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Parliament: ऐतिहासिक बदलाव की दहलीज पर संसद, आज पेश होंगे महिला आरक्षण व परिसीमन से जुड़े विधेयक
Thu, 16 Apr 2026 03:58 AM IST
Nitin Gautam
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitin Gautam
Updated Thu, 16 Apr 2026 03:58 AM IST
सार
परिसीमन को लेकर दक्षिण के राज्यों में नाराजगी भी है। इस पर सरकार ने कहा है कि दक्षिण के राज्यों से नहीं होगा सौतेला व्यवहार। हर राज्य के लिए एक समान 50 फीसदी सीटों की बढ़ोतरी होगी।
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भारतीय संसद
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं की सीटों में बढ़ोतरी के लिए परिसीमन के प्रस्ताव को लेकर सरकार व विपक्ष के बीच घमासान होना तय है। गुरुवार से शुरू हो रहे संसद के विस्तारित सत्र में सरकार ने प्रस्ताव को अमली जामा पहनाने के लिए कमर कस ली है, वहीं कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दल परिसीमन के विरोध में आ गए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण को देश में मुद्दा बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। ऐसे में विपक्ष महिला आरक्षण का विरोध करता नहीं दिख सकता, पर परिसीमन पर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है।
संसद के बजट सत्र की तीन दिवसीय विस्तारित बैठक के पहले ही दिन बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार लोकसभा में बड़े बदलाव की नींव रखने जा रही है। इसमें लोकसभा और देश के सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों की विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए संविधान (131वां) संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा। महिला आरक्षण इसी का अंग होगा।
इनके अलावा, परिसीमन विधेयक और केंद्रशासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक भी पेश किए जाएंगे। सरकार ने स्पष्ट किया कि नए परिसीमन में देश के किसी भी हिस्से, विशेषकर दक्षिण भारतीय राज्यों के साथ कोई अन्याय नहीं होगा।
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दक्षिण राज्यों को आशंका है कि जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन के कारण नए परिसीमन में उनकी लोकसभा सीटें घट सकती हैं। सरकार ने इस शंका को पूरी तरह खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि सीटों की बढ़ोतरी हर राज्य के लिए एकसमान 50 फीसदी होगी। लोकसभा में सीटों की अधिकतम सीमा 850 तय की गई है, जिसे आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। किसी भी राज्य की सीटों में कटौती का सवाल ही नहीं उठता।
सरकार का कहना है, 1976 के बाद से लोकसभा सीटों में बदलाव नहीं हुआ है, इसलिए स्पष्ट और नया परिसीमन समय की मांग है। परिसीमन प्रक्रिया आखिरी प्रकाशित जनगणना (2011) के आधार पर पूरी की जाएगी। राज्याें के लिए सीटों की संख्या तय नहीं है। हर राज्य के लिए परिसीमन आयोग बनेगा। आयोग राज्य के सभी दलों से चर्चा के बाद सीटों का अंतिम निर्धारण करेगा।
संसद का विस्तारित सत्र
लोकसभा में 16 अप्रैल को तीनों विधेयकों पर चर्चा होगी। 18 घंटे का समय तय।
17 अप्रैल : मतदान के साथ लोकसभा में यह प्रक्रिया पूरी होगी।
18 अप्रैल : लोकसभा से पास होने के बाद इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। 10 घंटे की चर्चा के बाद मतदान होगा।
ये विधेयक होंगे पेश
संविधान (131वां) संशोधन-2026
परिसीमन विधेयक-2026
संघ शासित क्षेत्र कानून (संशोधन) विधेयक-2026
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संसद के बजट सत्र की तीन दिवसीय विस्तारित बैठक के पहले ही दिन बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार लोकसभा में बड़े बदलाव की नींव रखने जा रही है। इसमें लोकसभा और देश के सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों की विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए संविधान (131वां) संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा। महिला आरक्षण इसी का अंग होगा।
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इनके अलावा, परिसीमन विधेयक और केंद्रशासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक भी पेश किए जाएंगे। सरकार ने स्पष्ट किया कि नए परिसीमन में देश के किसी भी हिस्से, विशेषकर दक्षिण भारतीय राज्यों के साथ कोई अन्याय नहीं होगा।
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दक्षिण राज्यों को आशंका है कि जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन के कारण नए परिसीमन में उनकी लोकसभा सीटें घट सकती हैं। सरकार ने इस शंका को पूरी तरह खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि सीटों की बढ़ोतरी हर राज्य के लिए एकसमान 50 फीसदी होगी। लोकसभा में सीटों की अधिकतम सीमा 850 तय की गई है, जिसे आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। किसी भी राज्य की सीटों में कटौती का सवाल ही नहीं उठता।
सरकार का कहना है, 1976 के बाद से लोकसभा सीटों में बदलाव नहीं हुआ है, इसलिए स्पष्ट और नया परिसीमन समय की मांग है। परिसीमन प्रक्रिया आखिरी प्रकाशित जनगणना (2011) के आधार पर पूरी की जाएगी। राज्याें के लिए सीटों की संख्या तय नहीं है। हर राज्य के लिए परिसीमन आयोग बनेगा। आयोग राज्य के सभी दलों से चर्चा के बाद सीटों का अंतिम निर्धारण करेगा।
संसद का विस्तारित सत्र
लोकसभा में 16 अप्रैल को तीनों विधेयकों पर चर्चा होगी। 18 घंटे का समय तय।
17 अप्रैल : मतदान के साथ लोकसभा में यह प्रक्रिया पूरी होगी।
18 अप्रैल : लोकसभा से पास होने के बाद इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। 10 घंटे की चर्चा के बाद मतदान होगा।
ये विधेयक होंगे पेश
संविधान (131वां) संशोधन-2026
परिसीमन विधेयक-2026
संघ शासित क्षेत्र कानून (संशोधन) विधेयक-2026