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संसद में बोले अमित शाह: इंच-इंच जमीन से अवैध प्रवासियों की पहचान कर करेंगे देश से बाहर

Wed, 17 Jul 2019 02:11 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आसिम खान Updated Wed, 17 Jul 2019 02:11 PM IST
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Parliament session 2019: Home minister Amit Shah statements on Assam NRC
अमित शाह - फोटो : ANI

असम सहित देश के विभिन्न हिस्सों से घुसपैठियों को बाहर निकालने की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता जताते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि देश की ‘इंच-इंच जमीन से अवैध प्रवासियों की पहचान’ कर उन्हें निर्वासित किया जाएगा। शाह ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के जवाब में यह बात कही। 

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उन्होंने राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) की चर्चा करते हुए कहा कि यह असम समझौते का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में इसका (एनआरसी का) उल्लेख किया गया है। साथ ही सत्तारूढ़ पार्टी जिस घोषणापत्र के आधार पर चुनकर आई है, उसमें भी यह बात कही गई है।
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शाह ने कहा, ‘देश की इंच-इंच जमीन पर जो अवैध प्रवासी रहते हैं, हम उनकी पहचान करेंगे तथा अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत उन्हें निर्वासित करेंगे।’ शाह ने यह बात समाजवादी पार्टी के जावेद अली खान के इस पूरक प्रश्न के जवाब में कही कि क्या जिस तरह से असम में एनआरसी को लागू किया जा रहा है, सरकार की योजना उसे देश के अन्य राज्यों में भी उसी तरह से लागू करने की है।
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इससे पहले असम गण परिषद के वीरेन्द्र प्रसाद वैश्य के पूरक प्रश्न के जवाब में गृह राज्य मंत्री नित्यानन्द राय ने कहा कि सरकार असम में एनआरसी लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही वह यह भी सुनिश्चित करेगी कि एनआरसी की प्रक्रिया में भारत का कोई भी नागरिक नहीं छूटे तथा किसी अवैध प्रवासी को इसमें स्थान न मिल सके।

राय ने कहा कि एनआरसी को लागू करने में सरकार की मंशा बिल्कुल साफ है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति और सरकार के पास 25 लाख से अधिक ऐसे आवेदन मिले हैं जिनमें यह कहा गया कि कुछ भारतीयों को भारत का नागरिक नहीं माना गया है जबकि एनआरसी में कुछ ऐसे नागरिकों को भारतीय मान लिया गया है, जो बाहर से आए हैं।


उन्होंने कहा कि सरकार ने उच्चतम न्यायालय से अनुरोध किया है कि इन आवेदनों पर विचार करने के लिए सरकार को थोड़ा और समय दिया जाए। राय ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुसार, असम में एनआरसी को 31 जुलाई 2019 तक प्रकाशित किया जाना है।

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