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Supreme Court: महिलाओं के लिए माहवारी अवकाश के नियम बनाने की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका
Wed, 11 Jan 2023 02:06 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Wed, 11 Jan 2023 02:06 AM IST
सार
याचिका के अनुसार महिलाओं के लिए मातृत्व लाभ कानून 1961, महिलाओं में गर्भावस्था से संबंधित हर विषय का समाधान मुहैया कराता है लेकिन विडंबना है कि किसी भी सरकार ने इसकी धारा 14 का पालन सुनिश्चित नहीं किया।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : Social Media
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विस्तार
छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के लिए माहवारी के दौरान अवकाश के लिए नियम बनाने की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। मातृत्व लाभ कानून 1961 की धारा 14 का अनुपालन सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है। याचिका वकील शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने दायर की है।
याचिका के अनुसार महिलाओं के लिए मातृत्व लाभ कानून 1961, महिलाओं में गर्भावस्था से संबंधित हर विषय का समाधान मुहैया कराता है लेकिन विडंबना है कि किसी भी सरकार ने इसकी धारा 14 का पालन सुनिश्चित नहीं किया। यह धारा कहती है कि कानून का सही भावना में अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रवार इंस्पेक्टरों की नियुक्ति की जाएगी मगर आज तक किसी सरकार ने इस इंस्पेक्टर का पद सृजित ही नहीं किया, नियुक्ति की तो बात ही दूर है। इसके कारण इस कानून का पूर्ण अनुपालन नहीं हो पा रहा है जबकि यह कानून संसद की ओर से उठाए गए महान कदमों में से एक है।
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याचिका के अनुसार महिलाओं के लिए मातृत्व लाभ कानून 1961, महिलाओं में गर्भावस्था से संबंधित हर विषय का समाधान मुहैया कराता है लेकिन विडंबना है कि किसी भी सरकार ने इसकी धारा 14 का पालन सुनिश्चित नहीं किया। यह धारा कहती है कि कानून का सही भावना में अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रवार इंस्पेक्टरों की नियुक्ति की जाएगी मगर आज तक किसी सरकार ने इस इंस्पेक्टर का पद सृजित ही नहीं किया, नियुक्ति की तो बात ही दूर है। इसके कारण इस कानून का पूर्ण अनुपालन नहीं हो पा रहा है जबकि यह कानून संसद की ओर से उठाए गए महान कदमों में से एक है।
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