फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   People living near BSF's J&K camp say officers sell rations to civilians at half the market rate

BSF कैंप: आधे दामों में बेचा जाता है जवानों का राशन

Wed, 11 Jan 2017 07:10 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 11 Jan 2017 07:10 PM IST
विज्ञापन
People living near BSF's J&K camp say officers sell rations to civilians at half the market rate
- फोटो : File Photo
घाटी में बीएसएफ और अन्य पैरामिलिट्री फोर्स के कैंपों के आस-पास रहने वाले लोगों ने दावा किया है कि, सेना के कुछ अधिकारी उन्हें बाजार से आधे दाम पर राशन और ईधन बेच देते हैं। यह चौंकाने वाला खुलासा ऐसे समय में आया है जब बीएसएफ के 29वीं बटालियन के जवान तेज बहादुर यादव के खाने की खराब क्वालिटी को लेकर जारी विडियो से देशभर में हंगामा मचा हुआ है।
विज्ञापन


टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक श्रीनगर के हमहमा स्थित बीएसएफ कैंप के आसपास रहने वाले दुकानदार, कुछ बीएसएफ अधिकारियों से नियमित आधे दाम पर राशन और ईधन खरीदते हैं।
विज्ञापन


कुछ जवानों और दुकानदारों से मिली जानकारी के मुताबिक, ये अधिकारी जवानों के खाने-पीने की चीजें स्थानीय दुकानदारों को बेच देते हैं। जवानों तक सामान पहुंच ही नहीं पाता। अधिकारीयों के अपने एजेंट्स हैं जिनके माध्यम से वो जवानों के लिए आए सामान को बाजार में बेच देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक स्थानीय ठेकेदार ने बताया कि हमें बीएसएफ अधिकारियों से आधे दाम पर पेट्रोल मिल जाते हैं, साथ ही अन्य सामान जैसे- चावल, मसाले आदि बहुत ही कम दाम पर मिल जाते हैं।

अधिकारी कमीशन लेकर हमें फर्नीचर बनाने का ठेका दे देते हैं

People living near BSF's J&K camp say officers sell rations to civilians at half the market rate
बीएसएफ कैंप के बाहर फर्नीचर की दुकान खोलकर बैठे एक दुकानदार ने बताया कि सेना में ऑनलाइन-टेंडर का कोई व्यवस्था नहीं है। सेना के जिन अधिकारियों पर फर्नीचर खरीदने की जिम्मेदारी होती है वो कमीशन लेकर हमें फर्नीचर बनाने का ठेका दे देते हैं। अधिकारी कुछ पैसे लेकर उन्हें खराब क्वालिटी का फर्नीचर बनाने को भी कह देते हैं।

यह हाल सिर्फ बीएसएफ के कैंप का नहीं हैं। घाटी में मौजूद सीआरपीएफ के कैंपों का भी यही हाल है। हालांकि सेना के अधिकारियों से जब इस बारे में पूछी गया तो उन्होंने इन आरोंपो को बेबुनियाद करार दिया। घाटी में सीआरपीएफ के आईजी (प्रशासन) पद पर तैनात रहे रविदीप सिंह साही ने कहा कि अगर ऐसी किसी भी तरह की गड़बड़ी है, तो वह इसकी जांच कराएंगे।

वहीं श्रीनगर में तैनात एक सीआरपीएफ के सिपाही ने भी इस तरह के दावे को सिरे से नकार दिया। सिपाही ने कहा कि, 'हमें हमेशा समय पर बेहतरीन खाना मिलता है। साथ ही ड्यूटी खत्म होने पर रहने की भी उचित व्यवस्था की जाती है।'
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed