{"_id":"60ba9fc08c297965227caed5","slug":"plea-in-bombay-high-court-ludo-to-be-declared-game-of-luck-not-skill","type":"story","status":"publish","title_hn":"बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका: लूडो कौशल नहीं, किस्मत का खेल घोषित हो","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका: लूडो कौशल नहीं, किस्मत का खेल घोषित हो
Sat, 05 Jun 2021 03:18 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, मुंबई।
एजेंसी, मुंबई।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 05 Jun 2021 03:18 AM IST
सार
- महाराष्ट्र सरकार से कोर्ट ने मांगा जवाब, 22 जून को होगी सुनवाई
- याचिका के मुताबिक- इस खेल में लोग जब कुछ दांव पर लगाते हैं तो यह जुआ का रूप ले लेता है।
विज्ञापन
बॉम्बे हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बॉम्बे हाईकोर्ट में लोकप्रिय बोर्ड गेम लूडो को लेकर एक याचिका दायर की गई है। याचिका में मांग की गई है कि इस खेल को कौशल के खेल के बजाए किस्मत का खेल घोषित किया जाए। महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के केशव मुले ने यह याचिका दी है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा है कि इस खेल में लोग दांव पर पैसे लगा रहे हैं। याचिका में मोबाइल एप से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। मामले पर सुनवाई 22 जून को होगी। हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
विज्ञापन
याचिका के मुताबिक, लूडो का खेल उसका पासा गिरने के बाद उस पर आने वाले अंकों पर निर्भर करता है। इस तरह से देखा जाए तो लूडो कौशल नहीं किस्मत का खेल है। इस खेल में लोग जब कुछ दांव पर लगाते हैं तो यह जुआ का रूप ले लेता है।
विज्ञापन
याचिका में कहा गया है कि लूडो एप पर लोग पैसा लगा रहे हैं। लोग पांच-पांच रुपये का दांव लगाते हैं, जिसके बाद विजेता के खाते में 17 रुपये पहुंचते हैं, जबकि तीन रुपये एप के हिस्से में जाते हैं।
याचिकाकर्ता के वकील निखिल मेंगड़े ने कहा, लूडो के नाम पर जुआ सामाजिक बुराई का रूप ले रहा है। इससे पहले याचिका मजिस्ट्रेट कोर्ट में पहुंची थी। वहां इसे कौशल का खेल मानते हुए एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया था।