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Supreme Court ने कहा: छोटी मात्रा में ड्रग की खपत को अपराध मुक्त किया तो तस्कर उतनी ही तस्करी शुरू कर देंगे

Mon, 29 Aug 2022 10:43 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 29 Aug 2022 10:43 PM IST
सार

सीजेआई उदय उमेश ललित और एस रवींद्र भट की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने एक जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। इसमें मादक दवाओं और साइकोट्रोपिक पदार्थ (एनडीपीएस) के कुछ दंडात्मक प्रावधानों को खत्म करने की मांग की गई थी।

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Peddlers will start selling drugs in smaller quantities if consumption decriminalised Supreme Court
Supreme Court - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि अगर छोटी मात्रा में नशीले पदार्थों की व्यक्तिगत खपत को अपराध से मुक्त कर दिया जाता है, तो तस्कर कम मात्रा में नशीले पदार्थों की तस्करी शुरू कर देंगे।
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बेंच ने जनहित याचिका पर विचार करने से किया इनकार
सीजेआई उदय उमेश ललित और एस रवींद्र भट की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने एक जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। इसमें मादक दवाओं और साइकोट्रोपिक पदार्थ (एनडीपीएस) के कुछ दंडात्मक प्रावधानों को खत्म करने की मांग की गई थी। व्यक्तिगत उपभोग कानून के तहत एक आपराधिक अपराध है।
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स्वास्थ्य देखभाल और नशामुक्ति के लिए कदम उठाना महत्वपूर्ण
याचिकाकर्ता जय कृष्ण सिंह ने कहा, मादक द्रव्यों के सेवन से प्रभावित लोगों को आपराधिक न्याय प्रणाली के तहत दंड के अधीन करने के बजाय, कलंक को कम करने और स्वास्थ्य देखभाल लाभ और नशामुक्ति की सुविधाएं प्रदान करने के लिए कदम उठाना महत्वपूर्ण है।
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उपयोगकर्ताओं  के खिलाएन एनसीबी ने दर्ज किए 90 प्रतिशत मामले
उन्होंने कहा, महाराष्ट्र में नशीले पदार्थों या उपयोगकर्ताओं के खिलाफ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा 90 प्रतिशत मामले दर्ज किए गए हैं और एनडीपीएस अधिनियम को लागू करने का उद्देश्य पराजित हो गया है। कुछ प्रावधानों को निरस्त करने की मांग करते हुए याचिका में कहा गया कि पूरे भारत में, एनसीबी द्वारा दर्ज 70 फीसदी मामले उपभोग से जुड़े अपराधों से संबंधित हैं।


हमेशा व्यक्तिगत उपभोग के पहलू पर विचार करती हैं अदालतें
इस पर पीठ ने कहा, अदालतें मामलों का फैसला करते समय हमेशा व्यक्तिगत उपभोग के पहलू पर विचार करती हैं और मादक द्रव्यों के सेवन के दोषी लोगों को कम सजा देती हैं। आप चाहते हैं कि उस विशेष भाग (जो व्यसनी/उपयोगकर्ताओं को हल्की सजा प्रदान करता है) को भी कानून से हटा दिया जाए। लेकिन, क्या होगा कि ड्रग तस्कर उस (छोटी) मात्रा में ड्रग्स की बिक्री शुरू कर देंगे। आप उस स्थिति से कैसे निपटेंगे?

पीठ ने कहा, ये सब नीतिगत मामले हैं जिस पर निर्णय लेना सांसदों का काम है। इसके बाद सिंह ने जनहित याचिका वापस ले ली।
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