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Manipur Crisis: 'मणिपुर मुद्दे पर सिर्फ घड़ियाली आंसू बहा रहा विपक्ष', निर्मला सीतारमण का बड़ा हमला

Mon, 31 Jul 2023 04:21 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Mon, 31 Jul 2023 04:21 PM IST
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निर्मला सीतारमण। - फोटो : ANI

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष मणिपुर मुद्दे पर चर्चा में हिस्सा नहीं लेना चाहता। आज जब यह मुद्दा संसद में उठाया गया तो विपक्ष चर्चा से भागता नजर आया। विपक्ष के व्यवहार से दुखी हूं।

उन्होंने कहा कि मणिपुर जैसे संवेदनशील मसला विपक्ष के लिए सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा है। आज यह साबित हो गया कि वे मणिपुर मुद्दे पर सिर्फ मगरमच्छ के आंसू बहा रहे थे। अगर उन्हें वास्तव में परवाह होती, तो वे इस पर चर्चा करते।

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विपक्ष पर जमकर साधा निशाना
उन्होंने कहा कि आज आपने राज्यसभा में देखा कि आज सुबह सूची में मणिपुर मुद्दे पर चर्चा होनी तय थी। जब चर्चा शुरू होने का समय आया, तो विपक्ष ने इससे किनारा कर लिया। यह तो पहले से तय था। सदन के नेता इसके लिए तैयार थे। विपक्षी नेता भी इसके लिए तैयार थे, लेकिन जब समय आया तो सभी ने बाहर जाना जरूरी समझा। 



चर्चा के लिए सदन को चलने देने की अपील की 
वित्त मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि आइए चर्चा करिए। सरकार तैयार है। आपके नेता तो मणिपुर जाकर आएं हैं। वहां के लोगों से चर्चा कर के आए हैं। लोगों का दर्द साझा किया है। तो आइए चर्चा सदन में भी चर्चा करिए। सरकार इसके लिए पहले दिन से तैयार है। कोई भी रुकावट नहीं आएगी।

2012 से 2021 के बीच बाढ़ और भारी बारिश से 17,000 से अधिक लोगों की मौत
सरकार ने सोमवार को कहा कि देश में 2012 से 2021 के बीच बाढ़ और भारी बारिश से 17,000 से अधिक लोगों की मौत हुई है। जल शक्ति राज्य मंत्री बिश्वेश्वर टुडू ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कहा कि कम अवधि की उच्च तीव्रता वाली बारिश की बढ़ती घटनाएं मुख्य रूप से शहरी बाढ़ के लिए जिम्मेदार हैं, जो अनियोजित विकास, प्राकृतिक जल निकायों के अतिक्रमण और खराब जल निकासी प्रणाली के कारण और बढ़ जाती हैं। टुडू द्वारा सदन में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, भारत में 2012 से 2021 तक बाढ़ और भारी बारिश के कारण 17,422 मौतें हुईं।

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