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झारखंड के कार्यवाहक डीजीपी की नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
Sun, 26 Jul 2020 03:10 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sun, 26 Jul 2020 03:10 AM IST
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supreme court
- फोटो : पीटीआई
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एमवी राव को कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किए जाने के झारखंड सरकार के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई है। इसमें कहा गया कि राव की नियुक्ति राज्य पुलिस प्रमुखों के तय कार्यकाल और वरिष्ठता के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है।
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1987 बैच के अधिकारी राव को 16 मार्च को झारखंड के डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। उनसे पहले कमल नयन चौबे राज्य के पुलिस महानिदेशक की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, लेकिन दिल्ली के पुलिस आधुनिकीकरण डिविजन कैंप में बतौर ओएसडी उनका तबादला कर दिया गया था। राव को अतिरिक्त प्रभार सौंपने के सरकार के फैसले को प्रह्लाद नारायण सिंह ने शीर्ष अदालत में चुनौती दी है।
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याचिका में दावा किया गया कि झारखंड कैडर के आईपीएस अधिकारियों में वरीय क्रम में चौथे नंबर पर आने वाले राव पहले से ही महानिदेशक (दमकल सेवा और होमगार्ड) का कार्यभार संभाल रहे हैं। चौबे की डीजीपी के तौर पर नियुक्ति के दस महीने के भीतर ही उनका तबादला कर दिया गया, ताकि राव को नियुक्त किया जा सके, जो इस पद के हकदार नहीं हैं, लेकिन जेएमएम के नेतृत्व वाली सरकार के चहेते हैं।
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