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Parliament: अवैध होटल निर्माण से हिमालयी क्षेत्र में बढ़ रहा प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव; समिति की रिपोर्ट पेश

Thu, 10 Aug 2023 11:18 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Thu, 10 Aug 2023 11:18 PM IST
सार

समिति ने बृहस्पतिवार को पेश रिपोर्ट में 2013 में केदारनाथ और इस साल की शुरुआत में जोशीमठ जैसी त्रासदियों को रोकने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय में पारिस्थितिक रूप से नाजुक क्षेत्र में अवैध संरचनाओं की गहन जांच पर जोर दिया। साथ ही अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई को भी आवश्यक बताया।

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parliamentary panel: Rising tourism and illegal construction straining Himalayas update news in hindi
जोशीमठ मलारी हाईवे। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पर्यटन में वृद्धि और अवैध होटल निर्माण से हिमालयी क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन पर संसदीय समिति ने राज्यसभा में पेश अपनी रिपोर्ट में यह बताया है। समिति ने इस मसले पर सरकार से त्वरित कार्रवाई करने को भी कहा है। संसदीय समिति ने राज्यसभा में पेश अपनी 135वीं रिपोर्ट में बताया सरकार को जोशीमठ जैसी आपदाओं को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

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समिति ने बृहस्पतिवार को पेश रिपोर्ट में 2013 में केदारनाथ और इस साल की शुरुआत में जोशीमठ जैसी त्रासदियों को रोकने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय में पारिस्थितिक रूप से नाजुक क्षेत्र में अवैध संरचनाओं की गहन जांच पर जोर दिया। साथ ही अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई को भी आवश्यक बताया। समिति ने कहा, पर्यटक गतिविधियों की जबरदस्त वृद्धि ने प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव डाला है। इससे प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन हुआ है और होम स्टे, गेस्ट हाउस, रिसॉर्ट, होटल, रेस्तरां और अन्य अतिक्रमणों का अवैध निर्माण हुआ है।
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तय समय सीमा के अंदर तैयार की जाए व्यावहारिक कार्ययोजना
कांग्रेस नेता जयराम रमेश की अध्यक्षता वाली 31 सदस्यीय समिति ने कहा, पर्यावरण मंत्रालय को पारिस्थितिक रूप से विनाशकारी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए स्पष्ट समयसीमा के साथ एक व्यावहारिक और कार्यान्वयन योग्य कार्य योजना तैयार करनी चाहिए। क्षेत्र में किसी भी दुर्भाग्यपूर्ण आपदा की स्थिति के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करनी चाहिए। समिति ने मंत्रालय से हिमालय क्षेत्र में भौतिक बुनियादी ढांचे व विकासात्मक परियोजनाओं में ‘बेलगाम’ वृद्धि की निगरानी और जांच के लिए किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराने को भी कहा।
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जनवरी में जोशीमठ को भूस्खलन धंसाव प्रभावित क्षेत्र घोषित किया गया
उत्तराखंड में अधिकारियों ने जनवरी में चमोली जिले के जोशीमठ को भूस्खलन और धंसाव प्रभावित क्षेत्र घोषित कर दिया था, क्योंकि लंबी पैदल यात्रा और तीर्थयात्रा स्थल के रूप में प्रसिद्ध शहर में आवासीय और वाणिज्यिक इमारतों और सड़कों और खेतों में चौड़ी दरारें दिखाई दीं। कई संरचनाओं को असुरक्षित घोषित कर दिया गया और निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया।


एनसीडब्ल्यू: एनआरआई प्रकोष्ठ को मिली 75 फीसदी शिकायतों का निपटारा बाकी
2019 से 2022 तक राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) के एनआरआई प्रकोष्ठ को मिली करीब 75 प्रतिशत शिकायतों का समाधान किया जाना बाकी है। महिला सशक्तीकरण पर संसदीय समिति की बृहस्पतिवार को लोकसभा में पेश की गई रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, 2019 से 2022 तक प्रकोष्ठ को कुल 2,056 शिकायतें मिलीं। इनमें से 1554 शिकायतों का निपटारा लंबित है।

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