फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   PM modi concentrate on act east policy

26 जनवरी को भारत देगा एक्ट ईस्ट पॉलिसी का संदेश

Wed, 24 Jan 2018 11:05 PM IST
शशिधर पाठक/नई दिल्ली
शशिधर पाठक/नई दिल्ली Updated Wed, 24 Jan 2018 11:05 PM IST
विज्ञापन
PM modi concentrate on act east policy
- फोटो : ANI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्विट्जरलैंड के दाओस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में हिस्सा लेकर लौट आए हैं। उनका अगला पड़ाव एक्ट ईस्ट पॉलिसी है। इसके लिए बृहस्पतिवार को वह भारत-आसियान स्मारक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। लेकिन इससे पहले भारत पहुंच रहे दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के शिखर नेताओं के साथ उनकी भेंट-मुलाकात का दौर शुरू हो गया है। 

विज्ञापन


इस सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री की नौ से अधिक द्विपक्षीय बैठकें होने की संभावना है। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की परेड में सभी शिखर नेता शिरकत करेंगे और इसके साथ भारत एक कदम आगे बढ़ एक्ट ईस्ट पॉलिसी का संदेश देगा।
विज्ञापन


दो मोर्चे पर काम कर रहा भारत

एक्ट ईस्ट पॉलिसी की प्रक्रिया में भारत दो मोर्चे पर काम कर रहा है। इसका पहला उद्देश्य दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के साथ संपर्क, द्विपक्षीय व्यापार, अवसर, साझेदारी बढ़ाने पर जोर देना है। इसके लिए कोलकाता से लेकर कंबोडिया, लाओस तक सड़क, रेल या अन्य संपर्क मार्ग को गति देना है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


दूसरा उद्देश्य आपसी हितों, क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों, आतंकवाद, सूचना की साझेदारी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी आपसी सहयोग को नई दिशा देना है। ऐसा करने से संयुक्त राष्ट्र समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत अपने प्रभुत्व और अस्तित्व दोनों को धार दे सकेगा। 

माना यह जा रहा है कि नई दिल्ली का यह कदम जहां विश्व समुदाय में मजबूती के साथ कदम रखने में अहम है, क्षेत्रीय सुरक्षा, सामुद्रिक क्षेत्र आदि में एकला चलकर आक्रामक रुख अपनाने वाले चीन के लिए भी एक संदेश है।

आपसी सहयोग बढ़ाना है मकसद
भारत-आसियान शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नेताओं के दिल्ली आने का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री मोदी बुधवार 24 जनवरी को म्यांमार की नेता आंग सान सू की, वियतनाम के प्रधानमंत्री न्गयेन हुआ फुक, फिलीपींस के राष्ट्रपति रा रोड्रिगो रोआ दुतेर्ते से द्विपक्षीय चर्चा करेंगे। 

25 जनवरी को उनकी द्विपक्षीय भेंट और चर्चा थाईलैंड, सिंगापुर, ब्रुनेई के शिखर नेताओं से होनी है। इसी क्रम में वह इंडोनेशिया, मलेशिया, लाओस के शिखर नेता से द्विपक्षीय चर्चा करेंगे। इस चर्चा में आपसी हित के तथा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दे शामिल होंगे। 

समझा जा रहा है कि भारत इसमें आपसी सहयोग को बढ़ाने, मजबूत ब्रिज बनाने तथा समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुपालन, भयरहित स्वतंत्र नौवहन पर मिलकर स्पष्ट रुख अपनाने पर जोर देगा।

इस बार दुनिया की निगाह
इस बार गणतंत्र दिवस पर दुनिया के देशों की निगाह है। ऐसा पहली बार हो रहा है, जब दक्षिण पूर्वी एशिया के इतने सदस्य देशों के शिखर नेता राजपथ पर मेहमान के तौर पर होंगे। इनके लिए राजपथ पर विशेष व्यवस्था की गई है। 

सुरक्षा के कड़े इंतजाम के साथ-साथ विशेष अतिथि दीर्घा को काफी बड़ा बनाया गया है। यह इसलिए भी अहम है, क्योंकि आसियान में चीन का दबदबा रहा है। चीन की गहरी पैठ के साथ-साथ अमेरिका समेत अन्य देशों ने भी क्षेत्र में अपनी पैठ तेज की है। इस बदलते दौर में भारत का भी इसमें सशक्त भागीदार की भूमिका निभाने का संदेश देते हुए आगे आना काफी अहम माना जा रहा है। 


अभी तक भारत इस क्षेत्र में संबंध के दरवाजे खोलने के लिए लुक ईस्ट पॉलिसी पर चल रहा था, लेकिन इस सशक्त भागीदारी के बाद यह एक्ट ईस्ट पॉलिसी के रूप में देखी जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed