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Piyush Goyal: इस्राइल-हमास संघर्ष पर पवार की टिप्पणी को केंद्रीय मंत्री ने बताया लापरवाह नजरिया, ये कहा

Wed, 18 Oct 2023 07:48 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Wed, 18 Oct 2023 07:48 PM IST
सार

Piyush Goyal: गोयल की टिप्पणी पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के कार्यकाल में 1991 से 1993 तक भारत के रक्षा मंत्री रहे पवार के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह नहीं मानते कि भारत सरकार ने फलस्तीन स्थित आतंकवादी समूह हमास के साथ युद्ध के दौरान इस्राइल का 100 फीसदी साथ दिया है।

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Piyush Goyal Slams Sharad Pawar Over Remark on Israel-Palestine
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और प्रकाश जावड़ेकर - फोटो : पीटीआई

विस्तार

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस्राइल-फलस्तीन संघर्ष पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार की टिप्पणी को लेकर बुधवार को उनकी कड़ी आलोचना की और कहा कि वरिष्ठ नेता का आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर 'लापरवाह नजरिया' है। इसे बदलने की जरूरत है। 

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गोयल की यह टिप्पणी पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के कार्यकाल में 1991 से 1993 तक भारत के रक्षा मंत्री रहे पवार के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह नहीं मानते कि भारत सरकार ने फलस्तीन स्थित आतंकवादी समूह हमास के साथ युद्ध के दौरान इस्राइल का 100 फीसदी साथ दिया है।
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केंद्रीय मंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि जब शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेता इस्राइल में आतंकवादी हमले पर भारत के रुख पर 'निरर्थक' बयान देते हैं तो यह बहुत परेशान करने वाला होता है। दुनिया के किसी भी हिस्से में आतंकवाद के खतरे की हर रूप में निंदा किए जाने का जिक्र करते हुए गोयल ने कहा कि पवार उसी सरकार का हिस्सा थे जिसने बाटला हाउस मुठभेड़ पर आंसू बहाए थे और भारत की धरती पर आतंकवादी हमले होने के दौरान सोए रहे थे।
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महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि इस्राइल-फिलस्तीन मुद्दा "गंभीर और संवेदनशील" है, और अफगानिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात और अन्य देशों जैसे मुस्लिम देशों के विचारों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। हमास द्वारा घुसपैठ शुरू करने के एक दिन बाद आठ अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी ने इस्राइल के साथ एकजुटता व्यक्त की थी और ''आतंकवादी'' हमलों की निंदा की थी।

उन्होंने ट्वीट किया, ''इजराइल में आतंकवादी हमलों की खबर से गहरा सदमा लगा है। हमारे विचार और प्रार्थनाएं निर्दोष पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं। हम इस मुश्किल घड़ी में इस्राइल के साथ एकजुटता से खड़े हैं।" मोदी ने 10 अक्तूबर को अपने इस्राइली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू से कहा था कि भारत के लोग उनके देश के साथ मजबूती से खड़े हैं और आतंकवाद के सभी स्वरूपों की कड़ी निंदा करते हैं।




विदेश मंत्रालय ने हमास की ओर से इस्राइली शहरों पर किए गए हमलों को 'आतंकी हमला' करार दिया है, लेकिन साथ ही भारत के लंबे समय से चले आ रहे अपने रुख की भी पुष्टि की है। भारत ने इस्राइल के साथ शांति से रहने वाले फलस्तीन के 'संप्रभु, स्वतंत्र और व्यवहार्य' राज्य की स्थापना की दिशा में बातचीत की वकालत की है।

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