज नोट गंगा मइया में बहा रहे हैं।
भिखारी भी नहीं लेता हजार का नोट
भिखारी भी मना करता है साहब ये हजार का नोट नहीं चलेगा। कुछ लोग अफवाह उड़ा रहे हैं, मैं देशवासियों से कहता हूं कि आपके 500 रुपये में से एक पैसा कोई नहीं ले सकता। मेरा सबसे आग्रह है कि सब आप पैसा बैंक में जमा कर दीजिए। मुख्य धारा में आ जाइए। सबका भला है।
सबकुछ ईमानदार लोगों के लिए
अगर कुछ लोग ये सोच रहे हैं कि आगे देखा जाए, तो वो मुझे पहचान लें। देश जब से आजाद हुआ, मैं तब से आपका कच्चा चिट्ठा खोल दूंगा। मैं 1 लाख लोगों को नौकरी देकर इसी काम में लगाऊंगा और अब लोग समझ गए हैं। ये अंत नहीं है.. ये पूर्णविराम नहीं है। मेरे दिमाग में और भी कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं। ये सब मैं ईमानदार लोगों के लिए कर रहा हूं।
मुझे बर्बाद कर देंगे, जिंदा नहीं छोड़ेंगे..
आखिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आप नहीं जानते कि मैं किन-किन लोगों से लड़ रहा हूं। आप मुझ पर विश्वास करिए। मुझे लंबे समय से इनका सामना करना पड़ा है, लेकिन मैं कालेधन वालों से डरने वाला नहीं हूं। मैं जानता हूं कि कैसे-कैसे लोग मेरे खिलाफ हो जाएंगे। 70 साल का मैं उनका लूट रहा हूं। भाइयों बहनों 50 दिन मेरी मदद करें। वो जो चाहे करें.. आप मेरी मदद करें। मुझे बर्बाद कर देंगे, जिंदा नहीं छोड़ेंगे.. लेकिन मैं डरने वाला नहीं हूं। आइए ईमानदारी के काम में मेरा साथ दीजिए।
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