11:35 AM, 31-May-2020
नदियां सदा स्वच्छ रहें, पशु-पक्षियों को भी खुलकर जीने का हक मिले, आसमान भी साफ-सुथरा हो, इसके लिए हम प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर जीवन जीने की प्रेरणा ले सकते हैं। मेरे प्यारे देशवासियो हम बार-बार सुनते हैं ‘जल है तो जीवन है- जल है तो कल है’ लेकिन जल के साथ हमारी जिम्मेवारी भी है। मेरे प्यारे देशवासियो, स्वच्छ पर्यावरण सीधे हमारे जीवन, हमारे बच्चों के भविष्य का विषय हैI इसलिए हमें व्यक्तिगत स्तर पर भी इसकी चिंता करनी होगी।
11:34 AM, 31-May-2020
मेरे प्यारे देशवासियो कुछ दिन बाद ही 5 जून को पूरी दुनिया ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ मनाएगी। इस साल की थीम है- बायो डायवर्सिटी यानी जैव-विविधिताI वर्तमान परिस्थितियों में यह थीम विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। लॉकडाउन के दौरान पिछले कुछ हफ़्तों में जीवन की रफ्तार थोड़ी धीमी जरुर हुई है लेकिन इससे हमें अपने आसपास, प्रकृति की समृद्ध जैव-विविधता को देखने का अवसर भी मिला हैI सालों बाद पक्षी की आवाज़ को लोग अपने घरों में सुन रहे हैं।
11:33 AM, 31-May-2020
साथियो एक तरफ जहां पूर्वी भारत तूफान से आई आपदा का सामना कर रहा है, दूसरी तरफ देश के कई हिस्से टिड्डियों के हमले से प्रभावित हुए हैं। इन हमलों ने फिर हमें याद दिलाया है कि ये छोटा सा जीव कितना नुकसान करता है। भारत सरकार, राज्य सरकार, कृषि विभाग, प्रशासन टिड्डी संकट के नुकसान से बचने के लिए, किसानों की मदद के लिए, आधुनिक संसाधनों का उपयोग कर रहा है। नए-नए आविष्कार की तरफ भी ध्यान दे रहा है और मुझे विश्वास है कि हम सब मिलकर के हमारे कृषि क्षेत्र को बचा लेंगे।
11:31 AM, 31-May-2020
मेरे प्यारे देशवासियो एक तरफ हम महामारी से लड़ रहें हैं, तो दूसरी तरफ हमें हाल में पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में प्राकृतिक आपदा का भी सामना करना पड़ा है। पिछले कुछ हफ्तों के दौरान हमने पश्चिम बंगाल, ओडिशा में चक्रवात अम्फान का कहर देखा। हालात का जायजा लेने के लिए मैं पिछले हफ्ते ओडिशा, पश्चिम बंगाल गया था। पश्चिम बंगाल और ओडिशा के लोगों ने जिस हिम्मत और बहादुरी के साथ हालात का सामना किया है।
11:29 AM, 31-May-2020
मणिपुर के चुरा-चांदपुर में छह साल के बच्चे केलेनसांग उसको भी इसी तरह आयुष्मान भारत से नया जीवन मिला है। कुछ इसी तरह का अनुभव पुड्डुचेरी की अमूर्था वल्ली जी का भी है। आयुष्मान भारत के तहत जिन गरीबों का मुफ्त इलाज हुआ है, उनके जीवन में जो सुख आया है, उस पुण्य के असली हकदार हमारा ईमानदार टैक्स पेयर भी है।
11:26 AM, 31-May-2020
