फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Parliamentary Panel AMASR Act govt officials accountability amendment in Law

AMASR Act: 'संशोधन से तय हो सरकारी कर्मियों की जवाबदेही'; धरोहरों से जुड़े कानून पर संसदीय समिति का अहम सुझाव

Sun, 17 Dec 2023 05:45 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति भास्कर Updated Sun, 17 Dec 2023 05:45 PM IST
सार

देश की ऐतिहासिक विरासतों और धरोहरों से जुड़े कानून AMASR Act पर संसदीय समिति ने अहम सुझाव दिया है। समिति ने सिफारिश की है कि कानून में ऐसे संशोधन किए जाएं जिससे सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जा सके।

विज्ञापन
Parliamentary Panel AMASR Act govt officials accountability amendment in Law
संसद - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

देश की ऐतिहासिक विरासतों और धरोहरों से जुड़े कानून- AMASR Act में संशोधन को लेकर संसदीय समिति ने अहम सुझाव दिया है। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान समिति ने सिफारिश की है कि कानून में ऐसे सख्त संशोधन किए जाने चाहिए, जिससे विरासत और धरोहरों के संरक्षण से जुड़े सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जा सके। 
विज्ञापन


परिवहन, पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय के मामलों को देखने वाली स्थायी संसदीय समिति ने कहा, आने वाले संशोधनों में बेहद सख्त कानूनी प्रावधान होने चाहिए, जिनसे सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जा सके। समिति ने केंद्र की तरफ से संरक्षित स्मारकों और धरोहरों को सहेजने के साथ-साथ अतिक्रमण रोकने लिए समय रहते और तत्परता से कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने का आह्वान भी किया।
विज्ञापन


धरोहरों को सहेजने से जुड़े कानून में बदलाव पर संसदीय समिति ने अपनी सिफारिश में कहा, अगर सरकारी कर्मचारी स्मारकों के अतिक्रमण रोकने में विफल रहें और अपनी ड्यूटी में लापरवाही करते पाए जाएं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। जिला वन अधिकारी (DFO) को मिली शक्तियों की समीक्षा भी होनी चाहिए। समिति ने कहा कि अतिक्रमण को रोकने के लिए 1972 में बने कानून- वन्यजीव अधिनियम के तहत डीएफओ को जैसी शक्तियां दी गई हैं, वैसे ही अधिकार ASI अधिकारियों को मिलने चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


समिति ने शीतकालीन सत्र के दौरान 363वीं रिपोर्ट पेश की। बता दें कि AMSAR कानून के तहत पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण करती है। प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल और अवशेष (AMSAR) को बचाने के लिए ASI देशभर में काम करती है। वर्तमान में एएसआई 3690 स्मारकों को सहेजने का काम कर रहा है।

समिति ने इस बात पर भी चिंता जाहिर की है कि देशभर में केवल 6.7 फीसद स्मारकों या संग्रहालयों में सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। यानी केंद्रीय स्तर से सहेजे जा रहे 3693 स्मारकों में केवल 248 में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। कुल सात हजार कर्मचारियों को नियुक्त किए जाने की जरूरत है, लेकिन सिर्फ 2578 सुरक्षाकर्मी ही तैनात हैं। इसका कारण फंड में कमी को बताए जाने पर स्थायी संसदीय समिति ने निराशा प्रकट की।


बता दें कि संस्कृति मंत्रालय एएमएएसआर कानून में संशोधन का विचार कर रहा है। कानूनी प्रावधानों में जरूरी संशोधन पर मंथन कर रही केंद्र सरकार से संसदीय समिति ने कहा है कि ऐतिहासिक महत्व वाले स्मारकों को सहेजने के लिए स्थानीय निकायों को भी और शक्तियां दी जानी चाहिए। समिति ने कहा है कि शक्तियों के साथ इनकी जवाबदेही तय करने का प्रावधान भी कानून में होना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed