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Parliament: संसद सत्र पर सर्वदलीय बैठक, विपक्ष ने अदाणी केस, मणिपुर हिंसा जैसे मुद्दों पर की चर्चा की मांग
Sun, 24 Nov 2024 02:24 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 24 Nov 2024 02:24 PM IST
सार
शीतकालीन सत्र सोमवार यानी 25 नवंबर से शुरू होकर 20 दिसंबर तक चलेगा। इस सत्र के दौरान विपक्ष सरकार को वक्फ संशोधन विधेयक, मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर घेरने की कोशिश करेगा।
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सर्वदलीय बैठक के लिए जाते केंद्रीय मंत्री
- फोटो : एक्स/किरेन रिजिजू
विस्तार
सोमवार से संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत होने वाली है, उससे पहले केंद्र सरकार ने रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस बैठक में संसद के शीतकालीन सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए पार्टियों के बीच सहमति बनाने की कोशिश की गई। सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस ने अदाणी समूह के खिलाफ रिश्वतखोरी के आरोपों पर चर्चा की मांग की। इससे साफ है कि विपक्ष शीतकालीन सत्र में भी इस मुद्दे को उठाएगा, जिससे संसद सत्र के काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं, लेकिन महाराष्ट्र चुनाव में जीत के बाद यकीनन सत्ताधारी भाजपा को थोड़ा आत्मविश्वास जरूर मिला होगा।
सत्र के हंगामे के आसार, इन मुद्दों पर होगी तकरार
सर्वदलीय बैठक का आयोजन संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया। इस बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके, शिवसेना, बीजद और अन्य पार्टियों के नेता शामिल हुए। शीतकालीन सत्र सोमवार यानी 25 नवंबर से शुरू होकर 20 दिसंबर तक चलेगा। इस सत्र के दौरान विपक्ष सरकार को वक्फ संशोधन विधेयक, मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर घेरने की कोशिश करेगा। वहीं उद्योगपति गौतम अदाणी पर अमेरिका द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर भी विपक्ष केंद्र पर हमलावर है।
अदाणी मुद्दे पर सबसे पहले चर्चा की मांग
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने गौतम अदाणी मामले पर संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) जांच की मांग की है। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने बैठक के बाद कहा कि उनकी पार्टी ने सरकार से सत्र में अदाणी रिश्वत कांड पर चर्चा की अनुमति देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि सोमवार को संसद की बैठक में सबसे पहले इस मुद्दे को उठाया जाए। राज्यसभा सांसद ने कहा कि यह देश के आर्थिक और सुरक्षा हितों से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा है क्योंकि कंपनी ने अपनी सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए अनुकूल सौदा पाने के लिए राजनेताओं और नौकरशाहों को कथित तौर पर 2,300 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया।
शीतकालीन सत्र के शुरुआती हफ्ते के अंत में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए बनी जेपीसी अपनी रिपोर्ट पेश कर सकती है। हालांकि जेपीसी में शामिल विपक्षी सांसद रिपोर्ट जमा करने के लिए और समय देने की मांग कर रहे हैं। बैठक में 26 नवंबर को संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में संविधान अपनाने की 75वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम पर भी चर्चा हुई।
ये विधेयक शीतकालीन सत्र में किए जा सकते हैं पेश
सरकार ने सत्र में विचार के लिए वक्फ संशोधन विधेयक सहित 16 विधेयक सूचीबद्ध किए हैं। शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार पंजाब कोर्ट्स संशोधन विधेयक, मर्चेंट शिपिंग विधेयक, तटीय शिपिंग विधेयक और भारतीय बंदरगाह विधेयक पेश किए जा सकते हैं। इनके अलावा भारतीय वायुयान विधेयक, जो लोकसभा से पारित हो चुका है, वह राज्यसभा में लंबित है। लोकसभा बुलेटिन के अनुसार, लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक और मुसलमान वक्फ विधेयक समेत आठ विधेयक लंबित हैं। साथ ही राज्यसभा में दो विधेयक लंबित हैं। एक देश एक चुनाव विधेयक इस संसद सत्र में पेश करने की उम्मीद कम ही है।
बैठक में 30 पार्टियों के 42 नेता रहे मौजूद
बैठक के बाद संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि 'बैठक में 30 राजनीतिक दलों के कुल 42 नेता मौजूद थे। सभी ने कुछ विषयों पर चर्चा के लिए कहा है लेकिन हम चाहते हैं कि लोकसभा और राज्यसभा में अच्छी चर्चा हो। सरकार किसी भी विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। हमारा बस इतना अनुरोध है कि सदन अच्छे से चले और हंगामा न हो। शीतकालीन सत्र को अच्छे से चलाने के लिए सभी का सहयोग चाहिए और सभी की भागीदारी जरूरी है।'
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सत्र के हंगामे के आसार, इन मुद्दों पर होगी तकरार
सर्वदलीय बैठक का आयोजन संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया। इस बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके, शिवसेना, बीजद और अन्य पार्टियों के नेता शामिल हुए। शीतकालीन सत्र सोमवार यानी 25 नवंबर से शुरू होकर 20 दिसंबर तक चलेगा। इस सत्र के दौरान विपक्ष सरकार को वक्फ संशोधन विधेयक, मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर घेरने की कोशिश करेगा। वहीं उद्योगपति गौतम अदाणी पर अमेरिका द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर भी विपक्ष केंद्र पर हमलावर है।
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#WATCH | Defence Minister Rajnath Singh, Parliamentary Affairs Minister Kiren Rijiju, Union Minister Anupriya Patel arrive for the all-party meeting at the Parliament.
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The Winter Session of Parliament will begin tomorrow, 25th November and continue till 20th December. pic.twitter.com/iZPb0QVZ2D — ANI (@ANI) November 24, 2024
अदाणी मुद्दे पर सबसे पहले चर्चा की मांग
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने गौतम अदाणी मामले पर संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) जांच की मांग की है। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने बैठक के बाद कहा कि उनकी पार्टी ने सरकार से सत्र में अदाणी रिश्वत कांड पर चर्चा की अनुमति देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि सोमवार को संसद की बैठक में सबसे पहले इस मुद्दे को उठाया जाए। राज्यसभा सांसद ने कहा कि यह देश के आर्थिक और सुरक्षा हितों से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा है क्योंकि कंपनी ने अपनी सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए अनुकूल सौदा पाने के लिए राजनेताओं और नौकरशाहों को कथित तौर पर 2,300 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया।
शीतकालीन सत्र के शुरुआती हफ्ते के अंत में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए बनी जेपीसी अपनी रिपोर्ट पेश कर सकती है। हालांकि जेपीसी में शामिल विपक्षी सांसद रिपोर्ट जमा करने के लिए और समय देने की मांग कर रहे हैं। बैठक में 26 नवंबर को संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में संविधान अपनाने की 75वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम पर भी चर्चा हुई।
ये विधेयक शीतकालीन सत्र में किए जा सकते हैं पेश
सरकार ने सत्र में विचार के लिए वक्फ संशोधन विधेयक सहित 16 विधेयक सूचीबद्ध किए हैं। शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार पंजाब कोर्ट्स संशोधन विधेयक, मर्चेंट शिपिंग विधेयक, तटीय शिपिंग विधेयक और भारतीय बंदरगाह विधेयक पेश किए जा सकते हैं। इनके अलावा भारतीय वायुयान विधेयक, जो लोकसभा से पारित हो चुका है, वह राज्यसभा में लंबित है। लोकसभा बुलेटिन के अनुसार, लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक और मुसलमान वक्फ विधेयक समेत आठ विधेयक लंबित हैं। साथ ही राज्यसभा में दो विधेयक लंबित हैं। एक देश एक चुनाव विधेयक इस संसद सत्र में पेश करने की उम्मीद कम ही है।
बैठक में 30 पार्टियों के 42 नेता रहे मौजूद
बैठक के बाद संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि 'बैठक में 30 राजनीतिक दलों के कुल 42 नेता मौजूद थे। सभी ने कुछ विषयों पर चर्चा के लिए कहा है लेकिन हम चाहते हैं कि लोकसभा और राज्यसभा में अच्छी चर्चा हो। सरकार किसी भी विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। हमारा बस इतना अनुरोध है कि सदन अच्छे से चले और हंगामा न हो। शीतकालीन सत्र को अच्छे से चलाने के लिए सभी का सहयोग चाहिए और सभी की भागीदारी जरूरी है।'