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Parliament Security Breach: अगर कैप्सूल में 'मदर ऑफ सेटन' होता तो आग के गोले में तब्दील हो सकती थी संसद

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Wed, 13 Dec 2023 04:19 PM IST
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सार
सुरक्षा मामलों से जुड़े एक सूत्र का कहना है कि इस घातक पाउडर को आतंकियों ने 'मदर ऑफ सेटन', जिसे 'शैतान की अम्मा' कहा जाता है, का नाम दिया गया है। अगर बिना जांच के इस पाउडर को देखते हैं, तो वह नमक की तरह होता है। इसे शरीर के किसी हिस्से में छिपाया जा सकता है...
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Parliament Security Breach: If the capsule contained Mother of Satan then Parliament could blast
Parliament Security Breach - फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar

विस्तार

संसद भवन पर हमले की 22वीं बरसी के दिन लोकसभा के भीतर छोड़े गए कलर स्मॉग कैप्सूल से हड़कंप मच गया है। सुरक्षा मामलों के जानकार, इसे बहुत बड़ी सुरक्षा चूक बता रहे हैं। दो युवकों ने तो सदन में एक सामान्य कलर स्मॉग कैप्सूल छोड़ा है। अगर इसकी जगह पर 'मदर ऑफ सेटन' होता, तो पूरी संसद आग के गोले में तब्दील हो सकती थी। 'मदर ऑफ सेटन' यानी ट्राई एसीटोन ट्राई परॉक्साइड, भी एक पाउडर की तरह होता है। यह देखने में सफेद नमक की तरह होता है। 'मदर ऑफ सेटन' भी सुरक्षा उपकरणों की पकड़ में नहीं आता। आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) द्वारा ट्राई एसीटोन ट्राई परॉक्साइड का इस्तेमाल किया जा रहा है।

सुरक्षा मामलों से जुड़े एक सूत्र का कहना है कि इस घातक पाउडर को आतंकियों ने 'मदर ऑफ सेटन', जिसे 'शैतान की अम्मा' कहा जाता है, का नाम दिया गया है। अगर बिना जांच के इस पाउडर को देखते हैं, तो वह नमक की तरह होता है। इसे शरीर के किसी हिस्से में छिपाया जा सकता है। जिस तरह से दवा के कैप्सूल होते हैं, उसकी तरह की पैकिंग में इस घातक सामग्री को रखा जा सकता है। यह किसी तरह के स्कैनर की पकड़ में भी नहीं आता। इसे हवा में निकलते ही अगर चिंगारी मिल जाए, तो यह पदार्थ एक ब्लास्ट की तरह आग पकड़ता है। चारों तरफ भयंकर आग लग जाती है। पेरिस और ब्रसेल्स में इस तरह के विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया था।   

सूत्रों ने बताया, अमोनियन नाइट्रेट, आरडीएक्स व टीएनटी आदि अगर खुले में लाए जाते हैं, तो उन्हें पकड़ा जा सकता है। इनके लिए जांच उकपरण तैयार किए गए हैं। दूसरी तरफ ट्राई एसीटोन ट्राई परॉक्साइड, को किसी भी तरह की जांच में पकड़ पाना बेहद मुश्किल है, इसे जूतों में एक पैकिंग में छिपाया जा सकता है। सुरक्षा कर्मी, जांच के दौरान इस पदार्थ को नहीं पकड़ पाते। इस पाउडर को लेकर किसी भी प्रतिष्ठान में एंट्री की जा सकती है। इस पदार्थ को जैसे ही गर्मी के संपर्क में लाया जाता है, तो वह ब्लास्ट हो जाता है। हालांकि उस पर दबाव पड़ना जरूरी होता है, इसलिए ट्राई एसीटोन ट्राई परॉक्साइड को जूतों के नीचे छिपाया जाता है। खास बात है कि इस विस्फोटक में नाइट्रोजन की बजाए कार्बन, हाइड्रोजन व ऑक्सीजन रहती है। अगर जूता बरसाती पानी में भी है, तो भी यह पदार्थ गलता नहीं है।

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