फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Parliamentary committee recommends lift ban from LOU and LOC of PNB

दोबारा शुरू हों पीएनबी को 'बर्बाद' करने वाले एलओयू, संसदीय कमेटी ने की सिफारिश

Wed, 08 Aug 2018 09:46 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 08 Aug 2018 09:46 PM IST
विज्ञापन
Parliamentary committee recommends lift ban from LOU and LOC of PNB
पंजाब नेशनल बैंक
जिस एलओयू यानी गारंटी पत्र का इस्तेमाल करके नीरव मोदी और मेहुल चोकसी ने पंजाब नेशनल बैंक को 14 हजार करोड़ रुपए का चूना लगाया था। उसी नियम को फिर से बहाल करने की सिफारिश संसदीय स्थाई समिति ने की है। घोटाला सामने आने के बाद आरबीआई ने एलओयू और एलओसी पर रोक लगा दी थी। 
विज्ञापन


'स्नान के पानी के साथ बच्चे को फेंकने जैसा'

वाणिज्य मंत्रालय की संसदीय स्थाई समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पीएनबी घोटाले के बाद एलओयू (लेटर ऑफ अंडरटेकिंग) और एलओसी (लेटर्स ऑफ क्रेडिट) पर प्रतिबंध लगाना स्नान के पानी के साथ बच्चे को फेंकने जैसा है। स्थाई समिति ने भारतीय रिजर्व बैंक से गारंटी पत्र (एलओयू) को तत्काल बहाल करने को कहा है। समिति ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से कहा है कि उचित सुरक्षा तय करके एलओयू को दोबारा से शुरु किया जाए। 
विज्ञापन


आरबीआई ने जल्दबाजी में किया फैसला

राज्य सभा के सदस्य नरेश गुजराल की अध्यक्षता में संसदीय समिति ने एलओयू को फिर से चालू करने के पीछे दलील दी है कि एलओयू न होने से व्यापारियों को नुकसान हो रहा है और इसे शुरू करके व्यापारियों को लोन देने की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी। समिति का कहना है कि आरबीआई ने एलओयू को बंद करने के अपने फैसले से जरूरी सलाह-मशविरा नहीं किया। समिति का मानना है कि आरबीआई, पीएनबी धोखाधड़ी से हतोत्साहित हो गया और बिना अधिक सोचे और विचारे एलओयू/एलओसी पर प्रतिबंध लगाने का फैसला जल्दबाजी में कर दिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

बंद हो जाएगा एमएसएमई सेक्टर

Parliamentary committee recommends lift ban from LOU and LOC of PNB
व्यापार और उद्योगों की ग्रोथ पर नकारात्मक असर

समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह भी लिखा है कि व्यापार और उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाले सभी हितधारकों ने सर्वसम्मति से कहा कि एलओयू और एलओसी सुविधा को बंद होने से उनकी क्रेडिट की लागत में 2-2.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। समिति का कहना है कि एलओयू/एलओसी की स्वीकार्यता पूरे विश्वभर में थी और इससे एक्सपोर्ट इंडस्ट्री को काफी फायदा मिलता था। समिति मानती है कि इसकी बहाली इसलिये भी जरूरी है कि क्योंकि भारत के आयात की सामग्री इसके कुल निर्यात का 20% अधिक है। समिति का कहना है कि क्रेडिट की लागत बढ़ने से देश के व्यापार और उद्योगों की ग्रोथ प्रभावित होगी और नौकरियों पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा। नौकरियों की कमी देश की अर्थव्यवस्था को सीधे प्रभावित करेगी। 

बंद हो जाएगा एमएसएमई सेक्टर

समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि आरबीआई के एलओयू/एलओसी पर रोक लगाने के बाद बैंक अपने संचालन और ऋण जोखिम के मामलों में अधिक सख्त हो गए हैं। जिसका विपरित प्रभाव यह हो रहा है कि इस सतर्कता ने अनजाने में बैंकों को एमएसएमई क्षेत्र की पहुँच से दूर कर दिया है। समिति ने चिंता जताते हुए कहा है कि बैंकों का इस तरह का दृष्टिकोण अपनाने और बैंकिंग सर्विसेज को एमएसएमई से दूर करने से उन पर ऋण की लागत बढ़ रही है और उनकी विदेशी क्रेडिट रेटिंग 'एएए' और 'एए' पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed