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न्यायपालिका में लोगों का भरोसा उसकी ताकत निडर होकर फैसला लें जज: जस्टिस रमना
Mon, 19 Oct 2020 02:30 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 19 Oct 2020 02:30 AM IST
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जस्टिस रमना
- फोटो : पीटीआई
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सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम जजों में से एक जस्टिस एन वी रमना ने कहा कि न्यायपालिका में जनता का भरोसा उसकी सबसे बड़ी ताकत है और जजों को सभी दबावों व प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद निडर होकर फैसला लेना चाहिए। जजों को अपने सिद्धांतों पर अटल रहना चाहिए।
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हाल ही में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन रेड्डी ने अभूतपूर्व कदम उठाते हुए चीफ जस्टिस एसए बोबडे को पत्र लिखकर जस्टिस रमना पर आरोप लगाए थे, जिसके बाद उनका यह बयान काफी मायने रखता है।
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सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एआर लक्ष्मणन की शोकसभा में शनिवार को जस्टिस रमना ने कहा, न्यायपालिका की सबसे बड़ी शक्ति है, लोगों का इसमें विश्वास। निष्ठा, विश्वास और स्वीकार्यता को अर्जित करना पड़ता है।
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उन्होंने कहा एक जज के लिए यह आवश्यक है कि वह अपने सिद्धांतों पर डटा रहे और बिना डरे फैसला ले। किसी भी जज की यह विशेषता होनी चाहिए कि वह सभी बाधाओं व दबावों के बावजूद हिम्मत के साथ खड़ा हो।
रेड्डी के पत्र लिखने के बाद जस्टिस रमना ने पहली बार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में टिप्पणी की। जस्टिस लक्ष्मणन को याद करते हुए उन्होंने कहा, हम सभी को उनके शब्दों से प्रेरणा लेनी चाहिए और न्यायपालिका की स्वतंत्रता कायम रखने की कोशिश करनी चाहिए, जिसकी आज के समय में सबसे ज्यादा जरूरत है।
साथ ही कहा हमारे मूल्य हमारी सबसे बड़ी दौलत हैं और हमें उन्हें कभी नहीं भूलना चाहिए। जस्टिस लक्ष्मणन से एक अच्छा जज होने के बारे में काफी कुछ सीखा। जस्टिस लक्ष्मणन का 27 अगस्त को निधन हो गया था।
रेड्डी ने लगाया था सरकार को अस्थिर करने का आरोप
रेड्डी ने छह अक्तूबर को चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट का इस्तेमाल कर उनकी सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया था। रेड्डी ने चीफ जस्टिस से मामले पर गौर करने का आग्रह किया था। पत्र में उन्होंने लिखा था कि सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ जज की टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू से नजदीकी है और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ही इस तथ्य को सामने लाए।