अगर गरीबों को अस्पताल में भर्ती होने के बाद इलाज के लिए पैसे देने पड़ते, इनका मुफ्त इलाज नहीं हुआ होता तो उन्हें एक मोटा-मोटा अंदाज है। करीब-करीब 14 हजार करोड़ रूपए से भी ज्यादा अपनी जेब से खर्च करने पड़ते। साथियो मैंने आपको सिर्फ तीन-चार घटनाओं का जिक्र किया। आयुष्मान भारत से तो ऐसी एक करोड़ से अधिक कहानियां जुड़ी हुई हैं। ये कहानियां जीते-जागते इंसानों की हैं, दुख-तकलीफ से मुक्त हुए हमारे अपने परिवारजनों की है।
11:24 AM, 31-May-2020
कुछ ही दिन पहले आयुष्मान भारत के लाभार्थियों की संख्या एक करोड़ के पार हो गई है। एक करोड़ से ज्यादा मरीज मतलब नॉर्वे जैसा देश, सिंगापुर जैसा देश, उसकी जो कुल जनसंख्या है उससे दो गुना लोगों को मुफ्त में इलाज दिया गया है। आयुष्मान भारत योजना के साथ एक बड़ी विशेषता पोर्टेबिलिटी की सुविधा भी है पोर्टेबिलिटी ने देश को एकता के रंग में रंगने में भी मदद की है यानी बिहार का कोई गरीब अगर चाहे तो उसे कर्नाटका में भी वही सुविधा मिलेगी जो उसे अपने राज्य में मिलती।
11:23 AM, 31-May-2020
‘कपालभाती’ और ‘अनुलोम-विलोम’, ‘प्राणायाम’ से अधिकतर लोग परिचित होंगे। लेकिन ‘भस्त्रिका’, ‘शीतली’, ‘भ्रामरी’ जैसे कई प्राणायाम के प्रकार हैं, जिसके, अनेक लाभ भी हैं। आपके जीवन में योग को बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय ने भी इस बार एक अनोखा प्रयोग किया है। मेरा आपसे अनुरोध है, आप सभी, इस प्रतियोगिता में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में आप हिस्सेदार बनिए। हमारे देश में, करोडों-करोड़ गरीब, दशकों से एक बहुत बड़ी चिंता में रहते आए हैं- अगर बीमार पड़ गए तो क्या होगा? इस तकलीफ को समझते हुए, इस चिंता को दूर करने के लिए ही, करीब डेढ़ साल पहले आयुष्मान भारत योजना शुरू की गई थी।
11:21 AM, 31-May-2020
हर जगह लोगों ने योग और उसके साथ-साथ आयुर्वेद के बारे में और ज्यादा जानना चाहा है। कितने ही लोग हैं जिन्होंने कभी योग नहीं किया, वे भी ऑनलाइन योगा क्लास से जुड़ गए हैं या ऑनलाइन वीडियो के माध्यम से योग सीख रहे हैं। कोरोना संकट के इस समय में योग- आज इसलिए भी ज्यादा अहम है, क्योंकि ये वायरस, हमारे रेस्पिरेटरी सिस्टम को सबसे अधिक प्रभावित करता है। योग में तो रेस्पिरेटरी सिस्टम को मजबूत करने वाले कई तरह के प्राणायाम हैं। ये टाइम टेस्टिड टेक्नीक हैं।
11:18 AM, 31-May-2020
केंद्र सरकार ने अभी जो फैसले लिए हैं, उससे गांवों में रोजगार, स्वरोजगार, लघु उद्योगों से जुड़ी विशाल संभावनाएं खुली हैं। अगर, हमारे गांव, कस्बे, जिले, राज्य, आत्मनिर्भर होते, तो अनेक समस्याओं ने, वो रूप नहीं लिया होता, जिस रूप में वो आज हमारे सामने हैं। मुझे पूरा भरोसा है आत्मनिर्भर भारत अभियान, इस दशक में देश को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। कोरोना संकट के इस दौर में मेरी, विश्व के अनेक नेताओं से बातचीत हुई है, लेकिन, मैं एक सीक्रेट बताना चाहूंगा- विश्व के अनेक नेताओं में इन दिनों, बहुत ज्यादा दिलचस्पी योग और आयुर्वेद के संबंध में होती है।