फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

क्या सरकार कर सकती है आपका भी फोन टैप, क्या है कानून, कब-कब बना सियासी मुद्दा, जानें सब कुछ

Sat, 18 Jul 2020 03:06 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Sat, 18 Jul 2020 03:06 PM IST
विज्ञापन
Phone tapping bjp accused congress for it know what is law and which cases were on limelight indian politics
अशोक गहलोत और सचिन पायलट (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

राजस्थान में सियासी उठापटक जारी है। राज्य में पहले जहां वरिष्ठ बनाम युवा की लड़ाई चल रही थी। वहीं अब इसमें फोन टैपिंग का भी मामला जुड़ गया है। दरअसल, कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा ने चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने के लिए विधायकों की निष्ठा खरीदने की कोशिश की है। सबूत के तौर पर पार्टी ने दो ऑडियो क्लिप जारी की हैं, जिसमें कांग्रेस विधायक भंवर लाल शर्मा, भाजपा विधायक संजय जैन और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत बात करते हुए सुनाई दे रहे हैं।



इसके बाद भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए पूछा कि क्या फोन टैपिंग के लिए संवैधानिक प्रक्रिया का पालन किया गया है? क्या राजस्थान में प्रत्येक व्यक्ति चाहे वह किसी भी पार्टी से हो, उसका फोन टैपिंग किया जा रहा है? वैसे ये पहली बार नहीं है जब फोन टैपिंग का मुद्दा उठा हो। अतीत में कई बार फोन टैपिंग सुर्खियों में छाई रही है। ऐसे में आपके मन में सवाल उठ सकता है कि क्या सरकार किसी का भी फोन टैप कर सकती है? इसे लेकर कानून क्या कहता है? देश में अब तक कौन-कौन से चर्चित मामले रहे हैं?

दस एजेंसियों के पास है फोन टैपिंग का अधिकार

Phone tapping bjp accused congress for it know what is law and which cases were on limelight indian politics
phone tapping

खुफिया ब्यूरो, केंद्रीय जांच ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, राजस्व खुफिया निदेशालय, राष्ट्रीय जांच एजेंसी, रॉ, सिग्नल इंटेलिजेंस निदेशालय और दिल्ली पुलिस आयुक्त के पास फोन टैपिंग करने का अधिकार है। हालांकि किसी पर भी निगरानी रखने से पहले उन्हें केंद्रीय गृह सचिव की मंजूरी लेनी होती है। यह जानकारी पिछले साल लोकसभा में दी गई थी।

फोन टैपिंग नहीं है निजता का उल्लंघन

Phone tapping bjp accused congress for it know what is law and which cases were on limelight indian politics
फोन टैपिंग (फाइल फोटो) - फोटो : iStock

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 कहता है कि कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अनुसार कोई भी व्यक्ति अपने जीवन या व्यक्तिगत स्वतंत्रता से वंचित नहीं रहेगा। व्यक्तिगत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में 'निजता का अधिकार' शामिल है। यानी एक नागरिक को अन्य मामलों के अलावा अपने परिवार, शिक्षा, विवाह, मातृत्व, बच्चे पैदा करने की अपनी व्यक्तिगत गोपनीयता को सुरक्षित रखने का अधिकार है। ऐसे में कई बार सवाल उठता है कि क्या किसी की बात सुनना निजता के अधिकार का उल्लंघन नहीं है। इसका जवाब है नहीं। यदि इसे जनता के हित या किसी आपातकाल की स्थिति में किया जा रहा है तो यह गलत नहीं है। बिना सरकार की इजाजत के आप देश के किसी भी नागरिक का फोन टैप नहीं कर सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

भारतीय राजनीति का फोन टैपिंग से है पुराना नाता

Phone tapping bjp accused congress for it know what is law and which cases were on limelight indian politics
फोन टैपिंग (फाइल फोटो) - फोटो : iStock
  • फरवरी 2007 में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का उस समय फोन टैप किया गया था जब वे सरदार पटेल मार्ग पर अपनी कार में पंजाब के एक कांग्रेसी नेता से बात कर रहे थे। दोनों सीडब्ल्यूसी चुनावों के लिए उम्मीदवारों पर चर्चा कर रहे थे।
  • अक्तूबर 2007 में जदयू नेता नीतीश कुमार का फोन टैप किया गया था। उस समय वे अपनी आधिकारिक कार में बिहार भवन से साउथ ब्लॉक की ओर जाते हुए केंद्र से धन प्राप्त करने को लेकर एक सहयोगी के साथ बात कर रहे थे। कुमार तत्कालीन बिहार के कमिश्नर का फोन इस्तेमाल कर रहे थे।
  • जुलाई 2008 में सीपीएम नेता प्रकाश करात का फोन टैप किया गया था। ऐसा भारत-अमेरिका परमाणु समझौते और संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर विपक्षी नेताओं की रणनीति का पता लगाने के लिए किया गया था।
  • अप्रैल 2010 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मुखिया शरद पवार का फोन उस समय टैप किया गया जब वे इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) प्रमुख ललित मोदी से बातचीत कर रहे थे। बिडिंग (बोली) प्रक्रिया के दौरान हुए सौदों पर रिकॉर्ड की गई बातचीत का इस्तेमाल कथित तौर पर पवार पर मोदी को हटाने के लिए दबाव बनाने के लिए किया गया।
विज्ञापन

मुलायम-अमर समेत इन मामलों ने भी बटोरी सुर्खियां

Phone tapping bjp accused congress for it know what is law and which cases were on limelight indian politics
फोन टैपिंग (फाइल फोटो) - फोटो : iStock

2009 में समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव और अमर सिंह के बीच हुई एक कथित वार्ता सामने आई थी। बातचीत के लिखित अंश प्रकाशित होने पर अमर सिंह ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया था।


अरुण जेटली के फोन टैपिंग का मामला
तब केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा था कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69 केंद्र सरकार या एक राज्य सरकार को यह शक्ति देती है कि वो देश की संप्रभुता या अखंडता के हित में किसी भी कंप्यूटर संसाधन में उत्पन्न, संचारित, प्राप्त या संग्रहीत किसी भी सूचना को इंटरसेप्ट, मॉनिटर या डिक्रिप्ट या इंटरसेप्ट कर सकती है।

फोन टैपिंग के मामले में यह भी नियम है कि किसी भी व्यक्ति का फोन एक बार अनुमति मिलने के बाद दो महीने तक टैप किया जाएगा। इसके बाद समय अवधि बढ़ाने के लिए फिर से अनुमति लेनी होगी। किसी भी व्यक्ति का फोन अधिकतम छह महीने ही टैप किया जा सकता है। 

2013 में भाजपा नेता अरुण जेटली के फोन टैपिंग मामले में चार लोगों के खिलाफ मामला चल रहा है। इसमें दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल अरविंद डबास और तीन अन्य जासूसों अनुराग, नीरज और नीतीश के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 464, 467, 468, 471, 120 (बी) तथा सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा 66 के तहत मामला दर्ज किया गया था। डबास को 2013 में कथित रूप से जेटली की कॉल डिटेल की जानकारी प्राप्त करने का प्रयास करने के लिए गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार डबास ने वरिष्ठ भाजपा नेता के कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (सीडीआर) के लिए मोबाइल सेवा प्रदाता को अनुरोध भेजने के लिए सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) की आधिकारिक ईमेल आईडी इस्तेमाल किया था।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed