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पीएम केयर्स फंड: सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर, कोष का विवरण सार्वजनिक करने की मांग
Wed, 19 May 2021 07:01 PM IST
सुरेंद्र जोशी
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Wed, 19 May 2021 07:01 PM IST
सार
पीएम केयर्स फंड को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है। एक याचिका में इस फंड की मौजूदा स्थिति व कोरोना के लिए किए गए आवंटन का ब्यौरा उजागर करने की मांग की गई है।
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pm cares fund
- फोटो : social media
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में पीएम केयर्स फंड की वर्तमान स्थिति व कोविड-19 राहत और अन्य परियोजनाओं के लिए इससे किए गए राशि के आवंटन की जानकारी मांगी गई है। साथ ही याचिका में केंद्र सरकार से पीएम केयर्स फंड के संबंध के बारे में जानकारी मांगी गई है।
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एक्टिविस्ट साकेत गोखले ने यह हस्तक्षेप याचिका कोविड-19 प्रबंधन से संबंधित मामले में दाखिल की है। इस याचिका में कहा गया है कि पीएम केयर्स फंड एक गैर सरकारी हितधारक है और कोरोना से जारी लड़ाई में वह प्रमुख सहयोगी है और वह कोरोना से होने वाली लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। ऐसे में पीएम केयर्स फंड के जरिए आवश्यक वस्तुओं के वितरण व आपूर्ति से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
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याचिका में कहा गया है कि सार्वजनिक तौर पर हमें पीएमओ द्वारा जारी बयान या प्रेस विज्ञप्तियों के जरिए पीएम केयर्स फंड से हुए आवंटन के बारे में जानकारी मिलती है। यह स्पष्ट नहीं है कि क्या इसके अलावा भी कोविड-19 से संबंधित खर्च में इस फंड का इस्तेमाल होता है या नहीं?
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याचिका में कहा गया है कि पीएम केयर्स फंड को भी मामले में पक्षकार बनाया जाए और फंड की वर्तमान स्थिति का खुलासा करने का निर्देश दिया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता ने कहा कि इस फंड की देखरेख पीएमओ और अन्य केंद्रीय मंत्रियों द्वारा की जा रही है। इसके लिए राष्ट्रीय प्रतीक व लोगों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जबकि इसके बारे में कहा जा रहा है कि यह न तो भारत सरकार का है और न ही इस पर सरकारी नियंत्रण है।