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Gujarat: बेटियों के प्रेम विवाह के लिए गवाह में माता-पिता में से एक के हस्ताक्षर हों अनिवार्य, पाटीदार समाज ने उठाई मांग

Thu, 16 Jun 2022 03:27 AM IST
Jeet Kumar पीटीआई, अहमदाबाद
पीटीआई, अहमदाबाद Published by: Jeet Kumar Updated Thu, 16 Jun 2022 03:27 AM IST
सार

समुदाय ने कहा कि इससे ‘लव जिहाद’ के साथ ही उन मामलों पर लगाम लग पाएगी, जिनमें समुदाय की लड़कियों को उनके परिवारों के स्वामित्व वाली संपत्ति पाने के लिए निशाना बनाया जाता है।

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patidar community demands to mandatory guardians signature for love marriage
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गुजरात में पाटीदार समुदाय के सदस्यों ने बुधवार को मांग उठाई कि अगर समुदाय की कोई लड़की उसके माता-पिता की सहमति के बिना अपनी पसंद के व्यक्ति से शादी का निर्णय लेती है तो शादी के पंजीकरण के लिए कम से कम एक अभिवावक के हस्ताक्षर को अनिवार्य किया जाए।

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समुदाय ने कहा कि इससे ‘लव जिहाद’ के साथ ही उन मामलों पर लगाम लग पाएगी, जिनमें समुदाय की लड़कियों को उनके परिवारों के स्वामित्व वाली संपत्ति पाने के लिए निशाना बनाया जाता है।
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एक प्रमुख पाटीदार संगठन विश्व उमिया धाम के अध्यक्ष आर पी पटेल ने कहा कि पाटीदार समुदाय का एक प्रतिनिधिमंडल मौजूदा हिंदू विवाह अधिनियम में एक प्रावधान जोड़ने के लिए राज्य सरकार को ज्ञापन देगा। इस संबंध में सरकार को ज्ञापन देने का निर्णय बुधवार को अहमदाबाद के पास विश्व उमिया धाम परिसर में 18 पाटीदार संगठनों की बैठक के दौरान लिया गया।
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आर पी पटेल ने कहा कि पाटीदार समुदाय प्रेम विवाह को लेकर परेशान है क्योंकि हमारी लड़कियां माता-पिता को बताए बिना अपना जीवन साथी चुनती हैं और दो गवाहों की व्यवस्था करके शादी कर लेती हैं। कई बार, हमारी लड़कियां दबाव में होती हैं और 'लव जिहाद' के उदाहरण पिछले समय में देखे गए है। 


उन्होंने कहा कि बैठक में जिन कुछ अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई, उनमें गुजरात राज्य अनारक्षित वर्ग आयोग से ऋण प्राप्त करने में समुदाय के युवाओं के सामने आने वाली समस्याएं शामिल हैं। आगे कहा कि समिति ने आरक्षण आंदोलन के दौरान पाटीदार युवकों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने के लिए सरकार को एक ज्ञापन देने का भी फैसला किया है।

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