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मन की बात: 'टेक्सटाइल कचरा देश के लिए नई चुनौती', PM मोदी ने बताया- कैसे भारत बन सकता है सस्टेनेबल फैशन का हब

Sun, 30 Mar 2025 01:35 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Sun, 30 Mar 2025 01:35 PM IST
सार

आज पीएम नरेंद्र मोदी अपने रेडियो प्रसारण का 120वें शो को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर बातचीत की। हालांकि उन्होंने इन दिनों देश में टेक्सटाइल कचरे की बढ़ती चुनौती पर भी ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि भारत इस क्षेत्र में एक बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है। साथ ही उन्होंने इस चुनौती को खत्म में जुटे लोगों की सराहना भी की। तो आइए जानते है पीएम मोदी ने टेक्सटाइल कचरे को लेकर और क्या-क्या कहा...

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PM Modi flags issue of textile waste, lauds efforts being undertaken to deal with challenge News In Hindi
पीएम नरेंद्र मोदी - फोटो : PTI

विस्तार

रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को अपने रेडियो शो 'मन की बात' के माध्यम से संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत में टेक्सटाइल कचरे से बढ़ती चुनौती पर जोर दिया। पीएम मोदी ने टेक्सटाइल कचरे के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि भारत इस क्षेत्र में एक बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की जानी चाहिए।

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बता दें कि अपने रेडियो प्रसारण 'मन की बात' में प्रधानमंत्री मोदी ने टेक्सटाइल कचरे से जुड़ी चुनौती के बारे में लोगों को बताया। उन्होंने कहा कि आप सोच रहे होंगे कि टेक्सटाइल कचरे का मुद्दा क्या है? दरअसल, यह एक बड़ी समस्या बन गई है। आजकल लोग पुराने कपड़े जल्दी फेंक देते हैं और नए खरीदने की आदत बढ़ गई है।

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फेंके हुए कपड़े बन जाता है कचरा- पीएम 
पीएम मोदी ने आगे सवाल किया कि क्या आपने कभी सोचा है कि पुराने कपड़ों का क्या होता है जिन्हें हम पहनना बंद कर देते हैं? उन्होंने बताया कि ये कपड़े कचरे में बदल जाते हैं। इसके बारे में किए गए शोध में यह बात सामने आई है कि दुनिया में बहुत कम कपड़ा कचरे को ही नए कपड़ों में बदला जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश है, जहां सबसे अधिक कपड़ा कचरा उत्पन्न होता है।

चुनौती से निपटने के प्रयास की सराहना की
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि यह बड़ी चुनौती है, लेकिन मुझे खुशी है कि भारत में इस चुनौती से निपटने के लिए कई सराहनीय प्रयास हो रहे हैं। कई भारतीय स्टार्ट-अप कपड़ा वसूली की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, कई टीमें हमारे रैगपिकर भाइयों और बहनों के सशक्तिकरण के लिए काम कर रही हैं। कई युवा टिकाऊ फैशन के प्रयासों में शामिल हो रहे हैं, पुराने कपड़े और फुटवियर को रीसायकल कर जरूरतमंदों को देते हैं।"

इसके साथ ही पीएम मोदी ने कई संगठन इन दिनों 'परिपत्र फैशन ब्रांड्स' को बढ़ावा दे रहे हैं। इसके अलावा, कुछ प्लेटफॉर्म पर कपड़े किराए पर भी दिए जा रहे हैं। कुछ संगठन पुराने कपड़े इकट्ठा करते हैं, उन्हें नया रूप देते हैं और गरीबों को वितरित करते हैं।

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पीएम मोदी ने कुछ शहरों का दिया उदाहारण
अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ शहरों का उदाहरण देते हुए कहा कि पनीपत, तिरुपुर और बेंगलुरु जैसे शहर कपड़ा कचरे के प्रबंधन में नए तरीके अपना रहे हैं। उन्होंने बताया कि पनीपत अब टेक्सटाइल रीसाइक्लिंग का एक वैश्विक हब बन रहा है और बेंगलुरु में इस क्षेत्र में कई अभिनव तकनीकी समाधान आ रहे हैं। वहीं, तिरुपुर में कपड़ा अपशिष्ट प्रबंधन के लिए जल उपचार और नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने इन प्रयासों को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि हमें भी इस दिशा में काम करने की जरूरत है।

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