संसद सत्र : यूपी चुनाव से पहले सदन में उठा कृष्ण जन्मभूमि विवाद, सांसद ने की यथास्थिति पर कानून रद्द करने की मांग
भाजपा के राज्यसभा सांसद केसी रामामृर्ति ने सरकार से मांग की है कि वह सभी धर्मों की अच्छी बातों को चुनकर अनुच्छेद 14 के तहत समान नागरिक संहिता बनाए और लागू करे। उन्होंने कहा कि इससे एकरूपता आएगी।
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यूपी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा सांसद हरनाथ सिंह यादव ने राज्यसभा में मथुरा का श्रीकृष्ण जन्म भूमि विवाद उठाया। शून्यकाल के दौरान उन्होंने मांग रखी कि उपासना स्थल (विशेष उपबंध) अधिनियम 1991 को असांविधानिक करार दिया जाए।
उन्होंने कहा कि यह कानून किसी भी उपासना स्थल को परिवर्तित करने से प्रतिबंधित करता है। उपासना स्थलों का वही स्वरूप बनाए रखता है जो 15 अगस्त 1947 में था। सिंह ने कहा कि किसी कानून में ऐसा प्रावधान संविधान में दिए समानता के अधिकार और प्रस्तावना में उल्लेखित धर्मनिरपेक्षता का उल्लंघन करता हैं।
यादव ने कहा कि इसी कानून ने अयोध्या की राम जन्मभूमि को अपवाद माना, लेकिन बाकी सभी धर्म स्थलों के कानूनी विवाद खत्म करार दिए। इस प्रकार कानून के जरिए भगवान राम और भगवान कृष्ण के बीच भी भेदभाव किया गया है। जबकि दोनों ही भगवान विष्णु के अवतार हैं। वहीं, विपक्ष के सांसदों ने शून्यकाल में यह विवाद उठाने पर आपत्ति जताई। राजद के मनोज कुमार झा ने कहा, इसका उद्देश्य देश में सद्भाव और सौहार्द बनाए रखना था।
सभी धर्मों की अच्छी बातें चुनकर बनाएं समान नागरिक संहिता
भाजपा के राज्यसभा सांसद केसी रामामृर्ति ने सरकार से मांग की है कि वह सभी धर्मों की अच्छी बातों को चुनकर अनुच्छेद 14 के तहत समान नागरिक संहिता बनाए और लागू करे। उन्होंने कहा कि इससे एकरूपता आएगी।
संविधान के खिलाफ हैं खाप पंचायतें, इन्हें खत्म करें
एनसीपी से सदस्य फौजिया खान ने कहा कि ये संस्थाएं कानून अपने हाथ में ले रही हैं। वे नागरिकों का सामाजिक बहिष्कार और अपमान करवाती हैं। इनको पूरी तरह खत्म कर देना चाहिए।
केवी में कोटे को लेकर अपनों से घिरे सुशील मोदी
राज्यसभा सांसद सुशील मोदी केंद्रीय विद्यालयों में दाखिले में सांसदों का कोटा समाप्त करने के सुझाव में अपनों में ही घिर गए हैं। सुशील मोदी के सुझाव के अगले दिन ही भाजपा सांसद रूपा गांगुली ने उनसे ठीक उलट कोटे को आबादी के हिसाब से बढ़ाने की पैरवी की। इस प्रस्ताव का भाजपा समेत अन्य नौ सांसदों ने समर्थन किया।
कम हो पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस की कीमतें
एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने मांग की कि सरकार को पेट्रोल, डीजल और घरेलू रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को कम करना चाहिए। सदन में शून्यकाल के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को समाज के पिरामिड की तरह सोचना चाहिए। इंधन आैर खाने के तेल पर टैक्स कम करना चाहिए ताकि जनता को महंगाई से राहत मिले।
राज्यसभा में थियेटर कमांड का मुद्दा गूंजा
एकीकृत थियेटर कमांड का मुद्दा राज्यसभा में जोरशोर से उठा। भारतीय जनता पार्टी के सांसद डॉ. अशोक वाजपेयी ने शून्यकाल में सीडीएस बिपिन रावत के आकस्मिक निधन के बाद उनके सपना पूरा करने के मसले को सदन पटल पर उठाया। सुजीत कुमार, डॉ. अमर पटनायक और डॉ. संबित पात्रा ने भी इसका समर्थन किया।
हज सब्सिडी राजनीतिक छल था : नकवी
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सालों तक लागू रही हज सब्सिडी एक राजनीतिक छल था। मोदी सरकार में सब्सिडी खत्म करने के बावजूद कम किराया अदा करना पड़ रहा है। नकवी ने लोकसभा में लिखित उत्तर में कहा, सब्सिडी रहने के समय जब कोई व्यक्ति श्रीनगर से हज यात्रा पर जाता था तो उसे 1.97 लाख देना पड़ता था, अब 86 हजार रुपये देना पड़ता है। दूसरे खर्चों में भी कमी आई है। यह मोदी सरकार की नेकनीयत का नतीजा है।
राज्यसभा में राष्ट्रीय औषधि संशोधन विधेयक पारित
राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान संशोधन विधेयक 2021 को राज्यसभा से ध्वनिमत से पारित हो गया। इससे देश के 6 संस्थानों को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा मिलने का रास्ता साफ होगा। इसके साथ ही फार्मा के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। यह विधेयक देश में फार्मा उद्योग को संजीवनी प्रदान करेगा।