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जवाहरबाग हत्याकांड में मारे गए एसपी मुकुल द्विवेदी की पत्नी पहुंची सुप्रीम कोर्ट, सीबीआई से जांच कराने की मांग की
Mon, 13 Jul 2020 09:50 PM IST
Rohit Ojha
अमित शर्मा, नई दिल्ली
अमित शर्मा, नई दिल्ली
Published by: Rohit Ojha
Updated Mon, 13 Jul 2020 09:50 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस घटना की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया था, लेकिन आरोप है कि घटना के चार साल बाद भी आज तक इस मामले में कोई जांच नहीं की गई।
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supreme court
- फोटो : ANI
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विस्तार
मथुरा में दो जून 2016 को हुए चर्चित जवाहरबाग हत्याकांड में एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी वीरगति को प्राप्त हो गए थे। इस घटना में मुकुल द्विवेदी और यूपी पुलिस के एक अन्य अधिकारी संतोष यादव सहित कम से कम 28 लोगों की मौत हो गई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो मार्च 2017 को इस घटना की सीबीआई जांच कर दो महीने में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया था। लेकिन इस घटना के चार साल बीत जाने के बाद भी आज तक सीबीआई ने इस घटना की जांच पूरी नहीं की है।
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मुकुल द्विवेदी की पत्नी अर्चना द्विवेदी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर इस घटना की तत्काल सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने इस मामले में कुछ अधिकारियों और यूपी सरकार की भूमिका की भी जांच की मांग की है। अर्चना द्विवेदी के वकील अश्विनी कुमार दुबे ने 'अमर उजाला' को बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच कई बार आगे बढ़ाई। हर बार सीबीआई को एक निश्चित समयसीमा में जांच पूरी करने का आदेश दिया गया। लेकिन बेहद रहस्यमय ढंग से आज तक इस मामले में कोई जांच नहीं की गई। यहां तक कि उस समय के मथुरा के जिलाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारियों से आज तक कोई पूछताछ ही नहीं की गई।
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दो जून 2016 को मथुरा के जवाहरबाग़ पार्क में घटी थी। घटना में तत्कालीन एसपी सिटी मथुरा मुकुल द्विवेदी, एसएचओ संतोष यादव (थाना फराह) सहित कम से कम 28 लोगों की मौत हो गई। यह घटना वाद संख्या 242/2016 के रूप में थाना सदर बाजार, जिला मथुरा में दर्ज की गई। प्राथमिकी में आईपीसी की धाराओं 147, 148, 149, 302, 307, 332, 333, 336, 436, 186 और 188 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।
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मामले की सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो मार्च 2017 को घटना की सीबीआई जांच कर दो महीने में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया। मामले की जल्द जांच पूर्ण कराने के लिए सीबीआई की दो टीमों का गठन किया गया। लेकिन अज्ञात कारणों से इस मामले की जांच आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नौ मई 2017, 13 अक्तूबर 2017, 13 जुलाई 2018 को इस मामले की जांच आगे बढ़ाने का आदेश दिया। लेकिन इसके बाद भी मामले में कोई प्रगति नहीं हुई।
क्या हुआ था
वर्ष 2014 में एक संप्रदाय विशेष के अनुयायी राम वृक्ष यादव ने अपने समर्थकों के साथ मथुरा के जवाहर बाग पार्क पर कब्जा कर लिया था। स्थानीय निवासियों ने इसका विरोध किया, लेकिन कथित तौर पर एक नेता के करीबी होने के कारण पुलिस उस पर हाथ नहीं डाल रही थी। इसके बाद कोर्ट ने इस पार्क को खाली कराने का आदेश दिया था। कोर्ट के आदेश के पर पार्क खाली कराने पहुंची पुलिस पर रामवृक्ष यादव और उसके समर्थकों ने घातक हथियारों से हमला बोल दिया था। इसके बाद दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में कम से कम 28 लोगों की मौत हो गई थी।