फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Parliament loksabha rajysabha proceedings updates Minerals Mines Amendment Bill g kishan reddy

Parliament Updates: राज्यसभा में उठा खनन सुधार का मुद्दा, खनिज और खदान संशोधन विधेयक पर गरमाई बहस

Tue, 19 Aug 2025 04:19 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु चंदेल Updated Tue, 19 Aug 2025 04:19 PM IST
सार

राज्यसभा में खनिज और खदान संशोधन विधेयक, 2025 पर जोरदार बहस हुई। विपक्ष ने इसे राज्यों के अधिकारों पर चोट बताया और वॉकआउट किया। सरकार ने दावा किया कि यह विधेयक खनन क्षेत्र में सुधार लाकर महत्वपूर्ण खनिजों की खोज और उत्पादन को बढ़ावा देगा।

विज्ञापन
Parliament loksabha rajysabha proceedings updates Minerals Mines Amendment Bill g kishan reddy
राज्यसभा की कार्यवाही - फोटो : ANI

विस्तार

राज्यसभा में मंगलवार को खनिज और खदान (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2025 पर चर्चा शुरू हुई। यह विधेयक देश में खनन से जुड़े नियमों को आसान बनाने और खासतौर पर महत्वपूर्ण खनिजों के खनन के लिए नई व्यवस्था तैयार करने का लक्ष्य रखता है। यह विधेयक पहले ही लोकसभा से पारित हो चुका है और अब ऊपरी सदन में विचार के लिए लाया गया। विपक्ष ने इस दौरान बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण का मुद्दा उठाने की कोशिश की, लेकिन सभापति घनश्याम तिवारी ने स्पष्ट कर दिया कि सदन में केवल इस विधेयक पर चर्चा होगी। इसके बाद विपक्ष ने नारेबाजी की और वॉकआउट कर दिया।
विज्ञापन


कोयला एवं खनन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने विधेयक को सदन में पेश करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में खनन क्षेत्र में काफी बदलाव आया है और यह संशोधन आगे और सुधार लाएगा। उन्होंने कहा कि चाहे खनिज ब्लॉकों की नीलामी हो या खोज कार्य, यह विधेयक देश में एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला तैयार करेगा। मंत्री ने बताया कि स्वतंत्रता के बाद 2015 तक खनिजों की खोज ठीक से नहीं हो पाई थी। केवल भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग इस कार्य को करता था। 2015 में नेशनल मिनरल डेवलपमेंट एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट बनाया गया और अब इस विधेयक से और पारदर्शिता आएगी।
विज्ञापन


विपक्ष ने राज्यों के अधिकारों पर उठाए सवाल
विधेयक पेश होने पर सीपीआई(एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने आपत्ति जताई और कहा कि यह राज्यों के अधिकारों का उल्लंघन करता है। उन्होंने दलील दी कि भूमि राज्य का विषय है, इसलिए केंद्र को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। एआईएडीएमके सांसद एम. थंबीदुरई ने भी इसी मुद्दे को उठाया और कहा कि यह विधेयक राज्यों के अधिकारों पर असर डालेगा। हालांकि, विपक्ष की आपत्तियों को सदन की कुर्सी ने खारिज कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- 'विदेशी ताकतों के कहने पर देश से किया विश्वासघात', अंतरिक्ष मिशन को लेकर भाजपा का कांग्रेस पर हमला

समर्थन और आलोचना दोनों
भाजपा सांसद भीम सिंह ने विधेयक को सरकार के सुधारों की एक और कड़ी बताया। वाईएसआर कांग्रेस के सांसद अयोध्या रामी रेड्डी ने इसका स्वागत करते हुए कहा कि यह विधेयक जरूरी खनिजों की खोज और उत्पादन को बढ़ावा देगा, जिससे भारत आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को हासिल कर सकेगा। बीजू जनता दल के सांसद मानस रंजन मंगराज ने हालांकि चिंता जताई कि इस विधेयक में खनन से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को दूर करने का कोई ठोस प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि ओडिशा जैसे राज्यों में खनिज संपदा वरदान की बजाय अभिशाप साबित हो रही है। खनन से प्रदूषण और क्षति बढ़ रही है, लेकिन इन जिलों को उनका उचित हिस्सा नहीं मिल रहा।

भारत की आत्मनिर्भरता के लिए अहम कदम
शिंदे वाली शिवसेना के सांसद मिलिंद देवड़ा ने इस विधेयक को भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ खनन नीति में सुधार नहीं है बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक रणनीतिक आवश्यकता है। कुल मिलाकर, खनिज और खदान संशोधन विधेयक, 2025 को लेकर संसद में सियासी घमासान देखने को मिला। विपक्ष ने इसे राज्यों के अधिकारों पर चोट बताया, तो सरकार और उसके सहयोगियों ने इसे आत्मनिर्भर भारत की नींव करार दिया।

ये भी पढ़ें- कर्नाटक सरकार की शक्ति योजना ने बनाया ऐतिहासकि विश्व रिकॉर्ड, महिलाओं के लिए बनी सबसे बड़ी ताकत

महाराष्ट्र की को-ऑपरेटिव सोसायटियों के लिए लिक्विडेटर नियुक्त
केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा में बताया कि महाराष्ट्र की चार मल्टी-स्टेट को-ऑपरेटिव सोसायटियों जिजाऊ, ज्ञानराधा, शुभ कल्याण और राजस्थानी की परिसंपत्तियों के परिसमापनके लिए लिक्विडेटर नियुक्त कर दिए गए हैं। शाह ने कहा कि यह कदम सदस्यों को समयबद्ध तरीके से भुगतान सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। ये सोसायटियां “निर्दिष्ट मल्टी-स्टेट को-ऑपरेटिव सोसायटी” की श्रेणी में नहीं आतीं, इसलिए इनके लिए प्रशासक नियुक्त नहीं किए जा सकते।

