{"_id":"65e2e764a62be7fec60e33e1","slug":"people-displaced-by-violence-to-cast-votes-at-special-polling-stations-in-relief-camps-in-manipur-2024-03-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Manipur: हिंसा की वजह से विस्थापित हुए लोग भी डाल सकेंगे वोट, राहत शिविरों में बनेगा विशेष मतदान केंद्र","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Manipur: हिंसा की वजह से विस्थापित हुए लोग भी डाल सकेंगे वोट, राहत शिविरों में बनेगा विशेष मतदान केंद्र
Sat, 02 Mar 2024 02:25 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
Published by: श्वेता महतो
Updated Sat, 02 Mar 2024 02:25 PM IST
सार
चुनाव आयोग ने केंद्र और राज्य सरकारों के साथ चर्चा करने के बाद निर्णय लिया गया कि हिंसा के दौरान विस्थापित हुए लोगों को राज्य में संबंधित विधानसभा और लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल किया जाना जारी रहेगा।
विज्ञापन
चुनाव आयोग
- फोटो : File
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मणिपुर में जातीय हिंसा में विस्थापित हुए लोगों को आगामी लोकसभा चुनाव में वोट डालने में सक्षम बनाने के लिए राहत शिविरों में मतदान केंद्र बनाया जाएगा। चुनाव आयोग ने इसे लेकर दिश-निर्देश जारी कर दिए हैं। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी है।
राहत शिविरों में बनाया जाएगा मतदान केंद्र
चुनाव आयुक्त द्वारा जारी बयान में बताया गया, पिछले साल तीन मई से जारी जातीय हिंसा के दौरान राज्य के कई हिस्से से बड़ी संख्या में मतदाता अपने मूल स्थान से विस्थापित हो गए। वर्तमान में वे राहत शिविरों में रह रहे हैं। विस्थापित मतदाता अभी भी उन स्थानों पर नामांकित है, जहां वे हिंसा से पहले रह रहे थे।
चुनाव आयोग ने केंद्र और राज्य सरकारों के साथ चर्चा करने के बाद निर्णय लिया गया कि हिंसा के दौरान विस्थापित हुए लोगों को राज्य में संबंधित विधानसभा और लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल किया जाना जारी रहेगा। बयान में बताया गया कि इन विशेष मतदान केंद्रों पर मतदान प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के लिए अलग-अलग ईवीएम का उपयोग करके आयोजित किया जाएगा।
विज्ञापन
विशेष केंद्रों में वोट की गिनती सहायक रिटर्निंग अधिकारी द्वारा की जाएगी। मणिपुर में पिछले साल तीन मई से जारी हिंसा के कारण करीबन 50,000 लोग अपने घरों से विस्थापित हो गए थे। उन्हें राहत शिविरों में रखा गया है। इस हिंसा में अबतक 219 लोगों की मौत हो चुकी है
विज्ञापन
राहत शिविरों में बनाया जाएगा मतदान केंद्र
चुनाव आयुक्त द्वारा जारी बयान में बताया गया, पिछले साल तीन मई से जारी जातीय हिंसा के दौरान राज्य के कई हिस्से से बड़ी संख्या में मतदाता अपने मूल स्थान से विस्थापित हो गए। वर्तमान में वे राहत शिविरों में रह रहे हैं। विस्थापित मतदाता अभी भी उन स्थानों पर नामांकित है, जहां वे हिंसा से पहले रह रहे थे।
विज्ञापन
चुनाव आयोग ने केंद्र और राज्य सरकारों के साथ चर्चा करने के बाद निर्णय लिया गया कि हिंसा के दौरान विस्थापित हुए लोगों को राज्य में संबंधित विधानसभा और लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल किया जाना जारी रहेगा। बयान में बताया गया कि इन विशेष मतदान केंद्रों पर मतदान प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के लिए अलग-अलग ईवीएम का उपयोग करके आयोजित किया जाएगा।
विज्ञापन
विशेष केंद्रों में वोट की गिनती सहायक रिटर्निंग अधिकारी द्वारा की जाएगी। मणिपुर में पिछले साल तीन मई से जारी हिंसा के कारण करीबन 50,000 लोग अपने घरों से विस्थापित हो गए थे। उन्हें राहत शिविरों में रखा गया है। इस हिंसा में अबतक 219 लोगों की मौत हो चुकी है