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मोदी की स्वपनिल योजनाओं को पंख लगाएंगे नए मंत्री
एम संजय/ नई दिल्ली
Updated Thu, 07 Jul 2016 05:18 AM IST
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धीमी रफ्तार से चल रही पीएम मोदी की स्वपनिल योजनाओं को अब युवा मंत्री पंख लगाएंगे। मंत्रियों के कामकाज का बंटवारा करते हुए पीएम ने सबसे ज्यादा बदलाव अपने स्वपनिल योजनाओं वाले सामाजिक विकास के मंत्रालयों में किया है।
इन मंत्रालयों में कामकाज की गति बढ़ाने के कवायद में मोदी ने केंद्रीय मंत्री के साथ राज्य मंत्रियों की फौज उतार दी गई है। ताकि सामाजिक विकास की उनकी स्वपनिल योजनाओं को पंख लग सके।
कृषि मंत्रालय में राधा मोहन सिंह के साथ अनुभवी नेताओं के रूप में एसएस अहलूवालिया, पुरूषोत्तम रूपाला और सुदर्शन भगत सरीखे तीन राज्य मंत्रियों को विभाग के साथ जोडा है।
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तो नमामि गंगे अभियान को पंख लगाने के लिए केंद्रीय जल संसाधन और गंगा पुनर्रोद्धार मंत्री उमा भारती के साथ संजीव बालियान और विजय गोयल के रूप में युवा मंत्री जोड़े गए हैं। गंगा स्वच्छता का अभियान बेहद धीमा है।
उपर से खराब स्वास्थ्य भी उमा को परेशान कर रहा है। पीएमओ को चिंता सता रही है कि गंगा का अभियान भी राम मंदिर मुद्दे को हश्र न प्राप्त हो। इसलिए सरकार गंगा स्वच्छता की रफ्तार बढ़ाना चाहती है। यूपी विधानसभा चुनाव से पहले सरकार की कोशिश अभियान के कुछ पहलूओं को जमीन पर उतारने की है। इस कवायद में ही गोयल और बालियान सरीखे युवा मंत्रियों को गंगा मंत्रालय से जोड़ा गया है।
चौ. बीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में ग्रामीण विकास मंत्रालय में पीएम मोदी की स्वपनिल सांसद आदर्श ग्राम योजना दम तोड़ रही है। दूसरे चरण में सरकार के अपने ही मंत्री और सांसद गांव गोद लेने में रूची नहीं दिखा रहे हैं।
अब नरेंद्र सिंह तोमर को विभाग सौंपकर मोदी ने ग्रामीण विकास योजनाओं में पंख लगने की उम्मीद जताई है। राज्य मंत्री के रूप में राम कृपाल यादव और रमेश चंदप्पा उनका साथ देंगे। स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ अनुप्रिया पटेल और फग्गन सिंह कुलस्ते सरीखे युवा मंत्रियों को लगाया गया है।
अनुप्रिया के सामने स्वास्थ्य विभाग के जरिए यूपी में कामकाज का अच्छ अवसर है। आए दिन पूर्वांचल में जापानी बुखार के वजह से सैकडों बच्चों को जान गंवानी पड़ती है। तो महिला विकास एवं बाल कल्याण में मेनका गांधी के साथ कृष्णा राज को राज्य मंत्री बनाकर मोदी ने इस विभाग के काम में भी तेजी लाने का प्रयास किया है।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय में प्रकाश जावडेकर के साथ डा. महेंद्र पांडे को जोड़ा है। जबकि उपेंद्र कुशवाहा के रूप में एक सुलझे हुए नेता पहले से ही मंत्रालय में हैं।
दरअसल मोदी का प्रयास सरकार की छवि को गांव, गरीब और किसान वाली बनाने तक ही सीमित नहीं है। बल्कि वह अपनी सरकार को एक संवेदनशील सरकार के रूप में दर्शाना चाहते हैं।
इस प्रयास को अंजाम देने और स्वपनिल योजनाओं को जमीन पर उतारने के मकसद से ही मोदी ने सामाजिक और गांव, गरीब तथा किसान से जुड़े महकमों में युवा और अनुभवी चेहरों की फौज उतारी है। कामकाज बंटवारे के अगले दिन से ही युवा मंत्री अपने मंत्रालय की गतिविधियों में जुट गए हैं।
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इन मंत्रालयों में कामकाज की गति बढ़ाने के कवायद में मोदी ने केंद्रीय मंत्री के साथ राज्य मंत्रियों की फौज उतार दी गई है। ताकि सामाजिक विकास की उनकी स्वपनिल योजनाओं को पंख लग सके।
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कृषि मंत्रालय में राधा मोहन सिंह के साथ अनुभवी नेताओं के रूप में एसएस अहलूवालिया, पुरूषोत्तम रूपाला और सुदर्शन भगत सरीखे तीन राज्य मंत्रियों को विभाग के साथ जोडा है।
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तो नमामि गंगे अभियान को पंख लगाने के लिए केंद्रीय जल संसाधन और गंगा पुनर्रोद्धार मंत्री उमा भारती के साथ संजीव बालियान और विजय गोयल के रूप में युवा मंत्री जोड़े गए हैं। गंगा स्वच्छता का अभियान बेहद धीमा है।
उपर से खराब स्वास्थ्य भी उमा को परेशान कर रहा है। पीएमओ को चिंता सता रही है कि गंगा का अभियान भी राम मंदिर मुद्दे को हश्र न प्राप्त हो। इसलिए सरकार गंगा स्वच्छता की रफ्तार बढ़ाना चाहती है। यूपी विधानसभा चुनाव से पहले सरकार की कोशिश अभियान के कुछ पहलूओं को जमीन पर उतारने की है। इस कवायद में ही गोयल और बालियान सरीखे युवा मंत्रियों को गंगा मंत्रालय से जोड़ा गया है।
चौ. बीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में ग्रामीण विकास मंत्रालय में पीएम मोदी की स्वपनिल सांसद आदर्श ग्राम योजना दम तोड़ रही है। दूसरे चरण में सरकार के अपने ही मंत्री और सांसद गांव गोद लेने में रूची नहीं दिखा रहे हैं।
अब नरेंद्र सिंह तोमर को विभाग सौंपकर मोदी ने ग्रामीण विकास योजनाओं में पंख लगने की उम्मीद जताई है। राज्य मंत्री के रूप में राम कृपाल यादव और रमेश चंदप्पा उनका साथ देंगे। स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ अनुप्रिया पटेल और फग्गन सिंह कुलस्ते सरीखे युवा मंत्रियों को लगाया गया है।
अनुप्रिया के सामने स्वास्थ्य विभाग के जरिए यूपी में कामकाज का अच्छ अवसर है। आए दिन पूर्वांचल में जापानी बुखार के वजह से सैकडों बच्चों को जान गंवानी पड़ती है। तो महिला विकास एवं बाल कल्याण में मेनका गांधी के साथ कृष्णा राज को राज्य मंत्री बनाकर मोदी ने इस विभाग के काम में भी तेजी लाने का प्रयास किया है।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय में प्रकाश जावडेकर के साथ डा. महेंद्र पांडे को जोड़ा है। जबकि उपेंद्र कुशवाहा के रूप में एक सुलझे हुए नेता पहले से ही मंत्रालय में हैं।
दरअसल मोदी का प्रयास सरकार की छवि को गांव, गरीब और किसान वाली बनाने तक ही सीमित नहीं है। बल्कि वह अपनी सरकार को एक संवेदनशील सरकार के रूप में दर्शाना चाहते हैं।
इस प्रयास को अंजाम देने और स्वपनिल योजनाओं को जमीन पर उतारने के मकसद से ही मोदी ने सामाजिक और गांव, गरीब तथा किसान से जुड़े महकमों में युवा और अनुभवी चेहरों की फौज उतारी है। कामकाज बंटवारे के अगले दिन से ही युवा मंत्री अपने मंत्रालय की गतिविधियों में जुट गए हैं।