उन्होंने बताया कि शिकायतों के आधार पर केंद्रीय रजिस्ट्रार ने महाराष्ट्र सरकार के रजिस्ट्रार से जांच कराई। जांच रिपोर्टों के बाद आपत्तियां मांगी गईं, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर मल्टी-स्टेट को-ऑपरेटिव सोसायटी अधिनियम, 2002 की धारा 86 के तहत विंडिंग-अप आदेश पारित कर दिए गए। इसके बाद धारा 89 के तहत लिक्विडेटर नियुक्त किए गए। शाह ने कहा कि जमाकर्ताओं और सदस्यों के अधिकारों की रक्षा के लिए 2023 में संशोधित अधिनियम और नियमों के माध्यम से कई प्रावधान जोड़े गए हैं।

दुर्लभ खनिजों पर चीन की पाबंदी से इलेक्टि्रक वाहन इंडस्ट्री पर पड़ा असर
वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में बताया कि चीन ने दुर्लभ अर्थ मैग्नेट्स के निर्यात पर रोक लगा दी है, जिसका असर अब भारत की कई इंडस्ट्री पर दिख रहा है। खासतौर पर इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) बनाने वाली कंपनियां सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। एक प्रश्न के जवाब में मंत्री ने कहा, सरकार ने ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना, जाम्बिया, पेरू, जिम्बाब्वे, मोजाम्बिक  व मलावी जैसे देशों के साथ समझौते किए हैं, ताकि जरूरी खनिजों की सप्लाई बनी रहे। खनन मंत्रालय भी यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है।

चार सहकारी समितियों की संपत्तियां होंगी नीलाम
सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा में बताया कि महाराष्ट्र की चार बहु-राज्य सहकारी समितियों की संपत्तियों को नीलाम करने के लिए लिक्विडेटर (परिसमापक) नियुक्त किए गए हैं। इनमें जीजाऊ, ज्ञानराधा, शुभ कल्याण और राजस्थानी बहु-राज्य सहकारी समितियां शामिल हैं। इन समितियों को निर्दिष्ट समिति का दर्जा नहीं है, इसलिए इनमें प्रशासक नियुक्त नहीं किए जा सकते।

गुजरात में रोजाना 250 लाख लीटर दूध की खरीद
सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में बताया कि गुजरात में दूध खरीद में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। राज्य में वर्ष 2001-02 में हर दिन 50 लाख लीटर दूध खरीदा जाता था, अब 2024-25 में यह बढ़कर 250 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है। इससे किसानों की आमदनी में इजाफा हुआ है। पिछले 15 वर्षों में किसानों को मिलने वाली दूध की कीमत 140 फीसदी बढ़ी है। इस सफलता के पीछे राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (एनपीडडी), डेयरी प्रोसेसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (डीआईडीएफ) और पशुपालन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड जैसी कई योजनाओं का योगदान है।

 

आपातकाल में एक करोड़ से अधिक लोगों की कराई गई नसबंदी : सरकार
तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासनकाल में 1975 से 1977 के बीच लगे आपातकाल में देशभर में 1.07 करोड़ से ज्यादा लोगों की नसबंदी कराई गई। यह संख्या उस समय सरकार की ओर से तय 67.40 लाख के लक्ष्य से कहीं ज्यादा थी। मंगलवार को लोकसभा में एक प्रश्न के जवाब में गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा, ये आंकड़े जस्टिस जेसी शाह आयोग की रिपोर्ट से लिए गए हैं। आपातकाल के दौरान हुई अनियमितताओं व जबरदस्ती परिवार नियोजन कार्यक्रम लागू करने के मामलों की जांच के लिए 28 मई, 1977 को शाह आयोग का गठन हुआ था। आंकड़ों के मुताबिक, 1975-76 में 24.85 लाख नसबंदी का लक्ष्य था, पर यह बढ़कर 26.24 लाख हो गया।

शाह आयोग ने सौंपी तीन रिपोर्ट
नित्यानंद ने कहा, शाह आयोग को  548 शिकायतें मिलीं, जिनमें कहा गया कि अविवाहित लोगों की जबरन नसबंदी की गई, जबकि 1,774 मौतें नसबंदी से जुड़ी दर्ज हुईं। आयोग की रिपोर्ट 31 अगस्त, 1978 को संसद में पेश की गई थी। आयोग ने सार्वजनिक सुनवाई, गवाहों व आधिकारिक दस्तावेज के आधार पर 1978 से 1979 के बीच तीन रिपोर्ट सौंपी थीं।

स्टैंड-अप इंडिया योजना के तहत 62791 करोड़ का कर्ज स्वीकृत
वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में बताया कि बैंकों ने स्टैंड-अप इंडिया योजना के तहत अब तक 2,75,291 लाभार्थियों को कुल 62,791 करोड़ रुपये के कर्ज स्वीकृत किए हैं। यह योजना 5 अप्रैल, 2016 को शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य एससी-एसटी व महिलाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देना है। इसके तहत वाणिज्यिक बैंकों की प्रत्येक शाखा से कम से कम एक एससी/एसटी और एक महिला उद्यमी को 10 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का ऋण देने का प्रावधान है। ऋण नए ग्रीनफील्ड उद्यम लगाने के लिए दिए जाते हैं, जिनमें व्यापार, विनिर्माण, सेवाएं व कृषि गतिविधियां शामिल हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed