फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Parliament hosts empowering event for 500+ women panchayat representatives from across India

Parliament: 'पंचायत से संसद तक’ कार्यक्रम में भाग लेने संसद पहुंची 500 महिलाएं, लोकसभा अध्यक्ष ने कही ये बात

Fri, 05 Jan 2024 11:13 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 05 Jan 2024 11:13 PM IST
सार

Parliament: ओम बिरला ने कहा कि लैंगिक समानता पर हमारे संविधान के उद्देश्यों और मौजूदा वास्तविकताओं के बीच की दूरी को अभी पूरी तरह से पाटना बाकी है। सरकार की हालिया पहलों ने महिलाओं को राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक जीवन में मुख्यधारा में लाने के लिए समान अवसर प्रदान किए हैं। 

विज्ञापन
Parliament hosts empowering event for 500+ women panchayat representatives from across India
ओम बिरला - फोटो : एएनआई

विस्तार

संसद ने शुक्रवार को विभिन्न राज्यों की पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों की विभिन्न पृष्ठभूमि की 500 से अधिक महिला प्रतिनिधियों के लिए 'पंचायत से संसद तक' नामक एक कार्यक्रम की मेजबानी की। जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर की महिला नेताओं को सशक्त बनाना और उनका समर्थन करना है।

विज्ञापन

पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों की महिला प्रतिनिधियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन संवैधानिक संसदीय अध्ययन संस्थान (आईसीपीएस) ने राष्ट्रीय महिला आयोग के समन्वय से किया था। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत विकास और महिला सशक्तिकरण में महिलाओं की भागीदारी से महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास और महिला नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र करते हुए बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने संसद के नए भवन के पहले ही सत्र में ऐतिहासिक अधिनियम पारित किया। इस अधिनियम का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में कुल सीटों का एक-तिहाई महिलाओं के लिए आरक्षित करना है। यह निर्णय लेने की प्रक्रिया में नेतृत्व की भूमिका में महिलाओं को लाने में एक गेम-चेंजर साबित होगा।

विज्ञापन

बिरला ने कहा कि लैंगिक समानता पर हमारे संविधान के उद्देश्यों और मौजूदा वास्तविकताओं के बीच की दूरी को अभी पूरी तरह से पाटना बाकी है। सरकार की हालिया पहलों ने महिलाओं को राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक जीवन में मुख्यधारा में लाने के लिए समान अवसर प्रदान किए हैं। 

बिरला ने भारत की गौरवशाली आर्थिक यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि आज भारत दुनिया के लिए एजेंडा तय कर रहा है। भारतीय महिलाएं और युवा अन्य देशों के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने देश में आर्थिक विकास की गति को तेज करने के लिए हमारे गांवों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ग्रामीण विकास में महात्मा गांधी के दृष्टिकोण को साकार कर रहे हैं।

महिलाओं के विकास पर बोलते हुए बिरला ने कहा कि महिलाएं सभी क्षेत्रों में विकास में सबसे आगे हैं। हालांकि, हमें इस अंतर को पाटने की जरूरत है ताकि विकास की मौजूदा गति तेज हो। उन्होंने कहा कि लैंगिक समानता के बिना गरीबी उन्मूलन, आर्थिक वृद्धि, सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण की मौजूदा चुनौतियों को हासिल करना मुश्किल होगा। बिरला ने पंचायतों को ग्रामीण स्तर पर बदलाव का वाहक बनाने का आह्वान किया और कहा कि पंचायतें ग्रामीण विकास की जीवनदायिनी के रूप में उभर रही हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed