फास्ट फूड दुकानों के नजदीक रहने वालों में होता है सबसे ज्यादा मोटापा, बीपी और हार्ट अटैक
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मोटापा, बीपी, शुगर और हार्ट अटैक सिर्फ जीवन शैली की बीमारी नहीं है या इसके लिए खान-पान ही जिम्मेदार नहीं है बल्कि इसके लिए आप किस इलाके में रहते हैं उसका भी बड़ा योगदान है। यदि आपके घर के आस-पास फास्ट फूड दुकानों की भरमार है तो आप बिना खाए रह नहीं सकते और फिर मोटापा, बीपी, शुगर और हार्ट अटैक की समस्या से बच भी नहीं सकते हैं।
देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य संस्थान, एम्स ने इस मामले में एक विस्तार से अध्ययन किया है। पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया और एम्स ने दिल्ली के अलग-अलग इलाकों को 100 ब्लॉकों में बांटकर यह बड़ा अध्ययन किया है। इसमें जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग ने भी मदद की है।
अघ्ययन से जुड़े एम्स (इंडोक्राइन) विभाग के हेड डॉ. निखिल टंडन ने अमर उजाला को बताया कि प्रत्येक ब्लॉक से 20 घरों और प्रत्येक घर से 2 व्यक्ति के रहन-सहन और खान-पान पर सर्वे किया गया है। उन्होंने बताया कि यह अघ्ययन शहरी विकास की योजना बनाने वालों के लिए भी अहम हो सकती है।
आस-पास के इलाके का भी स्वास्थ्य पर पड़ता है गहरा असर-शोध
एम्स के इस शोध से स्पष्ट हो गया है कि इंसान के स्वास्थ्य पर उसके आस-पास के इलाके के साथ रिहाइश के इलाके का भी गहरा असर पड़ता है। डॉ. निखिल टंडन बताते हैं कि यदि कोई ऐसे इलाके में रहता है जहां जंक फूड चेन, रेस्टोरेंट और चटोरी गलियां हैं, तो उसे मोटापे, बीपी, शुगर और हार्ट अटैक का मरीज बनने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है।
अध्ययन में जीपीएस मैपिंग, जीआईएस मैपिंग और रेंडम सैंपलिंग की भी मदद ली गई है। सर्वे की शुरुआत में जिन लोगों को नमूने के तौर पर चुना गया, वह पूरी तरह स्वस्थ थे। हां, उनमें कुछ ऐसे जरूर थे जिनकी आदतें उन्हें मरीज बनान सकती थीं।
चिन्हित लोगों की पहले साल बीपी, शुगर, कॉलेस्ट्रॉल, किडनी फंक्शन, लिवर फंक्शन, स्लाइवा टेस्ट और दिल की जांच की गई। इन जांचों को हर साल दोहराया गया। अध्ययन रिपोर्ट में साफ हो गया है कि जिन इलाकों में जंक फूड ज्यादा मिलता है, रेस्टोरेंट ज्यादा हैं वहां के लोग ज्यादा मोटापे के शिकार बने। उन्हें बीपी, शुगर, हार्ट अटैक का खतरा भी अधिक है। वहीं जिन इलाकों में जहां रेस्टोरेंट नहीं हैं वहां के लोग स्वास्थ्य नजर आए।
कम घनत्व वाले इलाकों में रहने वाले लोगों का स्वास्थ्य होता है बेहतर
रिसर्च टीम ने जीआईएस और जीपीएस मैंपिंग के जरिए यह भी पता लगाया कि सैंपल वाले इलाकों में रेस्टोरेंट और फास्ट फूड चेन की संख्या कितनी है। इस आधार पर यह पाया गया कि ऐसे इलाके जहां पर जंक फूड और रेस्टोरेंट की चेन ज्यादा हैं वहां के लोगों में न सिर्फ मोटापा बढ़ा बल्कि बीपी, शुगर और हार्ट अटैक जैसे बीमारियों का खतरा भी।
वहीं दूसरी तरफ वह लोग जो ऐसे इलाकों में रह रहे थे जहां जंक फूड और रेस्टोरेंट की चेन कम हैं उनके स्वास्थ्य संबंधी पैरामीटर में कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिला। यही नहीं रिसर्च में यह भी सामने आया कि ऐसे इलाके जहां पर जनसंख्या घनत्व कम है और खेलने कूदने के लिए जगह ज्यादा वहां के निवासी ज्यादा स्वास्थ हैं।
अधिक जनसंख्या घनत्व वाले इलाके भी बीमारी बढ़ाते हैं। डॉ. टंडन का कहना है कि जहां उद्यान और खेलने के स्थान मौजूद हैं वहां के लोग इसका लाभ उठाते हैं। उनमें इन बीमारियों की मार कम है। उनका कहना है कि शहरी विकास विभाग के लोग योजना बनाते समय इस अध्ययन की रिपोर्ट को संज्ञान में लेंगे तो आमजन के स्वास्थ्य के लिए बेहत्तर होगा।