क्रिकेट से कोरोना के खिलाफ लड़ाई तक रोजमर्रा की जिंदगी में है आत्मनिर्भर भारत का जज्बा: पीएम
- ऑस्ट्रेलिया पर जीत का जिक्र करते हुए कहा, जोखिम लेने और विफलता से नहीं डरना चाहिए
- मोदी ने कहा, पूरी वैज्ञानिक प्रक्रिया के बाद ही बना कोरोना का टीका, कोई बड़ा दुष्प्रभाव नहीं
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा, आत्मनिर्भर भारत मिशन रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। क्रिकेट से लेकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई तक यह जज्बा हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल है।
प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि पूरी वैज्ञानिक प्रक्रिया के बाद ही कोरोना का टीका बनाया गया है। इससे कोई बड़ा दुष्प्रभाव नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा, भारत टीके को लेकर पूरी तरह आत्मनिर्भर है।
असम की तेजपुर यूनिवर्सिटी के 18वें दीक्षांत समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित करते हुए पीएम ने कहा, कोरोना के दौर में आत्मनिर्भर भारत अभियान हमारी शब्दावली का अहम हिस्सा हो गया है। पीएम ने ऑस्ट्रेलिया में भारत की अभूतपूर्व जीत का जिक्र करते हुए कहा, हमें जोखिम लेने से नहीं डरना चाहिए और विफलता के डर को दूर करना चाहिए।
उन्होंने कहा, दृष्टिकोण में बदलाव का बड़ा उदाहरण हमारे सामने भारतीय टीम है जिन्होंने पहला मैच हारने के बाद भी अपनी लड़ाई जारी रखी। कई खिलाड़ियों के चोटिल होने के बाद भी वह जीत के लिए संघर्ष करते रहे और नए-नए समाधान खोजते रहे। कुछ खिलाड़ियों में अनुभव जरूर कम था लेकिन हौसला उतना ही बुलंद दिखा। उनको जैसे ही मौका मिला, उन्होंने इतिहास बना दिया।
आगे उन्होंने कहा कि एक बेहतर टीम को अपनी प्रतिभा और जज्बे पर भरोसा था। यही वह ताकत थी, जिसके दम पर उन्होंने एक अनुभवी टीम को पराजित कर दिया। मोदी ने दिवंगत संगीतकार भूपेन हजारिका समेत असम की हस्तियों और आजादी की लड़ाई में असम के लोगों के योगदान का जिक्र भी किया। असम में अप्रैल-मई में चुनाव होने हैं।
टीम इंडिया की जीत से तीन मंत्र सीखनेे की सलाह
- अपनी क्षमताओं पर विश्वास होना चाहिए। इससे मुश्किल काम भी आसान होगा।
- सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें। इससे सारे काम सकारात्मक होंगे।
- सुरक्षित निकलने की बजाय मुश्किल जीत का विकल्प चुनना चाहिए।
भारत दुनिया को दे रहा है सुरक्षा कवच का विश्वास
पीएम ने कहा, भारत दुनिया को अपने यहां तैयार कोरोना के टीके से सुरक्षा कवच का विश्वास दिला रहा है। आज का भारत समस्या के समाधान के लिए प्रयोगों से भी नहीं डरता और बड़े स्तर पर काम करने से भी पीछे नहीं हटता।
इसका उदाहरण है हर गरीब परिवार को घर देने, हर घर जल पहुंचाने, सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना और अब सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान भी भारत में शुरू हो रहा है।
वाराणसी के कोरोना योद्धाओं से की बात, कहा-सिद्धि का नतीजा टीकाकरण अभियान
पीएम मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के तीन केंद्रों पर छह लोगों से वर्चुअल संवाद किया। इनमें महिला अस्पताल में मैट्रन पुष्पा देवी और वैक्सिनेटर रानी कुंवर श्रीवास्तव, जिला अस्पताल में सीएमएस डा. वी शुक्ला, एसएलटी रमेश चंद्र, सफाई कर्मी अप्सरी बेगम, सीएचसी हाथी पर एएनएम श्रृंखला चौहान वर्चुअल संवाद में शामिल रहे।
पीएम ने कहा, 2021 की शुरुआत बहुत ही शुभ संकल्पों से हुई है। काशी के बारे में कहते हैं कि यहां शुभता सिद्धि में बदल जाती है। इसी सिद्धि का परिणाम है कि आज विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान हमारे देश में चल रहा है। दो मेड इन इंडिया वैक्सीन भारत में तैयार हुई हैं। इस मामले में भारत न सिर्फ पूरी तरह से आत्मनिर्भर है बल्कि कई देशों की मदद भी कर रहा है।