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Adani Row: गौतम अदाणी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर, अमेरिका की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच की मांग
Sun, 24 Nov 2024 05:28 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Sun, 24 Nov 2024 05:28 PM IST
सार
अमेरिकी न्याय विभाग ने न्यूयॉर्क की अदालत में दावा किया कि दिग्गज कारोबारी गौतम अदाणी और अन्य साथियों ने अपने फायदे के लिए निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने के लिए साजिश रची। अदाणी और उनके सहयोगियों ने अमेरिकी निवेशकों की कीमत पर भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के जरिये बड़े पैमाने पर राज्य ऊर्जा आपूर्ति अनुबंध हासिल करने और वित्तपोषित करने की साजिश रची।
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गौतम अदाणी
- फोटो : ANI
विस्तार
भारत के मशहूर उद्योगपति गौतम अदाणी पर अमेरिका की ओर से आरोप लगाए जाने के बाद भारत में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के मामले की जांच मांग की गई है। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है।
अधिवक्ता विशाल तिवारी ने अदाणी-हिंडनबर्ग विवाद में शेयर मूल्य में हेरफेर के आरोपों के मामले में एक अंतरिम आवेदन के रूप में याचिका दायर की है। तिवारी ने कह कि कि अदाणी के खिलाफ गंभीर आरोप हैं और भारतीय अधिकारियों द्वारा उनकी जांच की जानी चाहिए। याचिका में कहा गया है कि सेबी को जांच पूरी करके रिपोर्ट और निष्कर्ष को रिकॉर्ड पर रखकर भरोसा जगाना चाहिए। चूंकि सेबी की जांच में शॉर्ट सेलिंग के आरोप थे। इसका विदेशी अधिकारियों द्वारा लगाए गए मौजूदा आरोपों का संबंध हो सकता है।सेबी की जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट होना चाहिए।
यह लगाए गए थे आरोप
अमेरिकी न्याय विभाग ने न्यूयॉर्क की अदालत में दावा किया कि दिग्गज कारोबारी गौतम अदाणी और अन्य साथियों ने अपने फायदे के लिए निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने के लिए साजिश रची। अमेरिकी अभियोजकों का आरोप है कि 2020 और 2024 के बीच अदाणी कंपनी और उसकी सहायक कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों और अमेरिका स्थित परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों से 200 करोड़ डॉलर से अधिक बैंक ऋण जुटाया। अदाणी और उनके सहयोगियों ने अमेरिकी निवेशकों की कीमत पर भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के जरिये बड़े पैमाने पर राज्य ऊर्जा आपूर्ति अनुबंध हासिल करने और वित्तपोषित करने की साजिश रची। उन्होंने आंध्र प्रदेश और ओडिशा सरकार के अधिकारियों को महंगी सौर उर्जा खरीदने के लिए रिश्वत दी। इससे अदाणी समूह को अदाणी समूह को अगले बीस वर्षों में दो अरब डॉलर से ज्यादा का मुनाफा हो सकता था।
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अदाणी समूह ने खारिज किए आरोप
अदाणी समूह ने अमेरिकी न्याय विभाग और अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग की ओर से लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। अदाणी समूह ने कहा कि स्वयं अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा है कि अभियोग में आरोप हैं और प्रतिवादियों को तब तक निर्दोष माना जाता है, जब तक कि वे दोषी साबित न हो जाएं। मामले में हरसंभव कानूनी सहारा लिया जाएगा। अदाणी समूह ने हमेशा अपने संचालन के सभी न्यायक्षेत्रों में शासन, पारदर्शिता और नियामकीय अनुपालन के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। हम अपने हितधारकों, भागीदारों और कर्मचारियों को आश्वस्त करते हैं कि हम एक कानून का पालन करने वाला संगठन हैं, जो सभी कानूनों का पूरी तरह से अनुपालन करता है।
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अधिवक्ता विशाल तिवारी ने अदाणी-हिंडनबर्ग विवाद में शेयर मूल्य में हेरफेर के आरोपों के मामले में एक अंतरिम आवेदन के रूप में याचिका दायर की है। तिवारी ने कह कि कि अदाणी के खिलाफ गंभीर आरोप हैं और भारतीय अधिकारियों द्वारा उनकी जांच की जानी चाहिए। याचिका में कहा गया है कि सेबी को जांच पूरी करके रिपोर्ट और निष्कर्ष को रिकॉर्ड पर रखकर भरोसा जगाना चाहिए। चूंकि सेबी की जांच में शॉर्ट सेलिंग के आरोप थे। इसका विदेशी अधिकारियों द्वारा लगाए गए मौजूदा आरोपों का संबंध हो सकता है।सेबी की जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट होना चाहिए।
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यह लगाए गए थे आरोप
अमेरिकी न्याय विभाग ने न्यूयॉर्क की अदालत में दावा किया कि दिग्गज कारोबारी गौतम अदाणी और अन्य साथियों ने अपने फायदे के लिए निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने के लिए साजिश रची। अमेरिकी अभियोजकों का आरोप है कि 2020 और 2024 के बीच अदाणी कंपनी और उसकी सहायक कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों और अमेरिका स्थित परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों से 200 करोड़ डॉलर से अधिक बैंक ऋण जुटाया। अदाणी और उनके सहयोगियों ने अमेरिकी निवेशकों की कीमत पर भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के जरिये बड़े पैमाने पर राज्य ऊर्जा आपूर्ति अनुबंध हासिल करने और वित्तपोषित करने की साजिश रची। उन्होंने आंध्र प्रदेश और ओडिशा सरकार के अधिकारियों को महंगी सौर उर्जा खरीदने के लिए रिश्वत दी। इससे अदाणी समूह को अदाणी समूह को अगले बीस वर्षों में दो अरब डॉलर से ज्यादा का मुनाफा हो सकता था।
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अदाणी समूह ने खारिज किए आरोप
अदाणी समूह ने अमेरिकी न्याय विभाग और अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग की ओर से लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। अदाणी समूह ने कहा कि स्वयं अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा है कि अभियोग में आरोप हैं और प्रतिवादियों को तब तक निर्दोष माना जाता है, जब तक कि वे दोषी साबित न हो जाएं। मामले में हरसंभव कानूनी सहारा लिया जाएगा। अदाणी समूह ने हमेशा अपने संचालन के सभी न्यायक्षेत्रों में शासन, पारदर्शिता और नियामकीय अनुपालन के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। हम अपने हितधारकों, भागीदारों और कर्मचारियों को आश्वस्त करते हैं कि हम एक कानून का पालन करने वाला संगठन हैं, जो सभी कानूनों का पूरी तरह से अनुपालन करता है।
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